शिवहर में दीपावली से पहले बदलेगी स्कूलों और सरकारी भवनों की सूरत, DM ने दिए सख्त निर्देश
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शिवहर में सेवा संकल्प एवं कायाकल्प अभियान के तहत चल रहे विकास कार्यों को लेकर जिला प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है। डीएम प्रतिभा रानी ने समीक्षा बैठक में स्पष्ट किया कि सेवा संकल्प एवं कायाकल्प अभियान के अंतर्गत स्वीकृत कार्यों को केवल कागजों तक सीमित नहीं रखा जाए, बल्कि उन्हें धरातल पर पूरा किया जाए। उन्होंने दीपावली से पहले चिह्नित भवनों और परिसरों में रंग-रोगन का काम शत-प्रतिशत पूरा करने, पोर्टल पर सही जानकारी अपडेट करने और लंबित कार्यों में तेजी लाने का निर्देश दिया।
जिला पदाधिकारी की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में विभागवार और प्रखंडवार प्रगति की समीक्षा की गई। इस दौरान पोर्टल पर दर्ज विवरण, रंग-रोगन की स्थिति और अधूरे कार्यों पर चर्चा हुई। धीमी प्रगति सामने आने पर डीएम ने संबंधित अधिकारियों को जिम्मेदारी के साथ काम पूरा करने को कहा।
दीपावली से पहले पूरा करना होगा रंग-रोगन का काम
बैठक में डीएम प्रतिभा रानी ने चिह्नित सरकारी भवनों और परिसरों में रंग-रोगन का काम दीपावली से पहले पूरा करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्धारित समयसीमा के भीतर काम पूरा कराने और उसकी गुणवत्ता पर भी ध्यान देने का निर्देश दिया।
प्रशासन का जोर केवल रंग-रोगन पूरा दिखाने पर नहीं, बल्कि वास्तविक कार्य की स्थिति सुनिश्चित करने पर है। इसके लिए अधिकारियों को नियमित निगरानी करनी होगी, ताकि समयसीमा के भीतर काम पूरा हो सके और गुणवत्ता से समझौता न हो।
पोर्टल पर गलत या अधूरी जानकारी नहीं चलेगी
समीक्षा बैठक में पोर्टल पर प्रदर्शित कार्यों की धीमी प्रगति को लेकर डीएम ने नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि अभियान के तहत लिए गए कार्यों की वास्तविक स्थिति पोर्टल पर नियमित रूप से अपडेट होनी चाहिए।
संबंधित विभागों और प्रखंडों को निर्देश दिया गया कि वे शुरू नहीं हुए, प्रगतिरत और पूरे हो चुके कार्यों का विवरण स्पष्ट रूप से दर्ज करें। इससे समीक्षा के दौरान यह पता चल सकेगा कि किस योजना में कितना काम हुआ है और कहां अभी कार्रवाई की जरूरत है।
डीएम ने यह भी स्पष्ट किया कि पोर्टल से जुड़ी तकनीकी परेशानी के कारण स्थल पर काम रोककर नहीं रखा जाना चाहिए। तकनीकी समस्याओं के समाधान के साथ-साथ कार्यों की भौतिक प्रगति भी सुनिश्चित करनी होगी।
BDO को नियमित निगरानी और लंबित कार्यों में तेजी लाने का निर्देश
सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों (BDO) को अपने-अपने क्षेत्रों में चल रहे कार्यों की नियमित निगरानी करने को कहा गया। उन्हें संबंधित विभागीय अधिकारियों के साथ समन्वय बनाकर लंबित कार्यों को आगे बढ़ाने और रास्ते में आने वाली बाधाओं को दूर करने की जिम्मेदारी दी गई।
प्रशासन चाहता है कि योजनाओं की प्रगति केवल बैठकों और रिपोर्टों तक सीमित न रहे। इसके लिए अधिकारियों को कार्यस्थलों की वास्तविक स्थिति पर नजर रखनी होगी और जरूरत के अनुसार समय पर कदम उठाने होंगे।
स्कूलों के काम की निगरानी करेंगे जिला शिक्षा पदाधिकारी
शिक्षा विभाग से जुड़े कार्यों को लेकर भी डीएम ने विशेष निर्देश दिए। जिला शिक्षा पदाधिकारी को अभियान के अंतर्गत संचालित कार्यों की व्यक्तिगत रूप से निगरानी करने को कहा गया।
उन्हें प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों के माध्यम से विद्यालयवार प्रगति की समीक्षा करने और जहां सुधार की जरूरत हो, वहां आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। इसका उद्देश्य स्कूलों में चिह्नित कार्यों को तय समयसीमा के भीतर पूरा कराना और उनकी वास्तविक स्थिति का नियमित आकलन करना है।
योजनावार प्रगति रिपोर्ट होगी तैयार, अगले सप्ताह निरीक्षण
बैठक में निदेशक, राष्ट्रीय नियोजन कार्यक्रम (NEP) को योजनावार प्रगति प्रतिवेदन तैयार करने का निर्देश दिया गया। रिपोर्ट में प्रत्येक योजना की मौजूदा स्थिति स्पष्ट रूप से दर्ज करनी होगी, ताकि अधूरे कार्यों की पहचान कर उनके निष्पादन की समीक्षा की जा सके।
डीएम ने बताया कि अगले सप्ताह कार्यस्थलों का स्थलीय निरीक्षण किया जाएगा। इसके मद्देनजर संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि स्थल पर मौजूद स्थिति और सरकारी अभिलेखों में दर्ज विवरण एक-दूसरे से मेल खाने चाहिए। निरीक्षण के लिए जरूरी दस्तावेज और प्रगति संबंधी जानकारी भी तैयार रखनी होगी।
स्थलीय निरीक्षण से प्रशासन को यह समझने में मदद मिलेगी कि किस काम में कितनी प्रगति हुई है और किन योजनाओं को पूरा करने के लिए अतिरिक्त प्रयास की आवश्यकता है।
भूमिहीन विद्यालयों को जमीन उपलब्ध कराने की पहल
बैठक में भूमिहीन विद्यालयों का मुद्दा भी उठाया गया। डीएम ने संबंधित अंचल अधिकारियों को ऐसे विद्यालयों के लिए भूमि उपलब्ध कराने की दिशा में आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया।
उन्होंने शिक्षा और राजस्व विभाग के अधिकारियों को आपसी समन्वय से इन मामलों का निष्पादन तेज करने को कहा। भूमि से संबंधित बाधाओं को दूर करना इस प्रक्रिया का अहम हिस्सा होगा, ताकि संबंधित विद्यालयों के मामलों में आगे की कार्रवाई की जा सके।
बैठक में कई विभागों के अधिकारी रहे मौजूद
समीक्षा बैठक में उप विकास आयुक्त, निदेशक (NEP), निदेशक (लेखा), सिविल सर्जन, जिला शिक्षा पदाधिकारी और जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (ICDS) सहित कई जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे। इसके अलावा प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचल अधिकारी, बाल विकास परियोजना पदाधिकारी, प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी और कार्यक्रम पदाधिकारी (VB–G RAM G) समेत अन्य संबंधित अधिकारियों ने भी भाग लिया।
डीएम प्रतिभा रानी ने सभी संबंधित अधिकारियों को अभियान के कार्यों को प्राथमिकता देने और समयबद्ध तरीके से पूरा करने का निर्देश दिया। अब अगले सप्ताह होने वाले स्थलीय निरीक्षण में कार्यों की वास्तविक स्थिति और पोर्टल पर दर्ज प्रगति के बीच तालमेल पर भी नजर रहेगी।
