कोलकाता दुर्गा पूजा पंडाल में भगदड़ से 17 की मौत, मचा हड़कंप
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👉 WhatsApp से जुड़ेंपश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में दुर्गा पूजा भगदड़ की दर्दनाक घटना सामने आई है। उत्तरी कोलकाता के चोरबागान सार्वजनीन दुर्गा पूजा पंडाल में भारी भीड़ के बीच भगदड़ मचने से 17 लोगों की मौत की खबर सामने आई। इस दुर्गा पूजा भगदड़ में कई लोग घायल भी हुए, जिन्हें इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज और अस्पताल पहुंचाया गया। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, बारिश के दौरान पंडाल के निकास द्वार के पास भीड़ बढ़ने से अफरा-तफरी की स्थिति बनी।
घटना के बाद पुलिस और प्रशासन ने राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। पूजा पंडाल को दर्शकों के लिए बंद कर दिया गया और आसपास के कुछ अन्य बड़े पंडालों में भी सुरक्षा के मद्देनजर लोगों की आवाजाही रोकी गई।
चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में कैसे मची भगदड़?
पुलिस के अनुसार, शनिवार शाम करीब 7:40 बजे गिरीश पार्क थाना क्षेत्र के शारदा पार्क स्थित चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल के निकास द्वार पर यह घटना हुई। उस समय बारिश हो रही थी और पंडाल में दर्शन के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे थे।
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, बारिश शुरू होने के बाद पंडाल के बाहर इंतजार कर रहे कुछ लोग आगे बढ़ने लगे। इसी दौरान भीड़ का दबाव बढ़ा और कुछ लोग गिर पड़े। इसके बाद वहां भगदड़ जैसी स्थिति बन गई।
हालांकि, घटना के सटीक कारणों और जिम्मेदारी को लेकर अंतिम निष्कर्ष जांच के बाद ही सामने आएगा। फिलहाल भीड़ का दबाव, बारिश और निकास द्वार के आसपास की स्थिति जांच के महत्वपूर्ण पहलू हैं।
17 लोगों की मौत, घायलों को मेडिकल कॉलेज पहुंचाया गया
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने समाचार एजेंसी पीटीआई को बताया कि हादसे में 17 लोगों की जान गई। पुलिस ने बताया कि घटना के बाद करीब 35 लोगों को कलकत्ता मेडिकल कॉलेज और अस्पताल भेजा गया।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि भगदड़ के दौरान कई लोग बेहोश हो गए थे। कुछ लोगों को अस्पताल पहुंचाने के लिए मोटरसाइकिलों का भी इस्तेमाल किया गया। घटनास्थल पर मौजूद लोगों के मुताबिक, अचानक बढ़ी भीड़ के बीच लोगों को संभलने का मौका नहीं मिला।
घटना के बाद घायलों को सुरक्षित निकालकर अस्पताल पहुंचाने पर ध्यान दिया गया। मृतकों और घायलों की अंतिम संख्या तथा उनकी पहचान के बारे में आधिकारिक रूप से जारी जानकारी को ही निर्णायक माना जाना चाहिए।
Kolkata, West Bengal: Visuals from Calcutta Medical College following the stampede-like situation at the Chorbagan Sarbojanin Durga Puja pandal https://t.co/UnVbC96CXV
— IANS (@ians_india) October 17, 2026
मुख्यमंत्री और वरिष्ठ अधिकारियों ने अस्पताल में घायलों से की मुलाकात
घटना के बाद मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी और मुख्य सचिव मनोज अग्रवाल के कलकत्ता मेडिकल कॉलेज और अस्पताल पहुंचने की जानकारी सामने आई। उन्होंने वहां भर्ती घायलों से मुलाकात की।
स्वास्थ्य मंत्री शरदवत मुखर्जी के भी अस्पताल पहुंचकर घायलों का हाल जानने की खबर है। हादसे के बाद अस्पताल में उपचार और चिकित्सा व्यवस्था को लेकर प्रशासन की गतिविधियां तेज हुईं।
ऐसी घटनाओं में घायलों को तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना, परिजनों को जानकारी देना और अस्पतालों के बीच समन्वय बनाए रखना महत्वपूर्ण होता है।
