CJP Protest: जंतर-मंतर पहुंचे सौरव दास और आशुतोष रांका, पुलिस ने फिर हिरासत में लिया
📌 पटना और बिहार के सभी ज़िलों की ताज़ा ख़बरें सीधे अपने मोबाइल पर पाएं!
👉 WhatsApp से जुड़ें
दिल्ली में CJP Protest को लेकर विवाद एक बार फिर तेज हो गया है। मंगलवार को CJP नेता सौरव दास और संगठन के सह-संयोजक आशुतोष रांका को दिल्ली पुलिस ने दोबारा हिरासत में ले लिया। दोनों नेता अपने कुछ साथियों के साथ जंतर-मंतर पहुंचे थे। सौरव दास के मुताबिक, वे जंतर-मंतर में प्रवेश करने में सफल रहे, लेकिन इसके बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। फिलहाल, पुलिस की ओर से इस ताजा कार्रवाई की वजह और दोनों नेताओं को ले जाने की जगह के बारे में आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
दो दिन पहले रिहा हुए थे CJP के नेता
सौरव दास और आशुतोष रांका की हिरासत का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले 10 अक्टूबर को दिल्ली में CJP के प्रस्तावित प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने सौरव दास, आशुतोष रांका और अभिजीत दीपके को हिरासत में लिया था। बाद में तीनों को एहतियातन गिरफ्तार किया गया। रविवार को दिल्ली कैंट पुलिस स्टेशन में कार्यकारी मजिस्ट्रेट के सामने पेश किए जाने के बाद उन्हें रिहा कर दिया गया था। रिहाई के दो दिन बाद सौरव दास और आशुतोष रांका को दोबारा हिरासत में लिए जाने से संगठन के प्रदर्शन को लेकर चर्चा तेज हो गई है। हालांकि, ताजा कार्रवाई के संबंध में पुलिस का आधिकारिक पक्ष सामने आने के बाद ही इसके कारणों की स्पष्ट जानकारी मिल सकेगी।
जंतर-मंतर पहुंचने के बाद पुलिस की कार्रवाई
मिली जानकारी के अनुसार, सौरव दास मंगलवार को अपने कुछ साथियों के साथ जंतर-मंतर पहुंचे थे। इसी दौरान दिल्ली पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। उनके साथ मौजूद आशुतोष रांका को भी पुलिस अपने साथ ले गई। सौरव दास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी बयान में कहा कि वे जंतर-मंतर में प्रवेश करने में सफल रहे थे। इसके बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। अभी यह स्पष्ट नहीं है कि पुलिस ने किन आधारों पर दोनों नेताओं को हिरासत में लिया। उन्हें कहां ले जाया गया, इस बारे में भी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए कार्रवाई के पीछे किसी खास वजह को लेकर फिलहाल निश्चित निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा।
मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन
CJP यानी कॉकरोच जनता पार्टी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रही है। संगठन मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR में कथित गड़बड़ियों का मुद्दा भी उठा रहा है। CJP का कहना है कि वह इन मुद्दों पर विरोध दर्ज कराना चाहती है। इसी सिलसिले में संगठन ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने की अनुमति देने की मांग भी की थी। जंतर-मंतर दिल्ली में विरोध प्रदर्शनों के प्रमुख स्थलों में शामिल है। ऐसे में वहां प्रदर्शन की अनुमति, पुलिस की कार्रवाई और प्रदर्शनकारियों की हिरासत जैसे मुद्दे इस मामले के केंद्र में हैं। हालांकि, इस मामले में संगठन के आरोपों और प्रशासन के आधिकारिक पक्ष को अलग-अलग समझना जरूरी है।
CJP Protest पर आगे क्या होगा?
सौरव दास और आशुतोष रांका को दोबारा हिरासत में लिए जाने के बाद अब सबसे अहम सवाल यह है कि पुलिस उन्हें कब रिहा करेगी और ताजा कार्रवाई के पीछे क्या कारण हैं। फिलहाल, उपलब्ध जानकारी के आधार पर दोनों नेताओं की हिरासत की पुष्टि उनके बयान और सामने आई खबरों से होती है, लेकिन पुलिस की ओर से विस्तृत आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है। आगे की स्थिति पुलिस के बयान, हिरासत से जुड़े दस्तावेजों और CJP की अगली रणनीति पर निर्भर करेगी। साथ ही, जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति को लेकर भी स्थिति स्पष्ट होना महत्वपूर्ण होगा।