मनेर में बनेगा नया पावर ग्रिड, बिजली कटौती से मिलेगी बड़ी राहत
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मनेर में नया पावर ग्रिड बनने जा रहा है। मनेर नया पावर ग्रिड तैयार होने के बाद मनेर, एनआईटी, आनंदपुर और शेरपुर पावर सब स्टेशन को बिजली आपूर्ति का अतिरिक्त स्रोत मिलेगा। इससे तकनीकी खराबी के दौरान बिजली सप्लाई बहाल करना आसान होगा। मनेर नया पावर ग्रिड परियोजना से स्थानीय उपभोक्ताओं के साथ औद्योगिक क्षेत्रों को भी राहत मिलने की उम्मीद है। नए ग्रिड के निर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इस वर्ष के अंत तक निर्माण कार्य शुरू करने की तैयारी है, जबकि अगले वर्ष की शुरुआत में इसे चालू करने का लक्ष्य रखा गया है।
मनेर में क्यों जरूरी है नया पावर ग्रिड?
फिलहाल मनेर, एनआईटी, आनंदपुर और शेरपुर पावर सब स्टेशन को ओल्ड बिहटा और न्यू बिहटा ग्रिड से बिजली मिलती है। इन दोनों स्रोतों पर संबंधित इलाकों की बिजली व्यवस्था काफी हद तक निर्भर है। ऐसे में किसी ग्रिड या संबंधित विद्युत व्यवस्था में तकनीकी खराबी आने पर कई क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति प्रभावित हो सकती है। मौजूदा व्यवस्था में वैकल्पिक स्रोत सीमित होने के कारण खराबी के बाद बिजली बहाल करने में समय लग सकता है। नए ग्रिड के निर्माण के बाद इस समस्या को काफी हद तक कम करने की कोशिश होगी। बिजली आपूर्ति के लिए एक अतिरिक्त स्रोत उपलब्ध होने से विद्युत व्यवस्था ज्यादा मजबूत और भरोसेमंद बन सकेगी।
चार पावर सब स्टेशनों को मिलेगा अतिरिक्त स्रोत
मनेर में बनने वाला नया पावर ग्रिड मुख्य रूप से मनेर, एनआईटी, आनंदपुर और शेरपुर पीएसएस के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इन पावर सब स्टेशनों को मौजूदा स्रोतों के अलावा नए ग्रिड से भी बिजली उपलब्ध कराने की सुविधा होगी। किसी एक स्रोत में तकनीकी समस्या आने पर वैकल्पिक व्यवस्था के जरिए बिजली आपूर्ति बनाए रखने में मदद मिलेगी। इसका सीधा असर आम उपभोक्ताओं पर पड़ सकता है। बार-बार बिजली बाधित होने की स्थिति में कमी आने और तकनीकी खराबी के बाद सप्लाई जल्द बहाल होने की उम्मीद है।
आईटी पार्क और औद्योगिक इकाइयों को भी मिलेगा फायदा
नए पावर ग्रिड का लाभ केवल घरेलू बिजली उपभोक्ताओं तक सीमित नहीं रहेगा। मनेर और बिहटा क्षेत्र में तेजी से विकसित हो रही औद्योगिक गतिविधियों के लिए भी यह परियोजना महत्वपूर्ण हो सकती है। आईटी पार्क में मौजूद औद्योगिक इकाइयों के अलावा बिहटा की बड़ी औद्योगिक इकाइयों को भी नए ग्रिड से फायदा मिलने की उम्मीद है। इन इकाइयों को बेहतर और भरोसेमंद बिजली आपूर्ति की जरूरत होती है। उत्पादन, मशीनरी और अन्य औद्योगिक गतिविधियों के लिए बिजली की निरंतर उपलब्धता बेहद महत्वपूर्ण होती है।
33 केवी से सीधे बिजली लेने की मिलेगी सुविधा
नए ग्रिड की एक अहम खासियत औद्योगिक इकाइयों को 33 केवी स्तर पर सीधे बिजली आपूर्ति से जुड़ी सुविधा मिलना है। मौजूदा व्यवस्था में कई औद्योगिक इकाइयों को पीएसएस और 11 केवी स्तर की व्यवस्था पर निर्भर रहना पड़ता है। नए ग्रिड से सीधे आपूर्ति मिलने पर इस निर्भरता को कम किया जा सकेगा। इससे बिजली की गुणवत्ता बेहतर होने और तकनीकी फॉल्ट की आशंका कम होने की उम्मीद है। खासकर बड़ी औद्योगिक इकाइयों के लिए यह बदलाव काफी उपयोगी साबित हो सकता है।
बिजली की गुणवत्ता बेहतर होने की उम्मीद
औद्योगिक क्षेत्र में केवल बिजली की उपलब्धता ही जरूरी नहीं होती, बल्कि वोल्टेज और सप्लाई की गुणवत्ता भी महत्वपूर्ण होती है। 33 केवी से सीधे बिजली मिलने की स्थिति में पीएसएस और 11 केवी स्तर पर निर्भरता कम हो सकती है। इससे तकनीकी व्यवधानों को कम करने में मदद मिल सकती है। बिजली आपूर्ति में सुधार होने पर औद्योगिक इकाइयों की उत्पादन गतिविधियां भी अधिक सुचारू तरीके से चलने की उम्मीद है। इससे क्षेत्र में औद्योगिक विकास को अप्रत्यक्ष रूप से बढ़ावा मिल सकता है।
कब तक तैयार होगा मनेर का नया पावर ग्रिड?
नए पावर ग्रिड के निर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इसी वर्ष के अंत तक निर्माण कार्य शुरू करने की उम्मीद है। इसके बाद परियोजना को अगले वर्ष की शुरुआत में चालू करने का लक्ष्य रखा गया है। हालांकि वास्तविक समयसीमा निर्माण की प्रगति और अन्य तकनीकी प्रक्रियाओं पर निर्भर करेगी। ग्रिड के चालू होने के बाद मनेर के साथ आसपास के प्रमुख क्षेत्रों की बिजली व्यवस्था में अतिरिक्त बैकअप उपलब्ध होगा।
उपभोक्ताओं को क्या होगा फायदा?
नए पावर ग्रिड का सबसे बड़ा फायदा बिजली आपूर्ति के वैकल्पिक स्रोत के रूप में दिखाई देता है। किसी एक स्रोत में खराबी आने पर दूसरे स्रोत से सप्लाई देने में मदद मिल सकती है। इससे बिजली बहाली में लगने वाला समय कम करने की संभावना है। साथ ही औद्योगिक इकाइयों को बेहतर गुणवत्ता वाली बिजली मिलने से उत्पादन गतिविधियों को भी फायदा हो सकता है। कुल मिलाकर, मनेर का नया पावर ग्रिड क्षेत्र की बिजली व्यवस्था को मजबूत करने वाली महत्वपूर्ण परियोजना साबित हो सकता है। इसके पूरा होने के बाद घरेलू उपभोक्ताओं के साथ आईटी पार्क और बिहटा के औद्योगिक क्षेत्र को भी इसका लाभ मिलने की उम्मीद है।