खगड़िया में दशहरा को लेकर अलर्ट, DM-SP ने सुरक्षा पर दिए सख्त निर्देश
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बिहार के खगड़िया में दशहरा पर्व को शांतिपूर्ण और सुरक्षित तरीके से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन ने सुरक्षा तैयारियां तेज कर दी हैं। खगड़िया दशहरा सुरक्षा को लेकर जिलाधिकारी विक्रम विरकर और पुलिस अधीक्षक पुष्कर आनंद की संयुक्त अध्यक्षता में समीक्षा बैठक हुई। इसमें पुलिस, प्रशासन और संबंधित विभागों के अधिकारियों को सतर्क रहने तथा आपसी समन्वय से काम करने का निर्देश दिया गया। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि पूजा पंडालों, भीड़भाड़ वाले इलाकों, रावण दहन स्थलों और प्रतिमा विसर्जन मार्गों पर सुरक्षा व्यवस्था प्राथमिकता में रहेगी।
DM और SP ने अधिकारियों को क्या निर्देश दिए?
बैठक में जिलाधिकारी विक्रम विरकर और पुलिस अधीक्षक पुष्कर आनंद ने दशहरा के दौरान विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए की गई तैयारियों की समीक्षा की। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि वे अपनी प्रतिनियुक्ति वाले स्थानों पर निर्धारित समय से पहुंचें और पूरी जिम्मेदारी के साथ ड्यूटी निभाएं।
प्रशासन ने संवेदनशील और साम्प्रदायिक तनाव की आशंका वाले इलाकों में विशेष सतर्कता बरतने को कहा है। दंडाधिकारियों और पुलिस पदाधिकारियों को शांति समिति के सदस्यों तथा स्थानीय नागरिकों के संपर्क में रहने का निर्देश भी दिया गया।
बैठक में कहा गया कि दशहरा के दौरान आम लोगों की सुरक्षा, शांति और सामाजिक सौहार्द बनाए रखना जिला प्रशासन की प्रमुख जिम्मेदारी है। किसी भी समस्या की जानकारी मिलने पर संबंधित अधिकारी आपसी समन्वय से समय पर कार्रवाई करेंगे।
पूजा पंडालों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में रहेगी निगरानी
दशहरा के दौरान पूजा पंडालों और कार्यक्रम स्थलों पर लोगों की भीड़ जुटती है। इसे देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने का निर्देश दिया है।
सभी प्रमुख पूजा पंडालों और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में सीसीटीवी कैमरे तथा वीडियोग्राफी की व्यवस्था सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। नियंत्रण कक्ष के माध्यम से भी स्थिति पर लगातार नजर रखी जाएगी।
रावण दहन कार्यक्रमों के लिए आयोजन समितियों को सुरक्षा मानकों का पालन करने और सक्षम प्राधिकारी से मिली अनुमति के अनुसार ही कार्यक्रम आयोजित करने का निर्देश दिया गया है। रावण दहन स्थल पर सुरक्षित दूरी तय करने और जरूरत के अनुसार बैरिकेडिंग कराने को भी कहा गया।
ट्रैफिक व्यवस्था के लिए पहले से तैयारी
दशहरा के दौरान जाम और अव्यवस्था से बचने के लिए प्रशासन ने यातायात प्रबंधन पर भी ध्यान दिया है। अधिकारियों को रूट डायवर्जन, पार्किंग स्थल और नो-पार्किंग क्षेत्रों की पहले से पहचान करने का निर्देश दिया गया।
इन व्यवस्थाओं की जानकारी लोगों तक पहुंचाने के लिए आवश्यक प्रचार-प्रसार भी किया जाएगा, ताकि श्रद्धालुओं और आम नागरिकों को आवागमन में परेशानी कम हो।
प्रतिमा विसर्जन जुलूस और घाटों पर सुरक्षा के इंतजाम
दशहरा के बाद प्रतिमा विसर्जन के दौरान भीड़ और यातायात को नियंत्रित करना प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण रहेगा। बैठक में निर्देश दिया गया कि सभी विसर्जन जुलूस निर्धारित मार्ग और समय के अनुसार निकाले जाएं।
