मुंगेर में शराब केस FIR से छेड़छाड़ का मामला, 9 पुलिसकर्मियों पर गिरी गाज

📌 पटना और बिहार के सभी ज़िलों की ताज़ा ख़बरें सीधे अपने मोबाइल पर पाएं!

👉 WhatsApp से जुड़ें


 

बिहार के मुंगेर में FIR में छेड़छाड़ का मामला सामने आने के बाद पुलिस विभाग में बड़ी कार्रवाई हुई है। मुफस्सिल थाना क्षेत्र में शराब से जुड़े दो मामलों की प्राथमिकी में तथ्यों के साथ गड़बड़ी के साक्ष्य मिलने पर FIR में छेड़छाड़ की जांच आगे बढ़ाई गई। इसके बाद एसपी सैयद इमरान मसूद ने आठ पुलिसकर्मियों और एक चौकीदार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।

मुफस्सिल थानाध्यक्ष राजेश कुमार के खिलाफ भी निलंबन की अनुशंसा डीआईजी से की गई है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, पूरे मामले की विस्तृत जांच के बाद यह कार्रवाई की गई है।

शराब के दो मामलों की FIR में मिली गड़बड़ी

मुफस्सिल थाना क्षेत्र में अगस्त और सितंबर महीने में शराब से जुड़े दो मामले दर्ज किए गए थे। इन मामलों की प्राथमिकी में तथ्यों के साथ कथित तौर पर गड़बड़ी किए जाने की सूचना पुलिस को मिली थी।

जानकारी आम लोगों और पुलिस सूत्रों के माध्यम से सामने आने के बाद अंचल पुलिस निरीक्षक से प्रारंभिक जांच कराई गई। जांच में कुछ पुलिस अधिकारियों की भूमिका सामने आई।

प्रारंभिक जांच के आधार पर सब इंस्पेक्टर राजेश कुमार शर्मा और दारोगा नुरैन अंसारी को 26 सितंबर को निलंबित कर दिया गया था।

इसके बाद मामले की विस्तृत जांच की जिम्मेदारी डीएसपी मुख्यालय को दी गई।

CCTV और थाने के रिकॉर्ड की भी हुई जांच

विस्तृत जांच के दौरान पुलिस टीम मुफस्सिल थाना पहुंची और वहां उपलब्ध CCTV फुटेज की जांच की गई। इसके साथ ही थाने के अभिलेखों को भी खंगाला गया।

जांच टीम ने शराब मामलों में हुई छापेमारी में शामिल पुलिसकर्मियों से पूछताछ भी की। इस दौरान प्राथमिकी में दर्ज तथ्यों में गड़बड़ी से जुड़े साक्ष्य सामने आने की बात पुलिस ने कही।

इसके बाद जांच का दायरा बढ़ाया गया और दूसरे पुलिसकर्मियों की भूमिका की भी पड़ताल की गई।

पुलिस के अनुसार, जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की गई है।

आठ पुलिसकर्मी और एक चौकीदार निलंबित

एसपी सैयद इमरान मसूद के अनुसार, मामले में कुल आठ पुलिसकर्मियों और एक चौकीदार को निलंबित किया गया है।

निलंबित किए गए लोगों में सब इंस्पेक्टर राजेश कुमार शर्मा, नुरैन अंसारी और वीरेंद्र कुमार शामिल हैं। इसके अलावा सिपाही मन्नु कुमार, क्यूआरटी हसनपुर के प्रशांत कुमार, निलेश कुमार पासवान, सूरज कुमार और विनोद सिंह यादव पर भी कार्रवाई हुई है।

मुफस्सिल थाना के चौकीदार कृष्णदेव पासवान को भी निलंबित किया गया है।

पुलिस प्रशासन ने यह कार्रवाई जांच में सामने आए तथ्यों और संबंधित कर्मियों की भूमिका के आधार पर की है।

थानाध्यक्ष के खिलाफ भी निलंबन की अनुशंसा

मामले में मुफस्सिल थानाध्यक्ष राजेश कुमार की भूमिका को लेकर भी जांच की गई है। एसपी ने उनके खिलाफ निलंबन की अनुशंसा डीआईजी से की है।

इससे साफ है कि पुलिस प्रशासन ने मामले को केवल कुछ कर्मचारियों तक सीमित नहीं रखा, बल्कि थाना स्तर पर जिम्मेदारी की भी जांच की है।

थानाध्यक्ष के खिलाफ आगे की कार्रवाई डीआईजी स्तर पर लिए जाने वाले निर्णय के बाद स्पष्ट होगी।

पुलिस की विश्वसनीयता पर एसपी ने कही बड़ी बात

एसपी सैयद इमरान मसूद ने कहा कि पुलिस का काम जनता के विश्वास पर चलता है। किसी मामले की जांच या प्राथमिकी में यदि पुलिसकर्मी स्तर पर गड़बड़ी होती है, तो इससे पुलिस की विश्वसनीयता प्रभावित होती है।

उन्होंने कहा कि जांच के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है।

पुलिस प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद मुफस्सिल थाना और जिले के पुलिस महकमे में मामला चर्चा में है।

अब आगे क्या होगा?

मामले में निलंबित पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय स्तर पर आगे की कार्रवाई की प्रक्रिया चलेगी। वहीं, मुफस्सिल थानाध्यक्ष के खिलाफ निलंबन की अनुशंसा पर डीआईजी स्तर से निर्णय लिया जाना है।

जांच का उद्देश्य शराब से जुड़े दोनों मामलों की प्राथमिकी में दर्ज तथ्यों की स्थिति और उसमें शामिल पुलिसकर्मियों की भूमिका को स्पष्ट करना है।

पुलिस प्रशासन का कहना है कि जांच में जो तथ्य सामने आए, उन्हीं के आधार पर कार्रवाई की गई है। मामले में आगे की कार्रवाई संबंधित विभागीय प्रक्रिया और जांच के निष्कर्षों पर निर्भर करेगी।

🛍️ ऑनलाइन शॉपिंग करें
Amazon, Flipkart, Myntra और AJIO पर खरीदारी करें
यहाँ से खरीदारी करने पे एक्स्ट्रा डिस्काउंट मिल सकता है।
Next Post Previous Post
"ताज़ा ख़बरें पाएं"
1