शिवहर में बाल श्रम पर बड़ी कार्रवाई, 12 बच्चे मुक्त; 3 पंचायतें बाल श्रम मुक्त घोषित
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शिवहर में बाल श्रम उन्मूलन को लेकर जिला प्रशासन ने कार्रवाई तेज कर दी है। जिले में बाल श्रम उन्मूलन अभियान के तहत 12 बच्चों को काम से मुक्त कराया गया है और संबंधित नियोजकों के खिलाफ 12 एफआईआर दर्ज कराई गई हैं। इसके अलावा, तीन पंचायतों को बाल श्रम मुक्त घोषित किया जा चुका है। मंगलवार, 13 अक्टूबर 2026 को जिला पदाधिकारी की अध्यक्षता में श्रम अधीक्षक कार्यालय के कार्यों की समीक्षा की गई। बैठक में श्रमिकों के निबंधन, न्यूनतम मजदूरी, सामाजिक सुरक्षा और प्रवासी मजदूरों के कल्याण से जुड़ी योजनाओं की प्रगति भी परखी गई।
12 बाल श्रमिकों को कराया गया मुक्त, नियोजकों पर कार्रवाई
जिला प्रशासन की समीक्षा के अनुसार, 1 अप्रैल 2026 से 13 अक्टूबर 2026 तक बाल श्रम के खिलाफ कुल 21 धावा दल संचालित किए गए। इन अभियानों के दौरान 12 बच्चों को बाल श्रम से मुक्त कराया गया।
बच्चों से काम कराने वाले नियोजकों के खिलाफ 12 एफआईआर दर्ज की गई हैं। प्रत्येक नियोजक पर 20,000 रुपये के हिसाब से कुल 2.40 लाख रुपये की जुर्माना राशि की वसूली के लिए सर्टिफिकेट केस की कार्रवाई शुरू की गई है।
प्रशासन ने मुक्त कराए गए सभी 12 बच्चों को तत्काल सहायता के रूप में 3,000 रुपये प्रति बच्चा उपलब्ध कराए हैं। वहीं, आठ बच्चों को मुख्यमंत्री राहत कोष (CMRF) से 25,000 रुपये की सहायता राशि भी दी गई है। शेष मामलों में सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया जारी है।
बाल श्रम के खिलाफ कार्रवाई के साथ विभाग ने लोगों को जागरूक करने पर भी जोर दिया। इसके लिए 30 अप्रैल को बाल श्रम उन्मूलन दिवस और 12 जून को विश्व बाल श्रम निषेध दिवस के अवसर पर जागरूकता अभियान चलाया गया।
शिवहर की 3 पंचायतें बाल श्रम मुक्त घोषित
जिले में बाल श्रम मुक्त पंचायत बनाने के लिए प्रशासन ने 15 पंचायतों का लक्ष्य निर्धारित किया है। इनमें से अब तक तीन पंचायतों को बाल श्रम मुक्त घोषित किया जा चुका है।
इन पंचायतों के नाम कमरौली, बसंत जगजीवन और कोल्हुआ ठिकहा हैं। प्रशासन शेष 12 पंचायतों को भी इस लक्ष्य के दायरे में लाने की दिशा में काम कर रहा है।
समीक्षा बैठक में बताया गया कि शेष पंचायतों में से चार को इसी महीने बाल श्रम मुक्त घोषित करने का प्रस्ताव है। इसके लिए संबंधित स्तर पर कार्रवाई और निगरानी को आगे बढ़ाने की जरूरत होगी।
बाल श्रम मुक्त पंचायत का उद्देश्य केवल बच्चों को काम से मुक्त कराना नहीं, बल्कि उन्हें शिक्षा और सुरक्षित बचपन से जोड़ना भी है। इसके लिए परिवारों, स्थानीय प्रतिनिधियों और संबंधित विभागों की भूमिका महत्वपूर्ण है।
1,427 निर्माण श्रमिकों का आवेदन स्वीकृत
बैठक में निर्माण श्रमिकों के निबंधन की स्थिति की भी समीक्षा की गई। 1 अप्रैल से 13 अक्टूबर 2026 के बीच निर्माण श्रमिकों के निबंधन के लिए कुल 2,580 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें से 1,427 आवेदनों को स्वीकृति दी गई।
निर्माण श्रमिकों के कल्याण के लिए बिहार भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड (BOCW) के अंतर्गत शिवहर जिले में अब तक कुल 46,852 श्रमिकों का निबंधन किया जा चुका है।
इसी अवधि में बोर्ड के अंतर्गत 14,04,686 रुपये लेबर सेस के रूप में प्राप्त हुए। निर्माण श्रमिकों का निबंधन उन्हें पात्रता के अनुसार विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाने में मदद करता है।
