समस्तीपुर के स्कूलों के लिए बड़ी खबर, मिड-डे मील का 20.79 करोड़ जारी
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👉 WhatsApp से जुड़ेंसमस्तीपुर जिले में समस्तीपुर मध्याह्न भोजन योजना को लेकर शिक्षा विभाग ने 20 करोड़ 79 लाख 51 हजार 79 रुपये जारी किए हैं। यह राशि जून, जुलाई और अगस्त महीने के बकाया भुगतान के लिए दी गई है। इसमें स्कूल शिक्षा समितियों की भोजन तैयार करने की लागत, बच्चों को भोजन उपलब्ध कराने वाली एनजीओ के बकाये और स्कूलों में कार्यरत रसोइया-सह-सहायकों के मानदेय की राशि शामिल है। समस्तीपुर मध्याह्न भोजन योजना के तहत जारी इस फंड से संबंधित संस्थाओं और कर्मियों को राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि, राशि जारी होने और वास्तविक भुगतान पूरा होने के बीच अंतर हो सकता है।
मध्याह्न भोजन योजना के लिए 20.79 करोड़ रुपये जारी
समस्तीपुर जिले के सरकारी स्कूलों में बच्चों को मध्याह्न भोजन उपलब्ध कराने की व्यवस्था के लिए शिक्षा विभाग ने कुल 20,79,51,079 रुपये आवंटित किए हैं। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, यह राशि जून, जुलाई और अगस्त महीने से संबंधित बकाये के भुगतान के लिए जारी की गई है।
इस फंड में स्कूल शिक्षा समितियों को मिलने वाली कन्वर्शन कॉस्ट, भोजन उपलब्ध कराने वाली एनजीओ की बकाया राशि और रसोइया-सह-सहायकों के मानदेय का भुगतान शामिल है।
मध्याह्न भोजन योजना का उद्देश्य स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को भोजन उपलब्ध कराना और उनकी स्कूल में उपस्थिति तथा पढ़ाई के माहौल को बेहतर बनाने में मदद करना है। इसके संचालन में स्कूल स्तर पर भोजन की व्यवस्था करने वाली समितियों, संबंधित एजेंसियों और रसोइयों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।
स्कूल शिक्षा समितियों के लिए कितनी राशि मिली?
जारी राशि का बड़ा हिस्सा स्कूल शिक्षा समितियों की बकाया कन्वर्शन कॉस्ट से जुड़ा है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, जून, जुलाई और अगस्त के लिए अलग-अलग राशि निर्धारित की गई है।
| महीना | स्कूल शिक्षा समितियों की बकाया कन्वर्शन कॉस्ट |
|---|---|
| जून | ₹1,69,37,882 |
| जुलाई | ₹8,90,85,502 |
| अगस्त | ₹6,49,93,488 |
| कुल | ₹17,10,16,872 |
कन्वर्शन कॉस्ट भोजन तैयार करने से संबंधित निर्धारित खर्चों के लिए दी जाती है। इस राशि का इस्तेमाल योजना के लागू नियमों और निर्धारित मदों के अनुसार किया जाता है।
स्कूल शिक्षा समितियों को बकाया राशि मिलने से भोजन व्यवस्था से जुड़े खर्चों के भुगतान में मदद मिल सकती है। हालांकि, प्रत्येक स्कूल या समिति को कितनी राशि मिलेगी, यह संबंधित स्वीकृति और वितरण प्रक्रिया पर निर्भर करेगा।
एनजीओ के बकाये के लिए भी राशि आवंटित
समस्तीपुर जिले में मध्याह्न भोजन उपलब्ध कराने वाली एनजीओ के बकाया भुगतान के लिए भी राशि शामिल की गई है। उपलब्ध विवरण में जून और जुलाई महीने से संबंधित रकम का उल्लेख है।
| महीना | एनजीओ के लिए बकाया राशि |
|---|---|
| जून | ₹1,06,33,792 |
