उत्क्रमित मध्य विद्यालय ओरियामा स्कूल में बच्चों की डांडिया झांकी ने जीता दिल, दशहरा के संदेश से गूंजा विद्यालय

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उत्क्रमित मध्य विद्यालय ओरियामा स्कूल में बच्चों की डांडिया झांकी ने जीता दिल, दशहरा के संदेश से गूंजा विद्यालय

दुर्गा पूजा के उत्साह के बीच उत्क्रमित मध्य विद्यालय ओरियामा में बच्चों की डांडिया झांकी ने सभी का मन मोह लिया। ओरियामा स्कूल में डांडिया झांकी के दौरान कक्षा 7 और 8 के छात्र-छात्राओं ने उत्साह के साथ अपनी प्रस्तुति दी। ओरियामा स्कूल में डांडिया झांकी के इस कार्यक्रम से पूरा विद्यालय भक्तिमय वातावरण में डूब गया। बच्चों की सांस्कृतिक प्रतिभा के साथ-साथ सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ जागरूकता का संदेश भी देखने को मिला।

कार्यक्रम में विद्यालय के प्रधानाध्यापक कृष्ण कुमार कुन्दन ने बच्चों की प्रस्तुतियों की जमकर सराहना की। उन्होंने दशहरा पर्व के महत्व को समझाते हुए विद्यार्थियों को सत्य, अच्छाई और सकारात्मक सोच के रास्ते पर चलने की प्रेरणा दी।

दुर्गा पूजा पर डांडिया प्रस्तुति से भक्तिमय हुआ विद्यालय

दुर्गा पूजा के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में कक्षा 7 और 8 के विद्यार्थियों ने मिलकर डांडिया झांकी प्रस्तुत की। पारंपरिक उत्सव के रंग में रंगे बच्चों की प्रस्तुति ने विद्यालय में मौजूद शिक्षकों, विद्यार्थियों और अतिथियों का ध्यान आकर्षित किया।

कार्यक्रम के दौरान विद्यालय का माहौल उत्साह और भक्ति से भर गया। बच्चों ने अपनी कला और सामूहिक भागीदारी के माध्यम से सांस्कृतिक परंपराओं को जीवंत करने का प्रयास किया।

शिक्षकों ने भी विद्यार्थियों के प्रदर्शन की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ाने के साथ उन्हें अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर देते हैं।

प्रधानाध्यापक ने बताया दशहरा पर्व का महत्व

विद्यालय के प्रधानाध्यापक कृष्ण कुमार कुन्दन ने बच्चों की प्रस्तुति की सराहना करते हुए दशहरा पर्व के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने विद्यार्थियों को बताया कि दशहरा बुराई पर अच्छाई और असत्य पर सत्य की जीत का प्रतीक है।

उन्होंने अंधकार पर प्रकाश की विजय का संदेश देते हुए बच्चों को जीवन में सच्चाई, अनुशासन और अच्छे आचरण को अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि त्योहार केवल उत्सव मनाने का अवसर नहीं हैं, बल्कि उनसे मिलने वाली सीख को जीवन में उतारना भी जरूरी है।

कार्यक्रम में उपस्थित शिक्षकों ने भी अपने विचार रखे। सभी ने बच्चों की मेहनत, अनुशासन और सामूहिक प्रस्तुति की प्रशंसा की।

दहेज प्रथा और बाल विवाह पर भी दी जागरूकता की सीख

इस कार्यक्रम की खास बात यह रही कि बच्चों ने सांस्कृतिक प्रस्तुति के साथ सामाजिक मुद्दों को भी उठाया। विद्यार्थियों ने दहेज प्रथा और बाल विवाह जैसी कुरीतियों पर आधारित झांकियां प्रस्तुत कीं।

इन प्रस्तुतियों के माध्यम से समाज को जागरूक करने का संदेश दिया गया। दहेज प्रथा और बाल विवाह आज भी सामाजिक जागरूकता, शिक्षा और सामूहिक प्रयास की आवश्यकता को सामने लाते हैं।

