मोतीपुर निबंधन कार्यालय शिफ्ट करने पर बवाल, कारोबारियों ने उठाई आवाज

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मोतीपुर निबंधन कार्यालय शिफ्ट करने पर बवाल, कारोबारियों ने उठाई आवाज

मुजफ्फरपुर जिले के मोतीपुर में निबंधन कार्यालय के स्थानांतरण को लेकर विरोध शुरू हो गया है। मोतीपुर निबंधन कार्यालय को नारायणपुर कुसाही गांव में ले जाने की प्रक्रिया पर स्थानीय व्यवसायियों, बुद्धिजीवियों और नागरिकों ने आपत्ति जताई है। इस मुद्दे पर पुरानी धर्मशाला में आयोजित बैठक में बरूराज के विधायक डॉ. अरुण कुमार सिंह भी शामिल हुए। बैठक में लोगों ने मांग की कि कार्यालय को मौजूदा जगह पर ही रखा जाए, ताकि जमीन की खरीद-बिक्री और दस्तावेजों के निबंधन के लिए आने वाले लोगों को परेशानी न हो।

स्थानीय लोगों का कहना है कि वर्तमान कार्यालय तक पहुंचने के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग और रेलमार्ग की सुविधा उपलब्ध है। इसके आसपास बैंक, कातिब और स्टांप विक्रेताओं जैसी जरूरी सेवाएं भी मौजूद हैं। लोगों को आशंका है कि कार्यालय नगर से बाहर जाने पर आम नागरिकों के साथ-साथ मोतीपुर बाजार के कारोबार पर भी असर पड़ सकता है।

क्यों हो रहा मोतीपुर निबंधन कार्यालय के स्थानांतरण का विरोध?

मोतीपुर के स्थानीय व्यवसायियों और नागरिकों की मुख्य आपत्ति कार्यालय को नारायणपुर कुसाही गांव में स्थानांतरित करने के प्रस्ताव को लेकर है। उनका मानना है कि निबंधन कार्यालय ऐसी जगह होना चाहिए, जहां आम लोगों को आसानी से पहुंचने और जरूरी काम पूरा करने की सुविधा मिले।

जमीन की खरीद-बिक्री के दौरान लोगों को दस्तावेज तैयार कराने, निबंधन की प्रक्रिया पूरी करने और संबंधित कागजात के लिए कई बार अलग-अलग सेवाओं की जरूरत पड़ती है। ऐसे में कार्यालय के आसपास जरूरी सुविधाएं उपलब्ध होना लोगों के लिए उपयोगी माना जाता है।

बैठक में वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान स्थान पर परिवहन और अन्य जरूरी सेवाओं की उपलब्धता लोगों के लिए सुविधाजनक है। इसी आधार पर उन्होंने कार्यालय को मौजूदा जगह पर बनाए रखने की मांग उठाई।

NH और रेलमार्ग की सुविधा को बताया अहम

बैठक में शामिल लोगों ने वर्तमान कार्यालय की लोकेशन को उसकी प्रमुख विशेषता बताया। उनके अनुसार, राष्ट्रीय राजमार्ग और रेलमार्ग की सुविधा होने से आसपास के क्षेत्रों से आने वाले लोगों को कार्यालय पहुंचने में सहूलियत मिलती है।

निबंधन से जुड़े काम के लिए कई लोगों को अपने गांव या दूसरे इलाकों से मोतीपुर आना पड़ता है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि कार्यालय को नारायणपुर कुसाही गांव में ले जाने से कुछ लोगों के लिए आवागमन कठिन हो सकता है।

हालांकि, नए स्थान पर परिवहन की वास्तविक उपलब्धता, दूरी और पहुंच संबंधी विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। इसलिए लोगों की आशंकाओं के साथ-साथ प्रस्तावित जगह की सुविधाओं का आकलन भी जरूरी होगा।

