PMCH Patna: मरीजों को बड़ी राहत, टावर-3 में शुरू हुईं आधुनिक सुविधाएं
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पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल (PMCH) में इलाज कराने वाले मरीजों के लिए बड़ी राहत की खबर है। PMCH Patna में पुनर्विकास योजना के तहत नवनिर्मित टावर-3 का उद्घाटन हो गया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोमवार को नए भवन का उद्घाटन करते हुए कहा कि अस्पताल में आधुनिक सुविधाओं के साथ एक साथ 2,500 बेड पर इलाज उपलब्ध कराने का लक्ष्य है। नए भवन के शुरू होने से अस्पताल में 536 बेड बढ़ गए हैं। यहां ओपीडी रजिस्ट्रेशन, गंभीर रूप से बीमार बच्चों के इलाज और ऑपरेशन के लिए आधुनिक व्यवस्थाएं विकसित की गई हैं। नए भवन में मरीजों को पर्ची कटवाने से लेकर डॉक्टर को दिखाने तक की कई सुविधाएं एक ही जगह मिलेंगी। टोकन मशीन, वातानुकूलित रजिस्ट्रेशन काउंटर और एस्केलेटर जैसी व्यवस्थाओं से मरीजों को लंबी कतारों और अनावश्यक भागदौड़ से राहत मिलने की उम्मीद है।
PMCH Patna में टावर-3 से मरीजों को क्या होगा फायदा?
पीएमसीएच का नया टावर-3 नौ मंजिला भवन है। इसे अस्पताल की पुनर्विकास योजना के फेज-1 के तहत तैयार किया गया है। इसमें अलग-अलग विभागों के लिए ओपीडी, वार्ड, जांच केंद्र और गंभीर मरीजों के उपचार की सुविधाएं रखी गई हैं। भवन के निचले तल पर वातानुकूलित ओपीडी रजिस्ट्रेशन काउंटर शुरू किया गया है। यहां प्रतिदिन करीब 5,000 मरीजों का पंजीकरण करने की क्षमता बताई गई है। मरीजों को ऊपरी मंजिलों तक पहुंचने के लिए एस्केलेटर की सुविधा भी मिलेगी। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि नए भवन की सुविधाओं का नियमित रखरखाव किया जाए। उन्होंने कहा कि मरीजों और उनके परिजनों को परेशानी नहीं होनी चाहिए और समस्याओं का समय पर समाधान किया जाना चाहिए।
टोकन सिस्टम से पर्ची कटवाना होगा आसान
नए भवन में ओपीडी और आईपीडी के पंजीकरण के लिए 13-13 काउंटर बनाए गए हैं। इनमें महिलाओं के लिए दो और बुजुर्गों तथा दिव्यांगों के लिए एक काउंटर आरक्षित रखा गया है। रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया को व्यवस्थित बनाने के लिए 25 टोकन मशीनें लगाई गई हैं। मरीज या उनके परिजन मशीन में जरूरी जानकारी दर्ज करके टोकन प्राप्त कर सकेंगे। इसके बाद टोकन नंबर स्क्रीन पर दिखाई देगा और उसी क्रम के आधार पर पर्ची कटेगी। इस व्यवस्था का उद्देश्य रजिस्ट्रेशन काउंटर पर भीड़ कम करना और मरीजों का समय बचाना है। हालांकि, नई व्यवस्था के पूरी तरह लागू होने के बाद इसका वास्तविक असर मरीजों की प्रतीक्षा अवधि पर स्पष्ट होगा। पीएमसीएच के अधीक्षक डॉ. राजीव कुमार सिंह के मुताबिक, शुरुआती एक सप्ताह तक पुराने और नए दोनों रजिस्ट्रेशन काउंटरों पर पर्ची कटेगी। इस महीने के अंत तक नए काउंटर से ओपीडी पंजीकरण की पूरी व्यवस्था शुरू करने की योजना है।
पांचवीं मंजिल पर पीकू-नीकू की आधुनिक सुविधा
टावर-3 की पांचवीं मंजिल पर बच्चों के इलाज के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। यहां 58 बेड का नवजात शिशु गहन चिकित्सा कक्ष (NICU/नीकू) और 40 बेड का शिशु गहन चिकित्सा कक्ष (PICU/पीकू) शुरू किया गया है। पहले पीकू में 20 बेड थे। अब इसकी क्षमता बढ़कर 40 बेड हो गई है। इससे गंभीर रूप से बीमार बच्चों को गहन चिकित्सा उपलब्ध कराने की क्षमता बढ़ेगी। इसी मंजिल पर स्त्री एवं प्रसूति विभाग का ऑपरेशन थिएटर भी बनाया गया है। मुख्यमंत्री ने निरीक्षण के दौरान पीकू, नर्स स्टेशन, उपचार कक्ष, स्त्री रोग एवं प्रसूति आईसीयू और प्रसवोत्तर वार्ड की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने बच्चों के बीच पोषण किट भी वितरित की। अस्पताल में बाल चिकित्सा सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए इन सुविधाओं को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
टावर-3 की किस मंजिल पर कौन-सी सुविधा मिलेगी?