#WATCH | North Kolkata, West Bengal | A stampede-like situation was reported at the Chorbagan Sarbojanin Puja pandal. The injured were shifted to the hospital. More details awaited. https://t.co/EZm78mo5mN
— ANI (@ANI) October 17, 2026
सरकार ने जारी किया हेल्पलाइन नंबर
हादसे से जुड़ी जानकारी प्राप्त करने के लिए पश्चिम बंगाल सरकार की ओर से हेल्पलाइन नंबर जारी किए जाने की जानकारी दी गई है।
बताया गया हेल्पलाइन नंबर: 18003455678
इस नंबर पर संपर्क करने से पहले इसकी वर्तमान उपलब्धता और आधिकारिक पुष्टि संबंधित सरकारी सूचना से जरूर जांच लें। आपात स्थिति में स्थानीय पुलिस या आपातकालीन सेवाओं से संपर्क करना चाहिए।
पुलिस ने हादसे के बाद चोरबागान पूजा पंडाल को दर्शकों के लिए बंद कर दिया। इसके अलावा, एहतियात के तौर पर सुरुचि संघ, चेतला अग्रणी और कुछ अन्य बड़े पूजा पंडालों में भी लोगों की आवाजाही रोकने की जानकारी सामने आई।
ताला प्रत्यय पूजा आयोजन के भी अगले आदेश तक बंद रहने की खबर दी गई। इन कदमों का उद्देश्य भीड़ को नियंत्रित करना और किसी अन्य अप्रिय घटना की आशंका कम करना था।
राज्यपाल आरएन रवि और ममता बनर्जी ने जताया दुख
पश्चिम बंगाल के राज्यपाल आरएन रवि ने घटना में लोगों की मौत पर दुख जताया। उन्होंने शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की।
पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी हादसे पर दुख जताया। उन्होंने घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने और प्रभावित परिवारों को इस कठिन समय में शक्ति मिलने की प्रार्थना की।
तृणमूल कांग्रेस के विधायक कुणाल घोष ने घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि तत्काल प्राथमिकता घायलों को चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराना और लोगों की जान बचाना है। उन्होंने राहत कार्य में पुलिस और प्रशासन के साथ सहयोग की बात भी कही।
Deeply shocked and saddened to learn about the stampede at the Chore Bagan Puja Pandal. I pray to Maa Durga for the speedy recovery of all those injured and for strength and courage for their families during this difficult time.
— Mamata Banerjee (@MamataOfficial) October 17, 2026
‘अरोब’ थीम के कारण चर्चा में था चोरबागान पंडाल
इस साल चोरबागान सार्वजनीन दुर्गा पूजा पंडाल अपनी ‘अरोब’ (Arob) थीम को लेकर चर्चा में था। अंग्रेजी में इसका अर्थ ‘ध्वनि से परे’ यानी ‘Beyond Sound’ बताया गया है।
दुर्गा पूजा के दौरान कोलकाता के बड़े पंडालों में हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक पहुंचते हैं। आकर्षक सजावट, कलात्मक थीम और देवी दुर्गा के दर्शन के कारण कई स्थानों पर भीड़ बढ़ जाती है।
इस घटना ने बड़े धार्मिक आयोजनों में भीड़ प्रबंधन, निकास मार्गों की क्षमता, बारिश के दौरान सुरक्षा और आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था जैसे सवालों को फिर सामने ला दिया है।
धार्मिक आयोजनों में सुरक्षा क्यों है जरूरी?
दुर्गा पूजा जैसे बड़े आयोजनों में भीड़ को व्यवस्थित तरीके से प्रवेश और निकास देना बेहद जरूरी होता है। अचानक मौसम बदलने या लोगों के एक साथ आगे बढ़ने से दबाव बढ़ सकता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, पर्याप्त निकास द्वार, स्पष्ट संकेत, बैरिकेडिंग, प्रशिक्षित स्वयंसेवक, सीसीटीवी निगरानी और आपातकालीन चिकित्सा दल ऐसी घटनाओं का जोखिम कम करने में मदद कर सकते हैं।
कोलकाता की इस दुखद घटना के बाद जांच में यह स्पष्ट होना महत्वपूर्ण होगा कि भगदड़ किन परिस्थितियों में हुई और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या कदम उठाए जा सकते हैं।
