मुजफ्फरपुर में मंदिर का दरवाजा खुला तो फर्श पर मिला महंत का शव, मचा हड़कंप
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👉 WhatsApp से जुड़ेंमुजफ्फरपुर में महंत की संदिग्ध मौत का मामला सामने आने के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। महंत की संदिग्ध मौत के बाद सिकंदरपुर थाना पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। बालू घाट रोड स्थित मंदिर परिसर में 80 वर्षीय महंत महावीर दास का शव फर्श पर मिला।
सुबह काफी देर तक मंदिर का दरवाजा नहीं खुला और पूजा-पाठ भी शुरू नहीं हुआ तो आसपास के लोगों को शक हुआ। लोगों ने मंदिर के अंदर देखा तो महंत का शव पड़ा मिला। सूचना मिलते ही मौके पर स्थानीय लोगों की भीड़ जुट गई।
सुबह मंदिर का दरवाजा नहीं खुला तो हुआ शक
घटना बुधवार सुबह की बताई जा रही है। सिकंदरपुर थाना क्षेत्र के बालू घाट रोड स्थित मंदिर में महंत महावीर दास लंबे समय से रह रहे थे।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, महंत मंदिर की देखरेख के साथ पूजा-पाठ भी करते थे और परिसर में अकेले रहते थे।
बुधवार सुबह काफी देर तक मंदिर का गेट बंद रहा। आम दिनों की तरह पूजा-पाठ की गतिविधियां दिखाई नहीं देने पर आसपास के लोगों को चिंता हुई।
इसके बाद लोगों ने मंदिर के पास पहुंचकर स्थिति देखने की कोशिश की। अंदर महंत का शव फर्श पर पड़ा दिखाई दिया।
अंदर से बंद था मंदिर का गेट
घटना की सूचना पुलिस को दी गई। सिकंदरपुर थाना की टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण शुरू किया।
पुलिस के अनुसार, मंदिर का गेट अंदर से बंद था और महंत का शव फर्श पर पड़ा मिला। शव के मुंह से झाग निकलने की बात भी सामने आई है।
इन परिस्थितियों को देखते हुए पुलिस ने मौत के कारण को लेकर तत्काल कोई निष्कर्ष नहीं निकाला है। पुलिस सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है।
मौत बीमारी के कारण हुई या इसके पीछे कोई अन्य वजह रही, यह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
कई महीनों से बीमार चल रहे थे महंत
स्थानीय लोगों के अनुसार, महंत महावीर दास पिछले कुछ महीनों से बीमार चल रहे थे। उनका इलाज भी चल रहा था और वह दवाएं ले रहे थे।
पंडित रंजीत नारायण तिवारी ने भी बताया कि महंत लंबे समय से मंदिर में रहकर धार्मिक कार्य करते थे और पिछले कुछ समय से उनकी तबीयत खराब थी।
उन्होंने कहा कि महंत की मौत किन परिस्थितियों में हुई, इसकी जानकारी उन्हें नहीं है।
पंडित के अनुसार, उनके संज्ञान में महंत का किसी व्यक्ति के साथ किसी तरह का विवाद होने की जानकारी भी नहीं थी।
एफएसएल टीम जुटाएगी घटनास्थल से साक्ष्य
मौत की परिस्थितियों को स्पष्ट करने के लिए पुलिस ने एफएसएल यानी फॉरेंसिक साइंस लैब की टीम को सूचना दी है।
फॉरेंसिक टीम के मौके पर पहुंचने के बाद घटनास्थल की बारीकी से जांच की जाएगी। टीम जरूरी साक्ष्य जुटाएगी, जिससे मौत से जुड़े सवालों का जवाब तलाशने में पुलिस को मदद मिल सके।
पुलिस के लिए मंदिर का अंदर से बंद होना, शव की स्थिति और घटनास्थल पर मौजूद अन्य परिस्थितियां जांच के महत्वपूर्ण बिंदु हैं।
हालांकि, इन परिस्थितियों के आधार पर अभी किसी तरह का निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी।
पुलिस ने शुरू की सभी पहलुओं से जांच
सिकंदरपुर थाना प्रभारी राकेश मोहन ने बताया कि मंदिर परिसर में एक महंत का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिला है।
उन्होंने बताया कि पुलिस मामले की जांच कर रही है और एफएसएल टीम को भी सूचना दी गई है। टीम के पहुंचने के बाद घटनास्थल से आवश्यक साक्ष्य जुटाए जाएंगे।
पुलिस अधिकारी के अनुसार, मौत का वास्तविक कारण जांच और जरूरी चिकित्सकीय प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।
जांच में घटनास्थल के साक्ष्यों के साथ महंत की स्वास्थ्य स्थिति और अन्य परिस्थितियों को भी ध्यान में रखा जाएगा।
अंतिम संस्कार को लेकर भी होगी बातचीत
महंत महावीर दास लंबे समय से मंदिर परिसर में रह रहे थे। उनकी मौत के बाद अंतिम संस्कार और साधु-संतों से जुड़े धार्मिक रीति-रिवाजों को लेकर भी स्थानीय लोगों और अन्य महंतों से बातचीत की जा रही है।
पंडित रंजीत नारायण तिवारी ने बताया कि इस संबंध में आपसी बातचीत के बाद निर्णय लिया जाएगा।
फिलहाल पुलिस की प्राथमिकता मौत की परिस्थितियों को स्पष्ट करना है। फॉरेंसिक जांच और अन्य चिकित्सकीय प्रक्रिया के बाद ही आगे की स्थिति साफ होने की उम्मीद है।
एक नजर में पूरा मामला
मामला मुजफ्फरपुर के सिकंदरपुर थाना क्षेत्र का है।
बालू घाट रोड स्थित मंदिर में घटना हुई।
मृतक की पहचान 80 वर्षीय महंत महावीर दास के रूप में हुई।
महंत लंबे समय से मंदिर परिसर में रह रहे थे।
स्थानीय लोगों के अनुसार वह कुछ महीनों से बीमार थे।
सुबह मंदिर का गेट अंदर से बंद मिला।
शव फर्श पर पड़ा मिला और मुंह से झाग निकलने की बात सामने आई।
पुलिस ने घटनास्थल की जांच शुरू कर दी है।
एफएसएल टीम को साक्ष्य जुटाने के लिए बुलाया गया है।
मौत का वास्तविक कारण जांच और चिकित्सकीय प्रक्रिया के बाद स्पष्ट होगा।
