किस्त लेकर एजेंट फरार, शिवहर में डिजिटल बैंक के ग्राहक परेशान
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शिवहर में पैसा लो डिजिटल बैंक के ग्राहकों की परेशानी बढ़ गई है। पैसा लो डिजिटल बैंक के एक एजेंट पर कई ग्राहकों से महीनों की किस्त की रकम लेने के बाद फरार होने का आरोप लगा है। ग्राहकों का कहना है कि एजेंट ने घर-घर जाकर पैसे तो लिए, लेकिन बैंक खाते में जमा नहीं किए। इसके चलते उनके लोन पर ओवरड्यू (OD) लग गया है।
OD की वजह से कई ग्राहक दूसरे बैंकों से नया ऋण नहीं ले पा रहे हैं। नाराज उपभोक्ताओं ने अनुमंडल गेट के पास स्थित बैंक के कार्यालय पहुंचकर हंगामा किया और अपनी समस्या के समाधान की मांग की।
कई महीनों की किस्त लेकर एजेंट पर फरार होने का आरोप
मामला शिवहर अनुमंडल गेट के पास एक छोटे से कार्यालय में संचालित पैसा लो डिजिटल लिमिटेड बैंक से जुड़ा है। ग्राहकों का दावा है कि बैंक का एजेंट गोविंदा घर-घर जाकर लोन की मासिक किस्त वसूलता था।
कई उपभोक्ताओं के मुताबिक एजेंट ने उनसे दो से लेकर पांच महीने तक की किस्त वसूली, लेकिन रकम बैंक में जमा नहीं की। बाद में एजेंट के संपर्क से बाहर होने के बाद ग्राहकों को अपने लोन खाते में बकाया और OD की स्थिति का पता चला।
इससे उन लोगों की आर्थिक परेशानी बढ़ गई है, जो छोटे कारोबार या घरेलू जरूरतों के लिए बैंक से ऋण लेकर किस्त चुका रहे थे।
55 हजार के लोन की किस्त जमा करने का दावा
ग्राहकों में शामिल माधुरी देवी, कमरू निशा, सबीरा खातून, मुबीना खातून और नजमा खातून सहित कई लोगों ने अपनी शिकायत सामने रखी।
एक उपभोक्ता ने बताया कि उन्होंने बैंक से करीब 55 हजार रुपये का ऋण लिया था। इसके बदले लगभग 2,800 रुपये प्रतिमाह की किस्त जमा करनी थी और करीब दो साल तक भुगतान करना था।
ग्राहकों का कहना है कि वे नियमित रूप से एजेंट को किस्त की रकम देते रहे। घर से रकम लेने के बावजूद एजेंट ने कथित तौर पर उसे बैंक में जमा नहीं किया।
अब ग्राहकों के सामने दोहरी परेशानी है। एक तरफ उनके पास एजेंट को भुगतान करने का दावा है, जबकि दूसरी तरफ बैंक रिकॉर्ड में किस्त जमा नहीं दिखने के कारण OD की स्थिति बनी हुई है।
OD लगने से दूसरे बैंक से भी ऋण लेने में परेशानी
ग्राहकों की सबसे बड़ी चिंता लोन खाते पर लगाए गए OD को लेकर है। उनका कहना है कि इस वजह से दूसरे बैंक से भी ऋण लेने में परेशानी हो रही है।
छोटे कारोबार करने वाले कुछ ग्राहकों का कहना है कि अगर OD की समस्या दूर हो जाए तो वे किसी अन्य बैंक से ऋण लेकर अपना व्यवसाय दोबारा चला सकते हैं।
ग्राहकों ने बैंक प्रबंधन से मांग की है कि पहले उनके खातों से OD की समस्या दूर की जाए और एजेंट द्वारा ली गई रकम का हिसाब स्पष्ट किया जाए।
बैंक ने माना, एजेंट के खिलाफ होगी कार्रवाई
मामले पर पैसा लो लिमिटेड बैंक के प्रभारी राज किशोर कुमार और गौतम कुमार पाठक ने भी प्रतिक्रिया दी है।
