शिवहर में भाई ने अपने चचेरे भाई के साथ मिलकर बहन का की थी गला दबाकर हत्या,गिरफ्तार
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शिवहर: बिहार के शिवहर जिले के पुरनहिया थाना क्षेत्र के हथसार गांव में नाबालिग बच्ची की मौत के मामले में पुलिस ने जांच के बाद उसके भाई मनोज कुमार को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, शुरुआती जांच में भाई और उसके चचेरे भाई की कथित संलिप्तता सामने आई है। शिवहर नाबालिग हत्या मामला सामने आने के बाद पुलिस ने जांच तेज की। वहीं, आरोपित के चचेरे भाई की गिरफ्तारी के लिए गई टीम के साथ कथित दुर्व्यवहार और पुलिस वाहन में तोड़फोड़ के मामले में सात लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस अधीक्षक शैलेंद्र सिंह ने प्रेस वार्ता में मामले की जानकारी दी। पुलिस का कहना है कि बच्ची की गुमशुदगी की प्राथमिकी दर्ज होने के बाद जांच शुरू की गई थी। बाद में हथसार स्थित पोखर के किनारे उसका शव मिलने से मामला गंभीर हो गया।
18 अक्टूबर को दर्ज हुई थी गुमशुदगी की प्राथमिकी
पुलिस के अनुसार, मृत बच्ची की मां फेंकनी देवी ने 18 अक्टूबर 2026 को पुरनहिया थाना में अपनी बेटी के लापता होने की शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने बच्ची की तलाश और मामले की जांच शुरू की।
इसी दौरान हथसार स्थित पोखर के किनारे बच्ची का शव मिलने की सूचना सामने आई। इसके बाद पुलिस ने घटनास्थल से संबंधित जानकारी जुटाई और मामले की जांच आगे बढ़ाई।
पुलिस अधीक्षक के मुताबिक, स्थानीय पुलिस के साथ तकनीकी साक्ष्यों और विशेष जांच दल (SIT) की मदद से तथ्यों को खंगाला गया। जांच में सामने आए साक्ष्यों के आधार पर मृतका के भाई मनोज कुमार की कथित संलिप्तता सामने आई, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
भाई पर गला दबाकर हत्या करने का आरोप
पुलिस अधीक्षक शैलेंद्र सिंह ने बताया कि शुरुआती जांच के अनुसार, बच्ची की हत्या कथित तौर पर गला दबाकर की गई और शव को पोखर के किनारे फेंक दिया गया। पुलिस ने इस मामले में मृतका के भाई मनोज कुमार को गिरफ्तार किया है।
पुलिस के अनुसार, जांच में मृतका के चचेरे भाई की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है। शुरुआती तौर पर पुलिस ने प्रेम प्रसंग से जुड़े संभावित पहलू की बात कही है, लेकिन इस कारण की स्वतंत्र पुष्टि अभी सामने नहीं आई है।
यह मामला जांच के अधीन है। इसलिए हत्या के कारण और प्रत्येक आरोपित की भूमिका को लेकर अंतिम निष्कर्ष जांच तथा न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही निकाला जा सकता है।
चचेरे भाई की गिरफ्तारी के दौरान पुलिस टीम पर हमला
पुलिस के मुताबिक, मृतका के चचेरे भाई को गिरफ्तार करने के लिए जब टीम छापेमारी करने गई, तब कुछ स्थानीय लोगों ने कथित तौर पर पुलिसकर्मियों के साथ दुर्व्यवहार किया और टीम का विरोध किया।
पुलिस का आरोप है कि इस दौरान गिरफ्तार किए गए व्यक्ति को छुड़ाकर भगाने की कोशिश की गई। साथ ही पुलिस वाहन में तोड़फोड़ भी की गई। इस घटना के बाद पुलिस ने अलग से प्राथमिकी दर्ज की।
पुलिस ने बताया कि इस मामले में 13 नामजद आरोपितों और 20 से 25 अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। मामले में पुलिसकर्मियों के साथ दुर्व्यवहार, वाहन क्षतिग्रस्त करने और गिरफ्तारी में बाधा डालने से जुड़े आरोपों की जांच की जा रही है।
पुलिस वाहन में तोड़फोड़ के मामले में सात गिरफ्तार
पुलिस की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, छापेमारी के दौरान हुई घटना के संबंध में सात लोगों को गिरफ्तार किया गया। इनमें राम विनय कुमार, दीपू कुमार, मनीष कुमार, प्रेम शंकर साह, अजय पटेल और अरुण कुमार के नाम भी बताए गए हैं।
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपितों को कानूनी प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई के लिए भेजा गया है। हालांकि, उपलब्ध विवरण में सातवें गिरफ्तार व्यक्ति की पहचान स्पष्ट रूप से नहीं दी गई है।
इस मामले में पुलिस ने नामजद और अज्ञात आरोपितों की भूमिका की जांच जारी रखी है। किसी व्यक्ति के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज होने या गिरफ्तारी होने मात्र से आरोप अदालत में सिद्ध नहीं हो जाते।
पुलिस अधीक्षक ने प्रेस वार्ता में दी जानकारी
मामले की जानकारी देने के लिए आयोजित प्रेस वार्ता में पुलिस अधीक्षक शैलेंद्र सिंह के साथ अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी अनुशील कुमार और पुरनहिया थाना अध्यक्ष प्रेमजीत सिंह भी मौजूद रहे।
पुलिस अब बच्ची की मौत से जुड़े साक्ष्यों, संभावित कारणों और आरोपितों की भूमिका की जांच कर रही है। साथ ही पुलिस टीम के साथ हुई घटना के संबंध में भी अलग से कानूनी कार्रवाई जारी है।
इस घटना ने इलाके में चिंता बढ़ा दी है। मामले की पूरी तस्वीर जांच के निष्कर्षों और अदालत में सामने आने वाले तथ्यों से स्पष्ट होगी।
मामले में अब तक क्या-क्या सामने आया?
स्थान: हथसार गांव, पुरनहिया थाना क्षेत्र, शिवहर।
गुमशुदगी की प्राथमिकी: 18 अक्टूबर 2026 को दर्ज होने की जानकारी।
मुख्य गिरफ्तारी: मृतका का भाई मनोज कुमार।
पुलिस का आरोप: बच्ची की गला दबाकर हत्या कर शव पोखर के किनारे फेंका गया।
अलग मामला: पुलिस टीम के साथ कथित दुर्व्यवहार और वाहन में तोड़फोड़।
गिरफ्तारी: पुलिस के अनुसार, इस दूसरे मामले में सात लोग पकड़े गए।
जांच: हत्या के कारण और सभी आरोपितों की भूमिका की पड़ताल जारी है।
