सारण में बाढ़ का कहर! तटबंध टूटते ही गांवों में घुसा पानी, 3 की मौत
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सारण में बाढ़ से मचा हाहाकार

सारण बाढ़ ने जिले के कई प्रखंडों में गंभीर स्थिति पैदा कर दी है। सारण बाढ़ के बीच पानापुर के सरौजा भगवानपुर गांव के पास गुरुवार सुबह करीब चार बजे तटबंध टूट गया। इसके बाद तेज रफ्तार से पानी आसपास के गांवों में फैलने लगा। मकेर, पानापुर, तरैया, अमनौर, परसा, दरियापुर और दिघवारा समेत कई इलाकों में बाढ़ का पानी पहुंच गया है। हजारों परिवार प्रभावित हुए हैं और बड़ी संख्या में लोग घर छोड़कर ऊंचे तथा सुरक्षित स्थानों की ओर जाने को मजबूर हैं। बाढ़ के पानी में डूबने से मकेर और पानापुर में तीन युवकों की मौत की सूचना है। वहीं मकेर के प्रभावित इलाकों में पांच लोगों के लापता होने की जानकारी सामने आई है।
पानापुर में तटबंध टूटने के बाद तेजी से फैला पानी
गंडक नदी का जलस्तर बढ़ने के बीच पानापुर के सरौजा भगवानपुर के समीप सारण तटबंध पर दबाव बढ़ गया। गुरुवार सुबह तटबंध टूटने के बाद पानी तेजी से आसपास के रिहायशी क्षेत्रों में पहुंच गया। सतजोड़ा, चकिया और भगवानपुर समेत कई इलाकों में पानी फैल गया। खेतों के जलमग्न होने के साथ लोगों के सामने घर और सामान सुरक्षित रखने की चुनौती खड़ी हो गई। ग्रामीण परिवार के सदस्यों के साथ जरूरी सामान और मवेशियों को लेकर ऊंचे स्थानों पर जाने लगे। प्रशासन ने नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों से सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है।
मकेर में मवेशी बचाने के दौरान युवक की मौत
मकेर के सुल्तानगंज में बाढ़ के पानी में डूबने से 30 वर्षीय बबन महतो की मौत हो गई। जानकारी के अनुसार वह अपने मवेशी को बाढ़ के पानी से निकालकर सुरक्षित जगह ले जाने का प्रयास कर रहे थे। इसी दौरान उनका संतुलन बिगड़ गया और वह तेज बहाव में बह गए। ग्रामीणों ने उन्हें पानी से बाहर निकाला और स्थानीय पीएचसी पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद इलाके में मातम पसरा है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासन लगातार लोगों से तेज बहाव वाले पानी में नहीं जाने की अपील कर रहा है।
पानापुर में दो युवकों की डूबने से मौत
पानापुर में भी बाढ़ के पानी ने दो परिवारों को गहरा सदमा दिया। खजुरी गांव निवासी मंजय कुमार के 17 वर्षीय पुत्र सत्यम कुमार और चकिया गांव निवासी सुरेंद्र राय के पुत्र अनिल राय की डूबने से मौत हो गई। जानकारी के मुताबिक दोनों युवक दो अन्य युवकों के साथ सड़क पार कर रहे थे। इसी दौरान चारों तेज पानी की धारा में बहने लगे। ग्रामीणों ने दो युवकों को बचा लिया, लेकिन सत्यम और अनिल तेज बहाव में बह गए। सूचना मिलने के बाद एनडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची। तलाश अभियान के दौरान दोनों युवकों के शव बरामद किए गए।
मकेर में पांच लोगों के लापता होने की सूचना
मकेर के बाढ़ प्रभावित इलाकों में पांच लोगों के लापता होने की सूचना ने चिंता बढ़ा दी है। लगातार बढ़ते पानी के कारण कई निचले इलाकों में आवागमन भी मुश्किल हो गया है। बचाव दल लापता लोगों की तलाश में जुटे हैं। प्रशासन की प्राथमिकता प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाना और जरूरतमंद लोगों तक राहत सामग्री पहुंचाना है। लोगों को सलाह दी जा रही है कि वे बाढ़ के पानी में अनावश्यक रूप से प्रवेश न करें, खासकर तेज धारा वाले स्थानों पर जाने से बचें।
तरैया और अमनौर समेत कई प्रखंड प्रभावित
बाढ़ का असर केवल पानापुर और मकेर तक सीमित नहीं है। तरैया और अमनौर के कई गांवों में भी पानी पहुंचने की सूचना है। परसा, दरियापुर और दिघवारा के विभिन्न इलाकों में भी बाढ़ का असर दिखाई दे रहा है। पानापुर के सतजोड़ा, चकिया और भगवानपुर जैसे रिहायशी क्षेत्रों में पानी तेजी से बढ़ने से लोगों की परेशानी बढ़ी है। कई परिवार जरूरी सामान लेकर सुरक्षित स्थानों की ओर जा रहे हैं। मवेशियों को बचाने के लिए भी ग्रामीण लगातार प्रयास कर रहे हैं। अचानक पानी बढ़ने से ग्रामीण क्षेत्रों में सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है।
किसानों के सामने फसल बचाने की चुनौती
बाढ़ का पानी खेतों में फैलने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। कई जगह धान और मक्के की फसल पानी में डूबने की स्थिति में पहुंच गई है। कुछ किसान तैयार फसल को जल्द से जल्द काटकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि पानी का तेज बहाव और लगातार बढ़ता जलस्तर इस काम को मुश्किल बना रहा है। यदि पानी लंबे समय तक खेतों में जमा रहता है तो फसलों को बड़े पैमाने पर नुकसान होने की आशंका है।
एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें बचाव में जुटीं
प्रभावित इलाकों में एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की 40 से अधिक टीमें बचाव अभियान में लगी हुई हैं। टीमें नावों की मदद से पानी में फंसे लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचा रही हैं। प्रशासन की ओर से राहत एवं बचाव कार्य जारी है। प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के साथ जरूरी सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है। बाढ़ की स्थिति को देखते हुए लोगों से प्रशासन के निर्देशों का पालन करने और जोखिम वाले क्षेत्रों से समय रहते निकलने की अपील की गई है।
डीएम और एसएसपी कर रहे स्थिति की निगरानी
सारण में बिगड़ती बाढ़ की स्थिति के बीच जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव और एसएसपी रौशन कुमार प्रभावित क्षेत्रों में कैंप कर रहे हैं। दोनों अधिकारी राहत और बचाव अभियान की निगरानी कर रहे हैं। प्रशासन का फोकस बाढ़ में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने और प्रभावित इलाकों में राहत कार्य तेज करने पर है। लोगों से अपील की गई है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल प्रशासन की ओर से जारी जानकारी पर भरोसा करें। फिलहाल गंडक नदी के बढ़ते जलस्तर और तटबंध टूटने के बाद सारण के कई इलाकों में स्थिति चुनौतीपूर्ण बनी हुई है। प्रभावित गांवों में राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है।