| जुलाई | ₹64,05,209 |
| जुलाई की एक अन्य मद | ₹45,01,206 |
| कुल | ₹2,15,40,207 |
एनजीओ की भूमिका उन स्कूलों में महत्वपूर्ण हो सकती है, जहां भोजन उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी संबंधित एजेंसी संभालती है। बकाया भुगतान जारी होने से एजेंसियों को योजना के संचालन से जुड़े खर्चों का हिसाब पूरा करने में मदद मिल सकती है।
हालांकि, उपलब्ध विवरण में जुलाई महीने के लिए एनजीओ से संबंधित दो अलग-अलग मदों का उल्लेख है। इसलिए अंतिम भुगतान विवरण में इन मदों का वर्गीकरण संबंधित विभागीय अभिलेखों से मिलान करना जरूरी होगा।
रसोइया-सह-सहायकों के मानदेय के लिए 76.98 लाख रुपये
इस आवंटन में स्कूलों में काम करने वाले रसोइया-सह-सहायकों के बकाया मानदेय के लिए भी राशि रखी गई है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, जुलाई महीने के मानदेय भुगतान के लिए 76 लाख 98 हजार रुपये शामिल हैं।
स्कूलों में रसोइये भोजन तैयार करने और बच्चों तक उसे पहुंचाने की व्यवस्था में अहम भूमिका निभाते हैं। ऐसे में मानदेय का भुगतान उनके लिए महत्वपूर्ण है।
राशि जारी होने से बकाया मानदेय के भुगतान का रास्ता खुल सकता है। लेकिन संबंधित कर्मियों के खातों में पैसा पहुंचने की तारीख या भुगतान पूरा होने की स्थिति की पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं दी गई है।
तीन महीने के बकाये का भुगतान क्यों है महत्वपूर्ण?
मध्याह्न भोजन योजना स्कूलों में बच्चों को भोजन उपलब्ध कराने वाली महत्वपूर्ण व्यवस्था है। इसके सुचारु संचालन के लिए भोजन की लागत, एजेंसियों के भुगतान और रसोइयों के मानदेय का समय पर निपटारा जरूरी है।
बकाया राशि जारी होने से संबंधित संस्थाओं को भुगतान प्रक्रिया आगे बढ़ाने में मदद मिल सकती है। इससे स्कूलों में भोजन व्यवस्था बनाए रखने में भी सहयोग मिलने की उम्मीद है।
हालांकि, इस राशि के जारी होने से अपने आप यह साबित नहीं होता कि सभी बकाये का भुगतान लाभार्थियों तक पहुंच चुका है। इसके लिए विभागीय भुगतान विवरण और संबंधित स्कूलों या एजेंसियों से पुष्टि जरूरी होगी।
राशि का पूरा हिसाब एक नजर में
उपलब्ध आंकड़ों के आधार पर जारी राशि का विवरण इस प्रकार है:
स्कूल शिक्षा समितियां: ₹17,10,16,872
एनजीओ की बकाया राशि: ₹2,15,40,207
रसोइया-सह-सहायकों का मानदेय: ₹76,98,000
कुल जोड़: ₹20,02,55,079
महत्वपूर्ण आंकड़ा-जांच: ऊपर दिए गए मदों का जोड़ ₹20,02,55,079 होता है, जबकि शुरुआती जानकारी में कुल आवंटन ₹20,79,51,079 बताया गया है। दोनों के बीच ₹76,96,000 का अंतर है। इसलिए खबर प्रकाशित करने से पहले शिक्षा विभाग के मूल आदेश या आधिकारिक भुगतान विवरण से कुल राशि और मदवार आंकड़ों का मिलान करना जरूरी है।
फिलहाल उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, समस्तीपुर जिले में मध्याह्न भोजन योजना के लिए तीन महीनों के बकाये के भुगतान की दिशा में राशि जारी की गई है। अंतिम मदवार विवरण की आधिकारिक पुष्टि होने पर ही पूरी राशि के वितरण की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
