समस्तीपुर में पुलिस स्मृति दिवस पर शहीदों को नमन, वीरता को किया याद
📌 पटना और बिहार के सभी ज़िलों की ताज़ा ख़बरें सीधे अपने मोबाइल पर पाएं!
👉 WhatsApp से जुड़ें
समस्तीपुर में पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर पुलिस लाइन में कर्तव्य निभाते हुए अपने प्राणों का बलिदान देने वाले पुलिसकर्मियों को भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई। समस्तीपुर पुलिस स्मृति दिवस कार्यक्रम में पुलिस अधिकारियों और जवानों ने शहीद स्मारक पर पुष्प अर्पित कर वीर जवानों के साहस, त्याग और कर्तव्यनिष्ठा को याद किया। इस दौरान शहीद पुलिसकर्मियों के आदर्शों पर चलने और समाज की सुरक्षा के लिए पूरी निष्ठा से काम करने का संकल्प लिया गया।
कार्यक्रम में समस्तीपुर के पुलिस अधीक्षक अरविंद प्रताप सिंह सहित कई वरिष्ठ अधिकारियों और पुलिसकर्मियों ने हिस्सा लिया। अधिकारियों ने कहा कि शहीद जवानों का सर्वोच्च बलिदान पुलिस बल के हर सदस्य के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
पुलिस लाइन में शहीद जवानों को दी गई श्रद्धांजलि
पुलिस स्मृति दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में पुलिस लाइन स्थित शहीद स्मारक पर श्रद्धा-सुमन अर्पित किए गए। इस दौरान उन पुलिसकर्मियों को याद किया गया, जिन्होंने कर्तव्य पालन के दौरान देश और समाज की सुरक्षा के लिए अपनी जान गंवाई।
कार्यक्रम का माहौल श्रद्धा और सम्मान से भरा रहा। पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने शहीदों के योगदान को याद करते हुए उनके साहस तथा कर्तव्य के प्रति समर्पण को नमन किया।
इस अवसर पर शहीद पुलिसकर्मियों के प्रति सम्मान व्यक्त करने के साथ उनके आदर्शों को अपने कार्य व्यवहार में अपनाने की प्रतिबद्धता भी जताई गई।
एसपी अरविंद प्रताप सिंह ने वीर जवानों के बलिदान को किया याद
समस्तीपुर के एसपी अरविंद प्रताप सिंह ने शहीद पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि जवानों का अदम्य साहस, वीरता और कर्तव्य के प्रति अटूट निष्ठा पुलिस बल के प्रत्येक सदस्य के लिए हमेशा प्रेरणास्रोत बनी रहेगी।
उन्होंने शहीदों के बलिदान को राष्ट्र और समाज की सुरक्षा के लिए दिया गया सर्वोच्च योगदान बताया। उनके अनुसार, कर्तव्य निभाते हुए प्राण न्योछावर करने वाले पुलिसकर्मियों के त्याग को कभी भुलाया नहीं जा सकता।
पुलिस स्मृति दिवस का उद्देश्य केवल शहीद जवानों को याद करना ही नहीं, बल्कि पुलिस बल में सेवा, अनुशासन और जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करना भी है।
कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने अर्पित किए पुष्प
श्रद्धांजलि कार्यक्रम में समस्तीपुर पुलिस के कई अधिकारियों और कर्मचारियों ने भाग लिया। इनमें मुख्यालय डीएसपी केके दिवाकर, लाइन डीएसपी सुनील कुमार सिंह और साइबर डीएसपी दुर्गेश दीपक शामिल रहे।
इसके अलावा नगर थानाध्यक्ष अजीत कुमार और मुफस्सिल थानाध्यक्ष अजीत प्रसाद सिंह सहित अन्य पुलिस अधिकारियों तथा कर्मियों ने भी शहीद स्मारक पर पुष्प अर्पित किए।
सभी ने शहीद पुलिसकर्मियों के योगदान को याद करते हुए उनके प्रति सम्मान व्यक्त किया। कार्यक्रम में मौजूद पुलिसकर्मियों ने उनके आदर्शों पर चलने और अपने दायित्वों का ईमानदारी से निर्वहन करने का संकल्प लिया।
क्यों मनाया जाता है पुलिस स्मृति दिवस?
पुलिस स्मृति दिवस हर साल 21 अक्टूबर को पुलिसकर्मियों के बलिदान और सेवा को याद करने के लिए मनाया जाता है। यह दिन पुलिस बल के उन सदस्यों को सम्मान देने का अवसर है, जिन्होंने कर्तव्य निभाते हुए अपने प्राणों की आहुति दी।
इस दिवस का ऐतिहासिक संबंध 21 अक्टूबर 1959 की घटना से है। उस दिन लद्दाख के हॉट स्प्रिंग्स क्षेत्र में चीनी सैनिकों के हमले में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के 10 जवान शहीद हुए थे। उनकी स्मृति में पुलिस स्मृति दिवस मनाने की परंपरा शुरू हुई।
आज यह दिवस देशभर के पुलिस बलों के लिए शहीदों के त्याग को याद करने और जनसेवा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराने का अवसर बन गया है।
शहीदों का त्याग पुलिस बल के लिए प्रेरणा
समस्तीपुर पुलिस लाइन में आयोजित कार्यक्रम ने एक बार फिर याद दिलाया कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने और आम लोगों की सुरक्षा में पुलिसकर्मियों की भूमिका कितनी महत्वपूर्ण है। ड्यूटी के दौरान कई पुलिसकर्मी कठिन परिस्थितियों का सामना करते हैं और जरूरत पड़ने पर अपनी जान जोखिम में डालते हैं।
शहीद जवानों को श्रद्धांजलि देना उनके परिवारों और उनके योगदान के प्रति सम्मान व्यक्त करने का भी माध्यम है। ऐसे आयोजन पुलिस बल के भीतर एकजुटता, सेवा भावना और कर्तव्यनिष्ठा को मजबूत करने में मदद करते हैं।
