शुभ दीपावली

रोशनी और खुशियों का यह पावन पर्व आपके जीवन को जगमगा दे!

शिवहर में बच्चों की समस्याएं सुनेंगे न्यायाधीश, सुरक्षित बचपन पर बड़ा अभियान

📌 पटना और बिहार के सभी ज़िलों की ताज़ा ख़बरें सीधे अपने मोबाइल पर पाएं!

👉 WhatsApp से जुड़ें

 

शिवहर में बच्चों की समस्याएं सुनेंगे न्यायाधीश, सुरक्षित बचपन पर बड़ा अभियान

शिवहर में बच्चों के अधिकारों और सुरक्षित भविष्य को लेकर एक महत्वपूर्ण जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। सुरक्षित बचपन अभियान के तहत श्री नवाब हाई स्कूल में छात्र-छात्राओं को शिक्षा, सुरक्षा, सम्मान और कानूनी संरक्षण के बारे में जानकारी दी गई। कार्यक्रम में बच्चों ने अपनी समस्याएं भी साझा कीं, जिनके जल्द समाधान का आश्वासन प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश संजय अग्रवाल ने दिया। सुरक्षित बचपन अभियान का मुख्य संदेश रहा—हर बच्चे को भयमुक्त वातावरण, शिक्षा और सम्मान के साथ आगे बढ़ने का अवसर मिलना चाहिए।

शिवहर के स्कूल में ‘मेरा बचपन, मेरा अधिकार’ कार्यक्रम

राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA), नई दिल्ली के निर्देश और बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, पटना के तत्वावधान में यह कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, शिवहर के नेतृत्व में हुए इस आयोजन का मुख्य विषय ‘मेरा बचपन, मेरा अधिकार’ रखा गया।

कार्यक्रम का नेतृत्व प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष संजय अग्रवाल ने किया। वहीं, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव ललन कुमार राजक ने कार्यक्रम के संचालन संबंधी दिशा-निर्देश दिए।

इस अवसर पर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी महेश शुक्ला, पॉक्सो अधिनियम से संबंधित विशेष न्यायालय के विशेष न्यायाधीश दीपांजन मिश्रा और जिला शिक्षा पदाधिकारी दुर्गा प्रसाद यादव भी मौजूद रहे। विद्यालय के प्रधानाध्यापक, शिक्षक-शिक्षिकाओं और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया।

बच्चों के अधिकारों की रक्षा करना सबकी जिम्मेदारी

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश संजय अग्रवाल ने बच्चों को सुरक्षित, भयमुक्त और सम्मानजनक वातावरण उपलब्ध कराने की आवश्यकता पर जोर दिया।

उन्होंने बताया कि प्रत्येक बच्चे को शिक्षा, सुरक्षा, विकास और सम्मान के साथ जीवन जीने का अधिकार है। इन अधिकारों की रक्षा करना केवल सरकार या प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि परिवार, विद्यालय और पूरे समाज का साझा दायित्व है।

कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक करना और उन्हें किसी भी प्रकार के शोषण के खिलाफ आवाज उठाने के लिए प्रोत्साहित करना था। जागरूकता से बच्चे अपनी समस्याएं पहचान सकते हैं और जरूरत पड़ने पर उचित सहायता प्राप्त कर सकते हैं।

पॉक्सो कानून और बाल शोषण से बचाव की जानकारी

विशेष न्यायाधीश दीपांजन मिश्रा ने बच्चों के विरुद्ध होने वाले लैंगिक अपराधों से संबंधित कानूनी प्रावधानों और पॉक्सो अधिनियम के तहत उपलब्ध संरक्षण की जानकारी दी।

उन्होंने छात्र-छात्राओं को अनुचित व्यवहार या शोषण की स्थिति में चुप रहने के बजाय किसी विश्वसनीय व्यक्ति से सहायता लेने के लिए प्रेरित किया। बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए समय पर शिकायत और उचित कानूनी सहायता महत्वपूर्ण है।

मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी महेश शुक्ला ने भी बाल अधिकारों के प्रति जागरूकता और कानून के पालन की अहमियत बताई। उन्होंने बच्चों के सुरक्षित भविष्य के निर्माण में समाज की भूमिका पर अपने विचार रखे।