प्रत्येक जुलूस के साथ पर्याप्त संख्या में दंडाधिकारी, पुलिस पदाधिकारी और पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित करने को कहा गया। प्रतिनियुक्त कर्मियों को जुलूस में शामिल लोगों के सुरक्षित लौटने तक अपने निर्धारित स्थान पर बने रहने का निर्देश दिया गया।
नगर परिषद खगड़िया और नगर परिषद गोगरी के अधिकारियों को विसर्जन स्थलों, तालाबों और नदी घाटों का निरीक्षण करने को कहा गया है। जरूरत के अनुसार घाटों पर बैरिकेडिंग और प्रशिक्षित गोताखोरों की व्यवस्था की जाएगी।
इसके अलावा, आवश्यकतानुसार गश्ती दल और राज्य आपदा मोचन बल की तैनाती पर भी ध्यान दिया जाएगा। विसर्जन मार्गों और घाटों पर पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
बिजली, स्वास्थ्य और अग्निशमन व्यवस्था की भी समीक्षा
दशहरा के दौरान बिजली के तारों, अस्थायी पंडालों और अन्य अवरोधों से दुर्घटना का खतरा हो सकता है। इसे देखते हुए कार्यपालक अभियंता, विद्युत आपूर्ति प्रमंडल, खगड़िया को विसर्जन मार्गों का पहले से निरीक्षण करने और कम ऊंचाई वाले बिजली तारों सहित संभावित जोखिमों पर जरूरी कार्रवाई करने को कहा गया।
स्वास्थ्य व्यवस्था के तहत सिविल सर्जन को आवश्यक दवाओं के साथ एम्बुलेंस, चिकित्सा पदाधिकारी और पारा मेडिकल कर्मियों की उपलब्धता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में भी आवश्यक चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध रखने पर जोर दिया गया।
वहीं, खगड़िया और गोगरी में अग्निशमन वाहन तथा अग्निशमन दल की तैनाती सुनिश्चित करने को कहा गया है। इसका उद्देश्य किसी भी आग या दूसरी आपात स्थिति में जल्द कार्रवाई करना है।
सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों पर रहेगी नजर
त्योहार के दौरान सोशल मीडिया पर भ्रामक सूचना या अफवाह फैलने से तनाव की स्थिति पैदा हो सकती है। इसी को ध्यान में रखते हुए जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने फेसबुक, व्हाट्सएप तथा अन्य सोशल मीडिया माध्यमों पर लगातार निगरानी रखने का निर्देश दिया।
प्रशासन ने कहा कि भ्रामक, आपत्तिजनक या अफवाह फैलाने वाली सामग्री सामने आने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। किसी भी क्षेत्र में विधि-व्यवस्था से जुड़ी समस्या की सूचना मिलने पर अधिकारी त्वरित कदम उठाएंगे।
शांति समिति के सदस्यों और स्थानीय नागरिकों से भी सहयोग लेने पर जोर दिया गया है। प्रशासन का मानना है कि लोगों की भागीदारी से त्योहार के दौरान शांति और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने में मदद मिल सकती है।
आपात स्थिति के लिए सक्रिय रहेगा जिला संचालन केंद्र
दशहरा के दौरान किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए जिला आपातकालीन संचालन केंद्र, खगड़िया सक्रिय रहेगा। जिला स्तर पर पुलिस बल और प्रशिक्षित मोटरसाइकिल सवार जवानों के दल के जरिए भी विधि-व्यवस्था पर नजर रखी जाएगी।
जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने सभी संबंधित अधिकारियों को तत्परता, जवाबदेही और आपसी समन्वय के साथ काम करने का निर्देश दिया है।
जिला प्रशासन की आम लोगों से अपील
खगड़िया जिला प्रशासन ने नागरिकों से दशहरा का त्योहार शांति, भाईचारे और सामाजिक सौहार्द के साथ मनाने की अपील की है। लोगों से प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करने और किसी भी अफवाह पर बिना पुष्टि के भरोसा नहीं करने को कहा गया है।
