MLC चुनाव से पहले नीतीश के घर तीसरी बैठक, अनंत-नीरज विवाद पर मंथन
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बिहार में JDU Meeting का दौर तेज हो गया है। आगामी एमएलसी चुनाव से पहले JDU Meeting में पार्टी की रणनीति और नेताओं के बीच चल रहे विवाद पर चर्चा हो रही है। पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के आवास पर एक बार फिर जेडीयू के वरिष्ठ नेताओं की बैठक हुई। यह लगातार तीसरी बैठक बताई जा रही है। बैठक में पार्टी के कई बड़े नेता शामिल हुए। बिहार में 8 सीटों पर एमएलसी चुनाव होने हैं। चुनाव से पहले जेडीयू संगठन के स्तर पर तैयारियों को मजबूत करने में जुटी है। इसी बीच पार्टी के दो प्रमुख नेताओं नीरज कुमार और अनंत सिंह के बीच चल रही बयानबाजी ने राजनीतिक हलचल बढ़ा दी है।
नीतीश कुमार के आवास पर तीसरी बार जुटे JDU नेता
जानकारी के मुताबिक, नीतीश कुमार के आवास पर हुई बैठक में जेडीयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा, मंत्री श्रवण कुमार और प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। एमएलसी चुनाव को देखते हुए बैठक को काफी अहम माना जा रहा है। पार्टी के सामने चुनावी रणनीति तैयार करने के साथ-साथ संगठन के भीतर चल रहे मतभेदों को संभालने की चुनौती भी है। इससे पहले भी जेडीयू नेताओं की दो बैठकें हो चुकी हैं। इन बैठकों के दौरान पार्टी की चुनावी तैयारियों के अलावा अनंत सिंह और नीरज कुमार के बीच चल रहे विवाद पर भी चर्चा होने की बात सामने आई थी।
अनंत सिंह और नीरज कुमार के विवाद पर भी नजर
अनंत सिंह और नीरज कुमार के बीच जारी खींचतान पिछले कुछ समय से बिहार की राजनीति में चर्चा का विषय बनी हुई है। दोनों नेताओं को लेकर लगातार राजनीतिक बयान सामने आते रहे हैं। जेडीयू नेतृत्व इस पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है। पार्टी के वरिष्ठ नेता पहले भी संकेत दे चुके हैं कि शीर्ष नेतृत्व को विवाद की जानकारी है। ऐसे में एमएलसी चुनाव से ठीक पहले हुई इस बैठक को संगठनात्मक लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पार्टी नेतृत्व की कोशिश विवाद को आगे बढ़ने से रोकने और चुनावी फोकस बनाए रखने की हो सकती है। हालांकि, बैठक में इस मुद्दे पर क्या अंतिम फैसला हुआ, इसकी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। इसलिए विवाद को लेकर किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले पार्टी की आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार करना जरूरी है।
संजय झा ने नीतीश कुमार से की थी मुलाकात
बैठक से पहले जेडीयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने नीतीश कुमार से मुलाकात की थी। इस मुलाकात में एमएलसी चुनाव की तैयारियों और पार्टी की मौजूदा गतिविधियों पर चर्चा होने की बात कही गई थी। बताया गया कि अनंत सिंह और नीरज कुमार के बीच चल रहे विवाद का मुद्दा भी बातचीत में शामिल रहा। इसके अलावा पार्टी संगठन से जुड़े दूसरे विषयों पर भी जानकारी साझा की गई। लगातार बैठकों और वरिष्ठ नेताओं की सक्रियता से साफ है कि एमएलसी चुनाव को लेकर जेडीयू नेतृत्व किसी भी स्तर पर संगठन में तालमेल बनाए रखना चाहता है।
ललन सिंह को दी गई थी विवाद सुलझाने की जिम्मेदारी
अनंत सिंह और नीरज कुमार के बीच चल रहे विवाद को नियंत्रित करने की कोशिश पहले भी हुई है। इसी क्रम में संजय झा ने केंद्रीय मंत्री ललन सिंह को बातचीत की जिम्मेदारी दी थी। इसके बाद ललन सिंह ने अनंत सिंह से बातचीत की थी। ललन सिंह ने खुद इस बातचीत की जानकारी सार्वजनिक तौर पर दी थी। उनके मुताबिक, अनंत सिंह से नीरज कुमार के खिलाफ सार्वजनिक रूप से बयान देने से बचने के लिए कहा गया था। बताया गया कि अनंत सिंह ने इस बात पर सहमति जताई थी। इस पहल को पार्टी के भीतर विवाद को शांत करने की कोशिश के तौर पर देखा गया था। हालांकि, इसके बावजूद दोनों नेताओं को लेकर राजनीतिक चर्चा पूरी तरह थमी नहीं है।
संजय झा ने कहा था- पार्टी हित में हुआ फैसला
ललन सिंह की पहल को लेकर संजय झा ने भी प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने कहा था कि ललन सिंह ने जो किया, वह पार्टी के हित में सबसे बेहतर कदम है। संजय झा ने इस मामले पर इससे ज्यादा विस्तार से टिप्पणी नहीं की थी। जेडीयू के दूसरे नेताओं ने भी संकेत दिया है कि पार्टी का शीर्ष नेतृत्व पूरे घटनाक्रम से अवगत है। ऐसे में अब सबकी नजरें इस बात पर हैं कि एमएलसी चुनाव से पहले जेडीयू नेतृत्व इस विवाद को किस तरह संभालता है।
MLC चुनाव से पहले जेडीयू के सामने दोहरी चुनौती
बिहार में होने वाले 8 सीटों के एमएलसी चुनाव जेडीयू के लिए महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। चुनावी तैयारी के साथ पार्टी को संगठन में आपसी तालमेल बनाए रखने पर भी ध्यान देना होगा। नीतीश कुमार के आवास पर लगातार तीसरी बैठक और वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी से पार्टी के भीतर चुनावी गतिविधियों की गंभीरता का संकेत मिलता है। फिलहाल अनंत सिंह और नीरज कुमार के विवाद पर कोई बड़ा आधिकारिक फैसला सामने नहीं आया है। लेकिन जिस तरह से लगातार वरिष्ठ नेता इस मामले में सक्रिय हैं, उससे साफ है कि पार्टी नेतृत्व इसे नजरअंदाज नहीं कर रहा। आने वाले दिनों में एमएलसी चुनाव की रणनीति और दोनों नेताओं के बीच विवाद को लेकर जेडीयू की ओर से कोई स्पष्ट रुख सामने आता है या नहीं, इस पर बिहार की सियासत की नजर रहेगी।