नए भवन में विभागों को अलग-अलग मंजिलों पर व्यवस्थित किया गया है, ताकि मरीजों को संबंधित सेवाओं तक पहुंचने में आसानी हो।
- पोडियम तल: ओपीडी और आईपीडी पंजीकरण।
- पहली मंजिल: रेडियोलॉजी, डायग्नोस्टिक्स और इमरजेंसी।
- दूसरी मंजिल: जनरल मेडिसिन।
- तीसरी मंजिल: विभिन्न विभागों की ओपीडी।
- चौथी मंजिल: सामान्य सर्जरी।
- पांचवीं मंजिल: पीकू, नीकू और स्त्री एवं प्रसूति विभाग का ओटी।
- छठी मंजिल: सर्जरी और मेडिसिन से जुड़ी सुविधाएं।
- सातवीं मंजिल: स्त्री एवं प्रसूति विभाग के कार्यालय।
- आठवीं मंजिल: शिशु सर्जरी और जनरल सर्जरी।
- नौवीं मंजिल: मानसिक रोग विभाग सहित अन्य कार्यालय।
इस तरह अलग-अलग विभागों के लिए निर्धारित मंजिलों पर सेवाएं उपलब्ध कराने की योजना है। इससे मरीजों और उनके परिजनों को सही विभाग तक पहुंचने में मदद मिल सकती है।
सर्जरी और मेडिसिन के लिए बढ़ेंगे बेड
नए भवन में सर्जरी विभाग के लिए करीब 150 बेड का वातानुकूलित वार्ड बनाया गया है। मेडिसिन विभाग के लिए 160 बेड का वार्ड तैयार किया गया है। इसके अलावा चार नए ऑपरेशन थिएटर और एक इमरजेंसी यूनिट भी बनाई गई है। पुरानी इमरजेंसी से सर्जरी, प्लास्टिक सर्जरी, न्यूरो, नेफ्रोलॉजी और मेडिसिन सहित कई विभागों के ऑपरेशन थिएटर तथा आईसीयू को नए भवन की छठी मंजिल पर स्थानांतरित करने की योजना है। इन व्यवस्थाओं का उद्देश्य गंभीर मरीजों को बेहतर उपचार सुविधा देना और अस्पताल के अलग-अलग विभागों पर दबाव कम करना है। सभी विभागों के स्थानांतरण और सेवाओं के संचालन की स्थिति के अनुसार मरीजों को सुविधाओं का लाभ मिलेगा।
दवा के लिए भी मिलेगी सुविधा
नए भवन में मरीजों को दवा लेने के लिए अनावश्यक रूप से अलग-अलग जगह जाने से बचाने की व्यवस्था की जा रही है। इमरजेंसी में आने वाले मरीजों के लिए ओपीडी रजिस्ट्रेशन काउंटर के पास ही फार्मेसी काउंटर बनाया गया है। ओपीडी में डॉक्टर को दिखाने वाले मरीजों के लिए राजेंद्र सर्जिकल ब्लॉक के पास फार्मेसी की व्यवस्था की जा रही है। यहां दवा वितरण के लिए 13 काउंटर बनाए गए हैं। इसका उद्देश्य दवा वितरण को आसान बनाना और मरीजों की भीड़ को व्यवस्थित करना है।
पीएमसीएच के पुनर्विकास से क्या बदलेगा?
पीएमसीएच बिहार के प्रमुख सरकारी अस्पतालों में शामिल है, जहां रोजाना बड़ी संख्या में मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। नए टावर-3 में अतिरिक्त बेड, आधुनिक जांच सुविधाएं, बेहतर रजिस्ट्रेशन व्यवस्था और बच्चों के लिए विशेष गहन चिकित्सा इकाइयों की शुरुआत अस्पताल की क्षमता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। हालांकि, सुविधाओं का पूरा लाभ तभी मिलेगा, जब सभी सेवाएं सुचारु रूप से संचालित हों, डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों की पर्याप्त उपलब्धता रहे और उपकरणों का नियमित रखरखाव किया जाए। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अधिकारियों को नियमित निरीक्षण करने और मरीजों की समस्याओं का त्वरित समाधान करने के निर्देश दिए हैं। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि नई व्यवस्थाएं अस्पताल में इलाज की गुणवत्ता, प्रतीक्षा समय और मरीजों के अनुभव में कितना सुधार लाती हैं।