PMCH में 2,500 बेड पर होगा इलाज, सम्राट चौधरी ने खोला टावर-3 का किया उद्घाटन

📌 पटना और बिहार के सभी ज़िलों की ताज़ा ख़बरें सीधे अपने मोबाइल पर पाएं!

👉 WhatsApp से जुड़ें

 

PMCH में 2,500 बेड पर होगा इलाज, सम्राट चौधरी ने खोला टावर-3 का किया उद्घाटन

पटना के पीएमसीएच (PMCH) में मरीजों को आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोमवार को अस्पताल के पुनर्विकास योजना के पहले चरण के तहत नवनिर्मित टावर-3 का उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि PMCH में एक साथ 2,500 बेड पर आधुनिक सुविधाओं के साथ इलाज उपलब्ध कराने का लक्ष्य है। मुख्यमंत्री ने भवन का निरीक्षण कर मरीजों के पंजीकरण, उपचार व्यवस्था, साफ-सफाई और चिकित्सा सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि मरीजों को बेहतर इलाज देने में किसी तरह की लापरवाही न हो।

पीएमसीएच बिहार के प्रमुख सरकारी चिकित्सा संस्थानों में शामिल है। यहां राज्य के विभिन्न जिलों से मरीज इलाज कराने पहुंचते हैं। ऐसे में अस्पताल के बुनियादी ढांचे का विस्तार और आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं की उपलब्धता मरीजों के लिए महत्वपूर्ण है।

PMCH टावर-3 का उद्घाटन, पुनर्विकास योजना के तहत बड़ा कदम

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पीएमसीएच परिसर में नवनिर्मित टावर-3 का उद्घाटन करने के बाद भवन का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों से निर्माण कार्यों की प्रगति, मरीजों की सुविधाओं और उपचार व्यवस्था के बारे में जानकारी प्राप्त की।

सरकार का लक्ष्य पीएमसीएच को आधुनिक चिकित्सा संस्थान के रूप में विकसित करना है। इसके लिए अस्पताल में बेहतर बुनियादी ढांचे के साथ मरीजों के पंजीकरण, जांच, उपचार और देखभाल की व्यवस्था को प्रभावी बनाने पर जोर दिया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अस्पताल में उपलब्ध सुविधाओं का उचित रखरखाव भी जरूरी है। केवल नया भवन बनाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि वहां चिकित्सा सेवाओं का सुचारु संचालन सुनिश्चित करना भी आवश्यक है।

2,500 बेड पर इलाज से मरीजों को क्या फायदा होगा?

पीएमसीएच में एक साथ 2,500 बेड पर आधुनिक सुविधाओं के साथ इलाज उपलब्ध कराने का लक्ष्य अस्पताल की उपचार क्षमता से जुड़ा है। पर्याप्त बेड और बेहतर चिकित्सा व्यवस्था होने से मरीजों को भर्ती करने तथा उनकी देखभाल करने में मदद मिल सकती है।

बिहार के कई जिलों से गंभीर बीमारियों के मरीज पटना पहुंचते हैं। ऐसे में अस्पताल की क्षमता बढ़ने से उन्हें बेहतर उपचार उपलब्ध कराने की संभावनाएं मजबूत हो सकती हैं। हालांकि, इसका वास्तविक लाभ डॉक्टरों, नर्सों, चिकित्सा उपकरणों और अन्य जरूरी संसाधनों की पर्याप्त उपलब्धता पर भी निर्भर करेगा।

उपलब्ध जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री ने 2,500 बेड पर आधुनिक इलाज का लक्ष्य बताया है। सभी बेड और संबंधित सेवाओं के पूरी तरह चालू होने की अलग से समयसीमा नहीं बताई गई है।

टावर-3 में पीकू यूनिट का उद्घाटन, बच्चों के इलाज पर जोर

निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने टावर-3 के पांचवें तल पर पीडियाट्रिक इंटेंसिव केयर यूनिट (पीकू) का उद्घाटन किया। यह यूनिट गंभीर स्थिति वाले बच्चों की विशेष देखभाल के लिए महत्वपूर्ण है।

इसके बाद उन्होंने प्रतीक्षालय, स्त्री रोग एवं प्रसूति आईसीयू, नर्स स्टेशन, उपचार कक्ष और प्रसवोत्तर वार्ड का निरीक्षण किया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से इन सुविधाओं की व्यवस्था और मरीजों को मिलने वाली सेवाओं की जानकारी ली।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि मरीजों को गुणवत्तापूर्ण सुविधाएं उपलब्ध कराने में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य से जुड़ी सेवाओं में उचित व्यवस्था और प्रशिक्षित कर्मचारियों की उपलब्धता विशेष महत्व रखती है।

