एमडीडीएम कॉलेज में AI जागरूकता सत्र, छात्रों को बताए भविष्य के अवसर
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मुजफ्फरपुर: एमडीडीएम कॉलेज में कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी एआई को लेकर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कृत्रिम बुद्धिमत्ता के शैक्षणिक महत्व, व्यावहारिक उपयोग और अनुसंधान में इसकी भूमिका पर विद्यार्थियों को विस्तार से जानकारी दी गई।
कॉलेज के स्नातकोत्तर गणित विभाग और बीसीए विभाग के संयुक्त तत्वावधान में गुरुवार को ‘कृत्रिम बुद्धिमत्ता पर व्याख्यान-सह-अभिमुखीकरण कार्यक्रम’ हुआ। कार्यक्रम में छात्राओं को बदलती तकनीक के साथ कदम मिलाकर चलने और एआई के संभावित अवसरों को समझने के लिए प्रेरित किया गया।
शिक्षा के क्षेत्र में AI की बढ़ती भूमिका पर चर्चा
कार्यक्रम का शुभारंभ गणित विभाग की अध्यक्ष एवं कार्यक्रम की संयोजक डॉ. माला ने किया। उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में एआई के बढ़ते प्रभाव पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आने वाले समय में आधुनिक तकनीक की भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण हो सकती है।
उन्होंने विद्यार्थियों को एआई से जुड़े नए बदलावों को समझने और तकनीकी ज्ञान विकसित करने की जरूरत पर जोर दिया। कार्यक्रम का उद्देश्य केवल एआई की जानकारी देना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को इसके व्यावहारिक पक्ष से परिचित कराना भी रहा।
कॉलेज की प्राचार्या डॉ. अलका जायसवाल ने भी विभिन्न कार्यक्षेत्रों में एआई की उपयोगिता पर चर्चा की। उन्होंने छात्राओं को नई तकनीकों से लगातार अपडेट रहने के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने कहा कि तकनीक तेजी से बदल रही है और विद्यार्थियों के लिए जरूरी है कि वे पढ़ाई के साथ-साथ नए डिजिटल टूल और तकनीकी अवधारणाओं को भी समझें।
मुख्य वक्ता ने समझाई AI की व्यावहारिक उपयोगिता
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता पीयूष पाण्डेय ने तकनीकी सत्र को संबोधित किया। उन्होंने विद्यार्थियों को वर्तमान समय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के इस्तेमाल और इसके संभावित प्रभावों के बारे में जानकारी दी।
उन्होंने विशेष रूप से शिक्षा और अनुसंधान के क्षेत्र में एआई की भूमिका पर चर्चा की। विद्यार्थियों को बताया गया कि डेटा विश्लेषण, जानकारी जुटाने, शोध कार्य और कई अन्य तकनीकी गतिविधियों में एआई उपयोगी साबित हो सकता है।
तकनीकी सत्र में आने वाले समय में एआई के बढ़ते प्रभाव को भी समझाया गया। इससे विद्यार्थियों को यह जानने का अवसर मिला कि उच्च शिक्षा और करियर के लिहाज से एआई से जुड़ा ज्ञान क्यों महत्वपूर्ण होता जा रहा है।
75 छात्र-छात्राओं ने क्विज प्रतियोगिता में लिया हिस्सा
व्याख्यान के बाद विद्यार्थियों के लिए प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता आयोजित की गई। इसमें गणित, भौतिकी, रसायन विज्ञान, बीबीए और बीसीए विभाग के करीब 75 छात्र-छात्राओं ने उत्साह के साथ हिस्सा लिया।
प्रतियोगिता में विद्यार्थियों के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा देखने को मिली। क्विज का उद्देश्य विद्यार्थियों के तकनीकी और सामान्य ज्ञान को परखने के साथ कार्यक्रम में उनकी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना भी रहा।
प्रतियोगिता में बीसीए विभाग की अनुष्का पाण्डेय ने प्रथम स्थान हासिल किया। वहीं अनुष्का वर्मा ने दूसरा स्थान प्राप्त किया।
शिक्षकों और विद्यार्थियों की रही सक्रिय भागीदारी
कार्यक्रम का संचालन प्रेरणा सुप्रिया ने किया। आयोजन को सफल बनाने में बीसीए विभाग के डॉ. शमशीर अली, राहुल कुमार, अभिषेक कुमार, गौरव कुमार, आनंद कुमार और त्रिपुरारी ठाकुर ने सक्रिय भूमिका निभाई।
कार्यक्रम में डॉ. शगुफ्ता नाज़ और डॉ. अर्चना तिवारी सहित विभिन्न संकायों के प्राध्यापक भी मौजूद रहे। बड़ी संख्या में छात्राओं ने कार्यक्रम में भाग लेकर एआई से संबंधित जानकारी हासिल की।
विद्यार्थियों के लिए क्यों महत्वपूर्ण है AI की समझ?
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस अब केवल तकनीकी क्षेत्र तक सीमित नहीं है। शिक्षा, स्वास्थ्य, बैंकिंग, व्यवसाय, अनुसंधान, संचार और कई दूसरे क्षेत्रों में इसके उपयोग का दायरा बढ़ रहा है।
ऐसे में कॉलेज स्तर पर एआई को लेकर जागरूकता कार्यक्रम विद्यार्थियों को बदलते तकनीकी वातावरण को समझने में मदद कर सकते हैं। इससे वे भविष्य की पढ़ाई, शोध और करियर में नई तकनीकों के उपयोग को बेहतर तरीके से समझ सकते हैं।
एमडीडीएम कॉलेज में आयोजित यह कार्यक्रम भी इसी दिशा में एक शैक्षणिक पहल के रूप में सामने आया, जिसमें व्याख्यान के साथ क्विज प्रतियोगिता के जरिए विद्यार्थियों को सक्रिय रूप से जोड़ा गया।