विद्यालय में ऐसे कार्यक्रमों के आयोजन से बच्चों को सामाजिक समस्याओं को समझने और उनके खिलाफ आवाज उठाने की प्रेरणा मिलती है। शिक्षकों और उपस्थित सदस्यों ने इन प्रस्तुतियों की भी सराहना की।

कार्यक्रम की अध्यक्षता मंजू कुमारी ने की

विद्यालय में आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता मंजू कुमारी ने की। कार्यक्रम के संचालन और आयोजन में शालू शुक्ला ने सहयोग किया।

इस अवसर पर शिक्षकों मंजू कुमारी, शालू शुक्ला, गुलशन देवी, दिलीप कुमार, सोना सिन्हा, किरण कुमारी और रितेश कुमार की उपस्थिति रही। इसके अलावा टोला सेवक सुनील कुमार भी कार्यक्रम में शामिल हुए।

विद्यालय शिक्षा समिति के अध्यक्ष हरेकृष्ण राय और सचिव रेणु देवी ने भी कार्यक्रम में भाग लिया। उपस्थित सभी लोगों ने बच्चों की झांकियों और विद्यालय में बनाए गए अनुशासित माहौल की प्रशंसा की।

डांडिया प्रतियोगिता में इन विद्यार्थियों ने हासिल किए स्थान

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों के आधार पर प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया। प्रधानाध्यापक कृष्ण कुमार कुन्दन ने पुरस्कार देकर बच्चों का उत्साह बढ़ाया।

छात्राओं में स्थान प्राप्त करने वाली प्रतिभागी:

  • प्रथम स्थान: अनुपम कुमारी

  • द्वितीय स्थान: लक्ष्मी कुमारी

  • तृतीय स्थान: अदिति कुमारी

इसके अलावा ईशा कुमारी, सोनाक्षी कुमारी, रानी कुमारी, शिबानी कुमारी, गायत्री कुमारी, संजू कुमारी और साक्षी कुमारी सहित अन्य छात्राओं ने भी कार्यक्रम में भाग लिया।

छात्रों में स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागी:

  • प्रथम स्थान: रिसव कुमार

  • द्वितीय स्थान: चिरंजीवी अंश

  • तृतीय स्थान: सचिन कुमार

रोहित कुमार और प्रद्युमन कुमार सहित अन्य विद्यार्थियों ने भी प्रस्तुतियों में हिस्सा लिया। पुरस्कार मिलने से बच्चों का उत्साह बढ़ा और उनकी मेहनत को पहचान मिली।

उत्क्रमित मध्य विद्यालय ओरियामा स्कूल में बच्चों की डांडिया झांकी ने जीता दिल, दशहरा के संदेश से गूंजा विद्यालय

प्रधानाध्यापक ने की कार्यक्रम के समापन की घोषणा

कार्यक्रम के अंतिम चरण में प्रधानाध्यापक कृष्ण कुमार कुन्दन ने समापन की घोषणा की। उन्होंने सभी प्रतिभागियों, शिक्षकों और आयोजन में सहयोग करने वाले लोगों का आभार व्यक्त किया।

कार्यक्रम ने बच्चों को सांस्कृतिक परंपराओं से जोड़ने के साथ सामाजिक बुराइयों के प्रति जागरूक रहने का संदेश भी दिया। विद्यालय में अनुशासन और सामूहिक भागीदारी की सराहना के बीच यह आयोजन संपन्न हुआ।

इस तरह उत्क्रमित मध्य विद्यालय ओरियामा का दुर्गा पूजा कार्यक्रम बच्चों की प्रतिभा, सांस्कृतिक उत्साह और सामाजिक जागरूकता का संगम बना। डांडिया झांकी और सामाजिक विषयों पर आधारित प्रस्तुतियों ने विद्यार्थियों को सीखने, समझने और अपनी बात प्रभावी ढंग से रखने का अवसर दिया।

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