इस मौके पर बाल मरीजों के बीच पोषण किट भी वितरित की गई। यह कार्यक्रम अस्पताल में भर्ती बच्चों की देखभाल से जुड़ी गतिविधियों का हिस्सा रहा।

मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर और रेडियोलॉजी विभाग का निरीक्षण

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने टावर-3 के छठे तल पर स्थित मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर-22 का भी निरीक्षण किया। उन्होंने विभिन्न शल्य चिकित्सा कक्षों और स्त्री रोग से संबंधित ऑपरेशन थिएटर में उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली।

आधुनिक ऑपरेशन थिएटर में बेहतर उपकरण, संक्रमण नियंत्रण और व्यवस्थित चिकित्सा प्रबंधन मरीजों के सुरक्षित उपचार के लिए महत्वपूर्ण होते हैं। इन सुविधाओं का प्रभावी संचालन सुनिश्चित करना अस्पताल प्रशासन की अहम जिम्मेदारी है।

मुख्यमंत्री ने प्रथम तल पर स्थित रेडियोलॉजी विभाग का भी जायजा लिया। जांच सुविधाओं को बेहतर बनाने से डॉक्टरों को मरीजों की बीमारी पहचानने और उचित उपचार तय करने में मदद मिल सकती है।

उन्होंने अस्पताल के विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने पर जोर दिया, ताकि मरीजों को जांच से लेकर उपचार तक अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।

साफ-सफाई और मरीजों की सुविधाओं पर अधिकारियों को निर्देश

निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने टावर-3 के भूतल पर ओपीडी मरीजों के पंजीकरण के लिए बनाए गए कियोस्क और काउंटर की व्यवस्था देखी। उन्होंने अल्पाहार गृह तथा मरीजों और उनके परिजनों के लिए उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी भी ली।

उन्होंने अधिकारियों को अस्पताल परिसर में साफ-सफाई, सुविधाओं के रखरखाव और मरीजों की समस्याओं के त्वरित समाधान पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया।

मुख्यमंत्री ने पुनर्विकास योजना के तहत बचे निर्माण कार्यों को गुणवत्ता के साथ पूरा करने को भी कहा। अस्पताल में बेहतर प्रबंधन और विभागों के बीच तालमेल से मरीजों को समय पर सेवाएं उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है।

उद्घाटन के दौरान कौन-कौन रहा मौजूद?

पीएमसीएच टावर-3 के उद्घाटन और निरीक्षण के दौरान उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी और विजेंद्र प्रसाद यादव, स्वास्थ्य मंत्री निशांत, सहकारिता मंत्री राम कृपाल यादव तथा विधायक संजीव चौरसिया और संजय कुमार सहित कई जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

कार्यक्रम में अस्पताल की सुविधाओं, चिकित्सा सेवाओं और पुनर्विकास कार्यों पर ध्यान दिया गया। अब इस परियोजना की सफलता इस बात से आंकी जाएगी कि मरीजों को आधुनिक सुविधाएं कितनी प्रभावी ढंग से मिलती हैं।

बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए क्यों अहम है PMCH का विस्तार?

पीएमसीएच में टावर-3 का उद्घाटन बिहार की सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण घटनाक्रम है। पीकू, आईसीयू, ऑपरेशन थिएटर और रेडियोलॉजी जैसी सुविधाएं अस्पताल की चिकित्सा व्यवस्था में अहम भूमिका निभा सकती हैं।

हालांकि, मरीजों को वास्तविक राहत तभी मिलेगी, जब भवन के साथ सभी जरूरी उपकरण, कर्मचारी और उपचार सेवाएं भी पर्याप्त रूप से उपलब्ध हों। 2,500 बेड पर आधुनिक इलाज का लक्ष्य पूरा होने पर अस्पताल की क्षमता और मरीजों की देखभाल में सुधार की उम्मीद की जा सकती है।

🛍️ ऑनलाइन शॉपिंग करें
Amazon, Flipkart, Myntra और AJIO पर खरीदारी करें
यहाँ से खरीदारी करने पे एक्स्ट्रा डिस्काउंट मिल सकता है।
Next Post Previous Post
"ताज़ा ख़बरें पाएं"
1