राहुल गांधी पर क्यों भड़के संजय सरावगी? लगाए ‘खतरनाक गठजोड़’ के आरोप
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राहुल गांधी को लेकर बिहार बीजेपी ने तीखा राजनीतिक हमला बोला है। राहुल गांधी पर बिहार बीजेपी अध्यक्ष संजय सरावगी ने गंभीर आरोप लगाए और आगामी 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में होने वाली INDIA गठबंधन की रैली पर सवाल खड़े किए। उन्होंने दावा किया कि विपक्षी दल देश में अस्थिरता पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि, ये सभी दावे बीजेपी नेताओं के राजनीतिक आरोप हैं।
संजय सरावगी ने राहुल गांधी पर क्या कहा?
बीजेपी के बिहार प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने मीडिया से बातचीत में राहुल गांधी और कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी राजनीति अब विदेशी ताकतों के साथ कथित गठजोड़ के जरिए देश में अराजकता फैलाने की दिशा में बढ़ रही है। सरावगी ने कहा कि देश की जनता ने राहुल गांधी को बार-बार नकारा है। इसके बाद उन्होंने विदेशी ताकतों और कथित भारत विरोधी नेटवर्क के सहारे देश में अस्थिरता पैदा करने की कोशिश का आरोप लगाया। बीजेपी नेता ने अपने बयान में जॉर्ज सोरेस और कथित विदेशी टूलकिट का भी उल्लेख किया। उन्होंने आरोप लगाया कि 1 नवंबर को होने वाला प्रदर्शन इसी व्यापक राजनीतिक रणनीति का हिस्सा है। हालांकि, इन आरोपों के समर्थन में कोई स्वतंत्र प्रमाण इस खबर में प्रस्तुत नहीं किया गया है। ये संजय सरावगी द्वारा लगाए गए राजनीतिक आरोप हैं।
1 नवंबर को दिल्ली में INDIA गठबंधन की रैली
दरअसल, विपक्षी INDIA गठबंधन ने 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में बड़ी रैली का ऐलान किया है। इस प्रदर्शन में राहुल गांधी समेत गठबंधन के कई नेता शामिल हो सकते हैं। रैली का मुख्य मुद्दा चुनाव आयोग और SIR यानी Special Intensive Revision को लेकर विपक्ष की आपत्ति है। विपक्ष का आरोप है कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण के दौरान कई मतदाताओं के नाम हटाए जा रहे हैं। विपक्षी दल मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने और उनके इस्तीफे की मांग भी उठा रहे हैं। उनका आरोप है कि चुनाव आयोग की भूमिका निष्पक्ष नहीं रही है। दूसरी ओर, बीजेपी और उसके सहयोगी दल विपक्ष के इन आरोपों को राजनीतिक मुद्दा बताते हुए लगातार निशाना साध रहे हैं।
जेडीयू प्रवक्ता राजीव रंजन ने भी साधा निशाना
राहुल गांधी पर जेडीयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन सिंह ने भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि हाल के दिनों में कांग्रेस नेता का अवसरवादी राजनीतिक चरित्र सामने आया है। राजीव रंजन के मुताबिक, नेता प्रतिपक्ष के तौर पर राहुल गांधी को लोकतांत्रिक व्यवस्था में अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी जनता की उम्मीदों पर खरे नहीं उतर रहे हैं। जेडीयू प्रवक्ता ने यह भी कहा कि लोकतंत्र में सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। उनके अनुसार, विपक्ष को सरकार की नीतियों की आलोचना के साथ-साथ संवैधानिक संस्थाओं के प्रति भी जिम्मेदार रुख रखना चाहिए। उन्होंने भारत विरोधी ताकतों को लेकर भी बयान दिया और कहा कि देश की जनता ने हमेशा ऐसी शक्तियों को खारिज किया है।
बीजेपी और विपक्ष के बीच SIR पर बढ़ी सियासी तकरार
SIR को लेकर देश की राजनीति में पहले से ही बहस जारी है। विपक्षी दलों का कहना है कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया में पारदर्शिता जरूरी है और किसी भी वास्तविक मतदाता का नाम सूची से नहीं हटना चाहिए। वहीं, चुनावी प्रक्रिया में मतदाता सूची को अपडेट करने को लेकर चुनाव आयोग की अपनी प्रक्रिया होती है। इसी मुद्दे पर विपक्ष और बीजेपी के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज है। 1 नवंबर की प्रस्तावित रैली के बाद यह मुद्दा और बड़ा राजनीतिक विषय बन सकता है। खासतौर पर बिहार और दूसरे राज्यों में चुनावी राजनीति के बीच SIR को लेकर दोनों पक्ष लगातार अपनी-अपनी बात जनता तक पहुंचा रहे हैं।
राहुल गांधी पर हमले से क्या है राजनीतिक संकेत?
बीजेपी और जेडीयू नेताओं की ओर से राहुल गांधी पर लगातार हो रहे हमले को आगामी राजनीतिक गतिविधियों से जोड़कर देखा जा रहा है। विपक्ष जहां SIR और चुनाव आयोग के मुद्दे को लेकर सरकार पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है, वहीं बीजेपी और उसके सहयोगी विपक्ष के आंदोलन पर सवाल उठा रहे हैं। इस राजनीतिक टकराव में दोनों पक्ष अपने-अपने दावे जनता के सामने रख रहे हैं। ऐसे में 1 नवंबर की दिल्ली रैली विपक्ष के लिए अपनी रणनीति और मुद्दों को मजबूती से रखने का एक बड़ा मंच बन सकती है। फिलहाल, राहुल गांधी और INDIA गठबंधन की ओर से उठाए जा रहे SIR से जुड़े सवालों और बीजेपी-जेडीयू की ओर से लगाए जा रहे आरोपों के बीच राजनीतिक बयानबाजी जारी है। आने वाले दिनों में यह विवाद और तेज होने की संभावना है।