नीट छात्रा मौत मामले में CBI की क्लोजर रिपोर्ट, नहीं मिले ठोस सबूत, 13 अक्टूबर को सुनवाई
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नीट छात्रा मौत मामला एक बार फिर चर्चा में है। पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल में रहने वाली जहानाबाद की नीट छात्रा की मौत की जांच सीबीआई ने पूरी कर ली है। नीट छात्रा मौत मामला में जांच एजेंसी ने मंगलवार को पटना की पॉक्सो विशेष अदालत में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, सीबीआई को हत्या और दुष्कर्म के आरोपों के संबंध में ठोस सबूत नहीं मिले हैं।
पॉक्सो विशेष अदालत के न्यायाधीश राजीव रंजन रमन 13 अक्टूबर को सीबीआई की क्लोजर रिपोर्ट पर सुनवाई करेंगे। इस दौरान मामले के सूचक यानी छात्रा के पिता का पक्ष भी सुना जाएगा।
क्या है पूरा नीट छात्रा मौत मामला?
पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल में रहकर नीट की तैयारी करने वाली छात्रा 6 जनवरी 2026 को बेहोशी की हालत में मिली थी।
उसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, लेकिन 11 जनवरी को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। छात्रा जहानाबाद की रहने वाली थी और पटना में रहकर मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी कर रही थी।
छात्रा की मौत के बाद उसके परिवार ने दुष्कर्म और हत्या का आरोप लगाया। परिवार की शिकायत के आधार पर मामले की पुलिस जांच शुरू हुई और बाद में यह मामला काफी चर्चा में आ गया।
पिता के बयान पर दर्ज हुई थी FIR
छात्रा के पिता के फर्दबयान के आधार पर 9 जनवरी को चित्रगुप्त नगर थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
मामले की शुरुआती जांच तत्कालीन थानाध्यक्ष रौशनी कुमारी ने शुरू की। बाद में मामले की गंभीरता को देखते हुए आईजी जितेन्द्र राणा के नेतृत्व में विशेष जांच टीम यानी एसआईटी गठित की गई।
मामले को लेकर पटना में धरना-प्रदर्शन भी हुए। जांच को लेकर कई सवाल उठाए गए और जांच अधिकारियों पर भी आरोप लगाए गए।
इसके बाद सरकार ने मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी। सीबीआई की दिल्ली टीम ने मामले से जुड़े तथ्यों, उपलब्ध साक्ष्यों और संबंधित लोगों से जुड़ी जानकारी की जांच की।
सीबीआई ने कोर्ट में दाखिल की क्लोजर रिपोर्ट
जांच पूरी करने के बाद सीबीआई ने पटना पॉक्सो की विशेष अदालत में अंतिम प्रपत्र यानी क्लोजर रिपोर्ट दाखिल कर दी।
क्लोजर रिपोर्ट में जांच एजेंसी ने मामले में हत्या या दुष्कर्म के आरोपों को साबित करने वाले ठोस साक्ष्य नहीं मिलने की बात कही है। हालांकि, अंतिम निर्णय अब अदालत को करना है।
कोर्ट सीबीआई की रिपोर्ट को स्वीकार कर सकता है, उसे अस्वीकार कर सकता है या मामले में आगे की जांच का निर्देश भी दे सकता है।
इसलिए क्लोजर रिपोर्ट दाखिल होने का अर्थ यह नहीं है कि अदालत ने मामले को अंतिम रूप से समाप्त कर दिया है। 13 अक्टूबर की सुनवाई के बाद आगे की कानूनी स्थिति स्पष्ट होगी।
हॉस्टल मालिक की गिरफ्तारी भी हुई थी
इस मामले में शंभू गर्ल्स हॉस्टल के मालिक मनीष रंजन को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था।
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, निर्धारित अवधि के भीतर बिहार पुलिस की एसआईटी और बाद में सीबीआई की ओर से भी उनके खिलाफ पॉक्सो विशेष अदालत में आरोप पत्र दाखिल नहीं किया गया।
इसके बाद मनीष रंजन को नियमित जमानत मिल गई। अब सीबीआई की क्लोजर रिपोर्ट दाखिल होने के बाद मामले की आगे की कानूनी प्रक्रिया अदालत के फैसले पर निर्भर करेगी।
परिवार ने जांच पर उठाए हैं सवाल
छात्रा के पिता और उसकी मां ने इस मामले में बिहार पुलिस, सीबीआई और डॉक्टर पर मिलीभगत के आरोप लगाए हैं। परिवार का दावा है कि छात्रा के साथ दुष्कर्म और उसकी हत्या की गई थी।
परिजनों ने मामले में प्रभावशाली लोगों के शामिल होने का भी आरोप लगाया है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं हुई है।
दूसरी ओर, सीबीआई की ओर से दाखिल क्लोजर रिपोर्ट में जांच के दौरान आरोपों के समर्थन में ठोस सबूत नहीं मिलने की बात सामने आई है। ऐसे में अब अदालत के समक्ष सीबीआई की रिपोर्ट और परिवार की आपत्तियां महत्वपूर्ण होंगी।
मां के बयान को लेकर हाईकोर्ट में मामला लंबित
इस केस में जांच से जुड़ा एक अन्य कानूनी पहलू भी सामने आया है। सीबीआई ने पॉक्सो विशेष अदालत के उस आदेश को पटना हाईकोर्ट में चुनौती दी है, जिसमें छात्रा की मां का बयान भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता यानी बीएनएसएस की संबंधित धारा के तहत दर्ज करने का निर्देश दिया गया था।
सीबीआई की यह याचिका पटना हाईकोर्ट में लंबित बताई गई है। इसका मतलब है कि मामले से जुड़ी न्यायिक प्रक्रिया अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुई है।
अब 13 अक्टूबर को क्या होगा?
13 अक्टूबर की सुनवाई में पॉक्सो विशेष अदालत सीबीआई की क्लोजर रिपोर्ट पर विचार करेगी। अदालत मामले के सूचक और छात्रा के परिवार का पक्ष भी सुनेगी।
इसके बाद कोर्ट के पास कई विकल्प हो सकते हैं। वह सीबीआई की रिपोर्ट स्वीकार कर सकता है, रिपोर्ट पर आपत्ति पर विचार कर सकता है या परिस्थितियों के आधार पर आगे की जांच का निर्देश दे सकता है।
एक नजर में
मामला: पटना में नीट छात्रा की मौत
स्थान: शंभू गर्ल्स हॉस्टल, पटना
छात्रा: जहानाबाद निवासी
बेहोश मिली: 6 जनवरी 2026
मौत: 11 जनवरी 2026
FIR: 9 जनवरी, चित्रगुप्त नगर थाना
जांच: पहले बिहार पुलिस/SIT, बाद में CBI
ताजा घटनाक्रम: CBI ने क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की
अगली सुनवाई: 13 अक्टूबर 2026
परिवार का पक्ष: दुष्कर्म और हत्या का आरोप
फिलहाल मामले में अंतिम कानूनी स्थिति अदालत की आगामी सुनवाई के बाद ही स्पष्ट होगी। सीबीआई की क्लोजर रिपोर्ट के बावजूद परिवार के आरोप और उससे जुड़ी न्यायिक कार्यवाही अदालत के सामने मौजूद है।