न्यूनतम मजदूरी के 11 मामलों का निष्पादन
श्रमिकों को निर्धारित न्यूनतम मजदूरी दिलाने के मामले में भी विभाग ने कार्रवाई की है। समीक्षा अवधि में न्यूनतम मजदूरी अधिनियम, 1948 के तहत कुल 12 परिवाद प्राप्त हुए।
इनमें से 11 मामलों का निष्पादन कर श्रमिकों को कुल 3,26,100 रुपये का भुगतान कराया गया। एक मामले में सुनवाई अभी जारी है।
यह कार्रवाई उन श्रमिकों के लिए महत्वपूर्ण है, जिन्हें निर्धारित मजदूरी नहीं मिलती या जिनके भुगतान को लेकर विवाद उत्पन्न होता है। ऐसे मामलों का समय पर निष्पादन श्रमिकों को उनका बकाया दिलाने में मदद करता है।
असंगठित और प्रवासी मजदूरों के लिए योजनाओं की प्रगति
बैठक में सामाजिक सुरक्षा और प्रवासी मजदूरों के लिए संचालित योजनाओं की भी समीक्षा हुई। बिहार शताब्दी असंगठित कार्यक्षेत्र कामगार एवं शिल्पकार सामाजिक सुरक्षा योजना-2024 के तहत प्राप्त 160 आवेदनों में से 149 को स्वीकृति दी गई।
वहीं, बिहार राज्य प्रवासी मजदूर दुर्घटना अनुदान योजना-2008 के अंतर्गत नौ आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से आठ को मंजूरी मिली है।
इन योजनाओं का उद्देश्य पात्र कामगारों और प्रवासी मजदूरों को निर्धारित नियमों के अनुसार सामाजिक सुरक्षा तथा दुर्घटना की स्थिति में आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना है।
ई-श्रम और पेंशन योजना में कितने निबंधन हुए?
शिवहर जिले में राष्ट्रीय स्तर की श्रमिक योजनाओं के तहत भी निबंधन किया गया है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, जिले में अब तक कुल 1,92,701 श्रमिकों का ई-श्रम पोर्टल पर निबंधन हो चुका है।
इसके अलावा, प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना (PMSYM) के अंतर्गत 1,026 निबंधन दर्ज किए गए हैं। यह योजना पात्र असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को निर्धारित शर्तों के अनुसार वृद्धावस्था पेंशन की सुविधा देने के लिए बनाई गई है।
श्रमिकों को इन योजनाओं का लाभ लेने के लिए अपनी पात्रता और आवश्यक दस्तावेजों की जानकारी संबंधित विभाग से प्राप्त करनी चाहिए।
20 प्रतिष्ठानों में महिलाओं की सुरक्षा के लिए समिति गठित
कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा से जुड़े प्रावधानों की भी समीक्षा की गई। जिले के 20 प्रतिष्ठानों में आंतरिक परिवाद समिति का गठन किया गया है। विभागीय प्रतिवेदन के अनुसार, इन सभी 20 प्रतिष्ठानों का She-Box पोर्टल पर पंजीकरण भी पूरा हो चुका है।
कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न से संबंधित शिकायतों के निवारण में आंतरिक परिवाद समिति की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। संबंधित कानून के तहत निर्धारित शर्तों के अनुसार प्रतिष्ठानों को शिकायत निवारण की व्यवस्था सुनिश्चित करनी होती है।
लंबित आवेदनों को जल्द निपटाने का निर्देश
बैठक के अंत में जिला पदाधिकारी ने श्रम विभाग के अधिकारियों को लंबित आवेदनों का त्वरित निष्पादन करने का निर्देश दिया। साथ ही, बाल श्रम मुक्त पंचायत बनाने के लिए तय लक्ष्यों को समय पर पूरा करने पर जोर दिया गया।
समीक्षा के आंकड़े बताते हैं कि शिवहर में बाल श्रम के खिलाफ कार्रवाई, श्रमिक निबंधन और कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन पर काम चल रहा है। अब इन प्रयासों के साथ लंबित मामलों का निपटारा और पात्र लाभार्थियों तक सहायता पहुंचाना प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण होगा।