बैंक, कातिब और स्टांप विक्रेताओं तक पहुंच की चिंता

निबंधन कार्यालय के आसपास बैंक, कातिब और स्टांप विक्रेताओं की मौजूदगी को भी स्थानीय लोगों ने महत्वपूर्ण बताया। जमीन के दस्तावेजों से जुड़े काम में इन सेवाओं की जरूरत पड़ सकती है, इसलिए कार्यालय के आसपास उनका होना लोगों का समय और मेहनत बचा सकता है।

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि कार्यालय दूसरी जगह जाने पर लोगों को जरूरी सेवाओं के लिए अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ सकती है। इससे खासकर उन लोगों को परेशानी हो सकती है, जिन्हें निबंधन के काम के लिए बार-बार कार्यालय आना पड़ता है।

लोग चाहते हैं कि स्थानांतरण से संबंधित निर्णय लेते समय केवल भवन या जगह की उपलब्धता नहीं, बल्कि नागरिकों की सुविधा और जरूरी सेवाओं तक पहुंच को भी ध्यान में रखा जाए।

मोतीपुर बाजार के कारोबार पर असर की आशंका

व्यवसायियों ने कार्यालय के स्थानांतरण से स्थानीय बाजार पर संभावित असर को लेकर भी चिंता जताई। उनका कहना है कि निबंधन कार्यालय में काम कराने आने वाले लोग आसपास की दुकानों और अन्य व्यावसायिक सेवाओं का भी उपयोग करते हैं।

ऐसे में यदि कार्यालय मोतीपुर नगर से बाहर चला जाता है, तो बाजार में आने वाले लोगों की संख्या प्रभावित हो सकती है। इससे दुकानदारों और संबंधित कारोबारियों के व्यवसाय पर असर पड़ने की आशंका जताई गई है।

हालांकि, कारोबार पर कितना प्रभाव पड़ेगा, इसे लेकर कोई आंकड़ा सामने नहीं आया है। फिलहाल यह स्थानीय व्यवसायियों की चिंता है, जिसका वास्तविक असर स्थानांतरण होने या नहीं होने और लोगों की आवाजाही में आने वाले बदलावों पर निर्भर करेगा।

विधायक की मौजूदगी में बैठक, कार्यालय को यहीं रखने की मांग

इस मुद्दे पर मोतीपुर की पुरानी धर्मशाला में आयोजित बैठक में बरूराज के विधायक डॉ. अरुण कुमार सिंह शामिल हुए। बैठक में स्थानीय व्यवसायियों, बुद्धिजीवियों और नागरिकों ने अपनी आपत्तियां रखीं।

बैठक में संतोष कुमार, शंभू मोहन प्रसाद, शशि कुमार गुप्ता, बैद्यनाथ प्रसाद, राजकिशोर चौधरी, अजय नथनी, मनीष सिंह, मोतीलाल अग्रवाल, रंजन कुमार, अभिषेक जायसवाल, मुक्तिनाथ जायसवाल, शुभम जायसवाल, अमित कुमार, राजा नथानी, अमिताभ सोनी और अंकित कुमार समेत सैकड़ों लोगों के मौजूद रहने की जानकारी दी गई।

बैठक में लोगों ने एक स्वर में निबंधन कार्यालय को वर्तमान स्थान पर बनाए रखने की मांग उठाई। उनका कहना है कि कार्यालय के स्थानांतरण पर फैसला लेने से पहले स्थानीय लोगों की समस्याओं, परिवहन और बाजार की जरूरतों पर विचार होना चाहिए।

अब आगे क्या होगा?

फिलहाल उपलब्ध जानकारी में स्थानांतरण को लेकर स्थानीय स्तर पर विरोध और कार्यालय को मौजूदा जगह पर बनाए रखने की मांग सामने आई है। स्थानांतरण की प्रक्रिया किस चरण में है और संबंधित विभाग इस विरोध पर क्या निर्णय लेगा, इसकी आधिकारिक स्थिति स्पष्ट नहीं है।

स्थानीय लोगों की मांग है कि निर्णय लेते समय आम नागरिकों की सुविधा और मोतीपुर के आर्थिक हितों को प्राथमिकता दी जाए। अब इस मामले में संबंधित प्रशासन और निबंधन विभाग का रुख महत्वपूर्ण होगा।

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