परमबसंत में मानव जागरूकता अभियान, शिक्षा और एकता का दिया संदेश
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👉 WhatsApp से जुड़ेंशिवहर के तरियानी प्रखंड स्थित परमबसंत गांव में मानव जागरूकता अभियान का आयोजन किया गया। इस दौरान मानव जागरूकता अभियान के माध्यम से ग्रामीणों को शिक्षा, सामाजिक एकता और जागरूक रहने का संदेश दिया गया। कार्यक्रम में बिहार के अलग-अलग क्षेत्रों से सामाजिक कार्यकर्ता और जागरूक नागरिक पहुंचे।
भारत एकता मिशन अम्बेडकर विचार मंच के तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि किसी भी समाज की प्रगति केवल आर्थिक विकास से नहीं, बल्कि शिक्षा और सामाजिक जागरूकता से भी जुड़ी होती है।
शिक्षा को बताया समाज की प्रगति का आधार
कार्यक्रम में शामिल सामाजिक कार्यकर्ताओं ने ग्रामीणों से बच्चों की शिक्षा पर विशेष ध्यान देने की अपील की। वक्ताओं ने कहा कि बच्चों को नियमित रूप से स्कूल भेजना और उन्हें पढ़ाई के लिए प्रोत्साहित करना परिवार तथा समाज दोनों की जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यक्ति को अपने अधिकारों और जिम्मेदारियों को समझने में मदद करती है। शिक्षित और जागरूक नागरिक सामाजिक समस्याओं को बेहतर तरीके से समझकर उनके समाधान में योगदान दे सकते हैं।
ग्रामीणों से बच्चों की पढ़ाई को प्राथमिकता देने तथा शिक्षा के प्रति सकारात्मक माहौल बनाने की अपील की गई।
सामाजिक एकता और जागरूकता पर भी जोर
कार्यक्रम के दौरान केवल शिक्षा ही नहीं, बल्कि सामाजिक एकता को लेकर भी चर्चा हुई। वक्ताओं ने लोगों से आपसी सहयोग और भाईचारे की भावना मजबूत करने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि समाज में मौजूद विभिन्न प्रकार की सामाजिक कुरीतियों और समस्याओं के प्रति लोगों को जागरूक रहना चाहिए। जागरूकता के माध्यम से लोग अपने आसपास होने वाली गलत परंपराओं और सामाजिक समस्याओं को पहचान सकते हैं।
ग्रामीणों को यह संदेश भी दिया गया कि समाज के विकास में प्रत्येक व्यक्ति की भूमिका महत्वपूर्ण है। जब लोग शिक्षा और सामाजिक जिम्मेदारियों को लेकर जागरूक होंगे, तभी सकारात्मक बदलाव को मजबूती मिल सकती है।
बिहार के कई क्षेत्रों से पहुंचे सामाजिक कार्यकर्ता
कार्यक्रम में बिहार के विभिन्न जिलों और क्षेत्रों से सामाजिक कार्यकर्ताओं तथा जागरूक लोगों ने हिस्सा लिया। सभी ने अपने-अपने विचार रखते हुए ग्रामीणों को सामाजिक और शैक्षणिक जागरूकता के लिए प्रेरित किया।
मुख्य अतिथि के रूप में भीम आर्मी के जिलाध्यक्ष बागी कौशल कुमार प्रियदर्शी और अर्जक संघ के प्रदेश अध्यक्ष अरुण कुमार गुप्ता मौजूद रहे।
इसके अलावा भंते बुद्ध शरण जी और अर्जक संघ के राज्य समिति सदस्य राजधारी राम समेत कई सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कार्यक्रम में भाग लिया।
वक्ताओं ने अपने संबोधन में शिक्षा को सामाजिक परिवर्तन का महत्वपूर्ण माध्यम बताया और ग्रामीणों को जागरूकता से जुड़े प्रयासों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया।
ग्रामीणों को बच्चों की शिक्षा पर ध्यान देने की अपील
कार्यक्रम में मौजूद लोगों से विशेष रूप से बच्चों की शिक्षा को लेकर गंभीरता बरतने की अपील की गई। वक्ताओं ने कहा कि बच्चों की बेहतर शिक्षा भविष्य में परिवार और समाज दोनों को मजबूत आधार दे सकती है।
उन्होंने अभिभावकों से बच्चों की पढ़ाई में रुचि लेने और उन्हें शिक्षा जारी रखने के लिए प्रोत्साहित करने की बात कही।
साथ ही ग्रामीणों को सामाजिक मुद्दों की जानकारी रखने और किसी भी समस्या के प्रति चुप रहने के बजाय जागरूक नागरिक की भूमिका निभाने का संदेश दिया गया।
बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने लिया हिस्सा
मानव जागरूकता अभियान के दौरान परमबसंत और आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में ग्रामीण कार्यक्रम में पहुंचे। आयोजकों के अनुसार कार्यक्रम में हजारों लोगों की उपस्थिति रही।
मौके पर श्रीकांत जाटव, धर्मेंद्र राम, सुधांशु जी और राजवैद्य विक्की बौद्ध सहित कई सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहे।
कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने शिक्षा के प्रसार और सामाजिक जागरूकता को मजबूत करने से जुड़े विचारों को सुना। आयोजन के दौरान ग्रामीणों के बीच शिक्षा, एकता और सामाजिक जिम्मेदारी को लेकर संवाद का माहौल रहा।
शिक्षा और जागरूकता से बदलाव का संदेश
परमबसंत में आयोजित यह कार्यक्रम ग्रामीण स्तर पर शिक्षा और सामाजिक जागरूकता को लेकर संवाद का एक अवसर बना। कार्यक्रम में वक्ताओं ने लोगों को यह समझाने का प्रयास किया कि समाज में सकारात्मक बदलाव के लिए केवल सरकारी प्रयास पर्याप्त नहीं हैं।
इसके लिए परिवार, समुदाय और सामाजिक संगठनों की भागीदारी भी जरूरी है। शिक्षा को बढ़ावा देने, बच्चों को नियमित पढ़ाने और सामाजिक कुरीतियों के प्रति जागरूक रहने से समाज में लंबे समय तक सकारात्मक प्रभाव पैदा किया जा सकता है।
कार्यक्रम के माध्यम से ग्रामीणों को शिक्षा को प्राथमिकता देने, सामाजिक एकता बनाए रखने और अपने अधिकारों व जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया गया।