उनके अनुसार बैंक से करीब 800 ग्राहक जुड़े हुए हैं और उन्हें लगभग 50 हजार से 60 हजार रुपये तक का ऋण मासिक किस्त के आधार पर उपलब्ध कराया गया है।
बैंक अधिकारियों ने बताया कि गोविंदा नामक एजेंट कई ग्राहकों से मासिक किस्त की रकम लेने के बाद फरार हो गया है। बैंक प्रबंधन का कहना है कि उसके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने की कार्रवाई की जाएगी।
प्रबंधन ने यह भी बताया कि इससे पहले तीन एजेंटों की कथित अनियमितता को लेकर शिवहर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई जा चुकी है।
10 अक्टूबर तक समाधान का भरोसा
हंगामा कर रहे ग्राहकों को बैंक प्रबंधन की ओर से 10 अक्टूबर तक समस्या का समाधान करने का भरोसा दिया गया है।
हालांकि, ग्राहकों का कहना है कि इससे पहले भी उन्हें समाधान के लिए अलग-अलग समयसीमा बताई गई है। इसलिए इस बार वे सिर्फ आश्वासन के बजाय अपने खातों में वास्तविक सुधार चाहते हैं।
ग्राहकों की मांग है कि एजेंट द्वारा वसूली गई रकम की जांच कर उनके लोन खातों में उचित समायोजन किया जाए। साथ ही OD की समस्या दूर की जाए, ताकि वे दूसरे वित्तीय संस्थानों से ऋण लेने में सक्षम हो सकें।
छोटे कार्यालय और बैंक की व्यवस्था पर भी उठे सवाल
ग्राहकों ने बैंक के कार्यालय की व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि कार्यालय सीमित जगह में संचालित हो रहा है और वहां बैंक की पहचान से जुड़ा पर्याप्त बोर्ड या स्पष्ट जानकारी नजर नहीं आती।
उनके मुताबिक, कार्यालय में एक कंप्यूटर के सहारे बैंकिंग संबंधी कामकाज चल रहा है। हालांकि, बैंक प्रबंधन ने अपने ग्राहकों और ऋण व्यवस्था को लेकर जानकारी दी है।
ऐसे में ग्राहकों की शिकायतों के साथ बैंकिंग व्यवस्था और एजेंटों की निगरानी से जुड़े सवाल भी सामने आए हैं। पूरे मामले में संबंधित दस्तावेज और बैंक रिकॉर्ड की जांच से स्थिति अधिक स्पष्ट हो सकती है।
एक नजर में पूरा मामला
शिवहर में पैसा लो डिजिटल लिमिटेड बैंक के ग्राहकों ने हंगामा किया।
एक एजेंट गोविंदा पर किस्त की रकम लेकर फरार होने का आरोप है।
ग्राहकों के अनुसार दो से पांच महीने तक की किस्त ली गई।
रकम बैंक में जमा नहीं होने से लोन खातों पर OD लगने की शिकायत है।
OD के कारण दूसरे बैंक से ऋण लेने में परेशानी का दावा किया गया है।
बैंक प्रबंधन ने एजेंट के खिलाफ प्राथमिकी की बात कही है।
बैंक के अनुसार करीब 800 ग्राहक उससे जुड़े हैं।
प्रबंधन ने 10 अक्टूबर तक समाधान का भरोसा दिया है।
ग्राहक आश्वासन के बजाय खातों में समस्या का समाधान चाहते हैं।
फिलहाल एजेंट गोविंदा के खिलाफ लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और बैंक रिकॉर्ड से ही होगी। ग्राहकों और बैंक प्रबंधन के दावों के बीच अब कार्रवाई और समाधान की स्थिति पर नजर रहेगी।