बाल विवाह रोकने और शिक्षा को बढ़ावा देने पर जोर

कार्यक्रम में अदिथि कवच परियोजना, शिवहर की जिला कार्यक्रम समन्वयक कोमल कुमारी ने बाल विवाह निषेध कानून, बच्चों के अधिकारों और संरक्षण से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी दी।

उन्होंने कहा कि हर बच्चे को सुरक्षित बचपन, शिक्षा और विकास के समान अवसर मिलने चाहिए। बाल विवाह और बाल शोषण जैसी समस्याओं को रोकने के लिए परिवार, स्कूल और समाज के सभी लोगों को सतर्क रहना होगा।

कम उम्र में विवाह बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य और भविष्य के अवसरों को प्रभावित कर सकता है। इसलिए बच्चों को पढ़ाई जारी रखने और किसी दबाव या शोषण की स्थिति में सहायता लेने के लिए जागरूक करना जरूरी है।

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव ललन कुमार राजक ने यह भी बताया कि पात्र व्यक्तियों को निःशुल्क विधिक सहायता उपलब्ध कराने की व्यवस्था है। इसका उद्देश्य जरूरतमंद लोगों तक न्याय और कानूनी मार्गदर्शन पहुंचाना है।

बच्चों ने साझा कीं समस्याएं, न्यायाधीश ने दिया आश्वासन

इस कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण पहलू यह रहा कि छात्र-छात्राओं ने अपनी समस्याएं भी अधिकारियों के सामने रखीं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश संजय अग्रवाल ने उनकी समस्याओं के शीघ्र निदान का आश्वासन दिया।

बच्चों ने अपने हाथों से बनाया गया चित्र भी न्यायाधीश को भेंट किया। इस गतिविधि ने कार्यक्रम को बच्चों के साथ सीधे संवाद का अवसर बनाया।

कार्यक्रम में जिला शिक्षा पदाधिकारी दुर्गा प्रसाद यादव ने धन्यवाद ज्ञापन किया। अदिथि कवच परियोजना के कंसल्टेंट विशेष मुकुंद कुमार चौधरी ने मंच संचालन किया। परियोजना के प्रतिनिधि शिवम कुमार, रामायण कुमार, सीतांशु कुमार और अभिषेक कुमार ने भी सक्रिय भूमिका निभाई।

विद्यालय के शिक्षकों की भागीदारी ने बच्चों की सुरक्षा और संरक्षण में शैक्षणिक संस्थानों की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया।

बच्चों की मदद के लिए जारी किए गए हेल्पलाइन नंबर

कार्यक्रम के दौरान बच्चों और जरूरतमंद लोगों को सहायता के लिए संपर्क नंबरों की जानकारी दी गई। किसी समस्या या आपात स्थिति में उचित माध्यम से मदद लेना जरूरी है।

  • जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, शिवहर: 7070092435

  • नालसा हेल्पलाइन: 15100

  • चाइल्ड हेल्पलाइन: 1098

  • पुलिस आपातकालीन हेल्पलाइन: 112

बच्चों के अधिकारों से जुड़ी कानूनी सहायता के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से संपर्क किया जा सकता है। तत्काल खतरे की स्थिति में पुलिस या संबंधित आपातकालीन सेवा से मदद लेनी चाहिए।

सुरक्षित बचपन से ही बनेगा उज्ज्वल भविष्य

शिवहर के श्री नवाब हाई स्कूल में आयोजित इस जागरूकता कार्यक्रम ने बच्चों को अपने अधिकारों, सुरक्षा और कानूनी सहायता के विकल्पों के बारे में जानकारी दी। ऐसे कार्यक्रम बच्चों को अपनी समस्याएं सामने रखने और समय पर मदद मांगने का भरोसा दे सकते हैं।

बाल विवाह और बाल शोषण की रोकथाम के लिए केवल जागरूकता कार्यक्रम ही नहीं, बल्कि परिवार, स्कूल, प्रशासन और समाज का लगातार सहयोग भी जरूरी है।

कार्यक्रम का संदेश स्पष्ट रहा—“मेरा बचपन, मेरा अधिकार — सुरक्षित बचपन, उज्ज्वल भविष्य।”

🛍️ ऑनलाइन शॉपिंग करें
Amazon, Flipkart, Myntra और AJIO पर खरीदारी करें
यहाँ से खरीदारी करने पे एक्स्ट्रा डिस्काउंट मिल सकता है।
Next Post Previous Post
"ताज़ा ख़बरें पाएं"
1