बिहार में छूटे वोटरों को मिलेगा मौका, चुनाव आयोग का बड़ा फैसला; एक महीने में होगा काम
📌 पटना और बिहार के सभी ज़िलों की ताज़ा ख़बरें सीधे अपने मोबाइल पर पाएं!
👉 WhatsApp से जुड़ें
बिहार में छूटे मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट में जोड़ने के लिए चुनाव आयोग ने विशेष अभियान चलाने का निर्देश दिया है। बिहार में छूटे मतदाताओं और नए युवा वोटरों का पंजीकरण सुनिश्चित करने के लिए बूथ लेवल अधिकारी (BLO) घर-घर जाकर सत्यापन करेंगे। आयोग के निर्देश के अनुसार, योग्य पाए जाने वाले लोगों का नाम मतदाता सूची में शामिल करने के लिए फॉर्म-6 भरवाया जाएगा। इस पूरी प्रक्रिया को एक महीने के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
यह फैसला ऐसे समय आया है, जब बिहार में विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर राजनीतिक बहस जारी है। नए अभियान का उद्देश्य उन पात्र लोगों को मतदाता सूची से जोड़ना है, जिनका नाम अब तक दर्ज नहीं हो पाया है।
बिहार वोटर लिस्ट में नाम जोड़ने के लिए चलेगा विशेष अभियान
भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर बिहार में पात्र लेकिन छूटे हुए मतदाताओं और युवा निर्वाचकों के पंजीकरण की प्रक्रिया तेज की जा रही है। इसके लिए जिला निर्वाचन पदाधिकारियों और अभियान से जुड़े अन्य अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं।
इस अभियान के तहत सबसे पहले ऐसे लोगों की पहचान की जाएगी, जो मतदाता बनने की निर्धारित पात्रता पूरी करते हैं, लेकिन किसी कारण से उनका नाम मतदाता सूची में शामिल नहीं है। इसके बाद संबंधित अधिकारियों की मदद से उनका पंजीकरण कराया जाएगा।
आयोग का जोर इस बात पर है कि कोई भी पात्र नागरिक केवल जानकारी की कमी या पंजीकरण प्रक्रिया से अनजान रहने के कारण अपने मताधिकार से वंचित न रहे।
घर-घर जाकर सत्यापन करेंगे BLO, एक महीने में पूरा करना है काम
अभियान की सबसे महत्वपूर्ण जिम्मेदारी बूथ लेवल अधिकारियों को दी गई है। BLO अपने निर्धारित क्षेत्रों में घर-घर जाकर मतदाताओं की स्थिति का सत्यापन करेंगे। इस दौरान वे यह पता लगाएंगे कि किन पात्र नागरिकों का नाम मतदाता सूची में दर्ज नहीं है।
यदि सत्यापन में कोई व्यक्ति मतदाता के रूप में पात्र पाया जाता है और उसका नाम सूची में नहीं है, तो उसके पंजीकरण के लिए फॉर्म-6 भरने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
निर्वाचन विभाग ने इस काम को एक महीने के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा है। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि पात्र लोगों के आवेदन की प्रक्रिया में लापरवाही न हो और निर्धारित समयसीमा के भीतर अभियान को प्रभावी ढंग से पूरा किया जाए।
ध्यान दें: केवल पात्र होने से नाम अपने आप मतदाता सूची में शामिल नहीं हो जाता। पंजीकरण के लिए निर्धारित प्रक्रिया पूरी करना जरूरी है।
Press Note 08.10.2026 https://t.co/O5rRhLFCuZ
— Chief Electoral Officer, Bihar (@CEOBihar) October 8, 2026
राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ साझा होगी सूची
चुनाव आयोग ने अभियान में पारदर्शिता बनाए रखने पर भी जोर दिया है। इसके तहत BLO द्वारा तैयार की गई संबंधित सूची मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंट यानी BLA के साथ साझा की जाएगी।
इस व्यवस्था का उद्देश्य अभियान के दौरान तैयार होने वाली सूची की जानकारी संबंधित पक्षों तक पहुंचाना और प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाना है।
अभियान पूरा होने के बाद निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी (ERO) मतदान केंद्रवार तैयार अंतिम सूची मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों को उपलब्ध कराएंगे। इससे दलों के प्रतिनिधियों को भी यह जानकारी मिल सकेगी कि संबंधित क्षेत्रों में पंजीकरण अभियान के तहत क्या कार्रवाई हुई।
हालांकि, मतदाता सूची में नाम जोड़ने का अंतिम निर्णय निर्धारित निर्वाचन प्रक्रिया और पात्रता के नियमों के अनुसार ही होगा।
मतदान केंद्रों पर लग सकते हैं विशेष कैंप
मतदाताओं को पंजीकरण में सुविधा देने के लिए आयोग ने जरूरत के अनुसार मतदान केंद्रों पर विशेष कैंप आयोजित करने का निर्देश दिया है। इन कैंपों के माध्यम से पात्र लोगों को आवेदन और पंजीकरण से जुड़ी जानकारी मिल सकेगी।
विशेष रूप से उन लोगों तक पहुंचने पर ध्यान दिया जाएगा, जिन्हें सामान्य परिस्थितियों में सरकारी कार्यालयों या निर्धारित केंद्रों तक पहुंचने में परेशानी होती है।
इसके लिए रात्रि आश्रय स्थलों, मजदूरों की कॉलोनियों और बेघर लोगों के रहने वाले स्थानों पर भी विशेष कैंप लगाने की व्यवस्था की जाएगी। समाज के कमजोर वर्गों तक अभियान का लाभ पहुंचाना भी इस पहल का अहम हिस्सा है।
इस तरह चुनाव आयोग का प्रयास केवल मतदाता सूची में नाम जोड़ने तक सीमित नहीं है, बल्कि उन पात्र नागरिकों तक पहुंचना भी है, जो सामाजिक या आर्थिक कारणों से पंजीकरण की प्रक्रिया से दूर रह जाते हैं।
SIR विवाद के बीच फैसले का क्या है महत्व?
बिहार में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर राजनीतिक दलों के बीच बहस चल रही है। इसी बीच पात्र लेकिन छूटे हुए मतदाताओं और युवाओं के पंजीकरण के लिए शुरू किया गया अभियान चुनावी प्रक्रिया के लिहाज से महत्वपूर्ण है।
मतदाता सूची चुनाव में भाग लेने का आधार होती है। इसलिए सूची में पात्र नागरिकों के नाम दर्ज होना जरूरी है। हालांकि, नाम जोड़ने के लिए निर्धारित पात्रता, दस्तावेज और निर्वाचन आयोग की प्रक्रिया का पालन करना होगा।
इस अभियान की प्रगति पर राज्य स्तर, जिला स्तर और निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी स्तर पर नियमित निगरानी की जाएगी। इससे अधिकारियों को काम की स्थिति का आकलन करने और जरूरत के अनुसार कार्रवाई करने में मदद मिलेगी।
मतदाता अपना नाम जुड़वाने के लिए क्या करें?
यदि कोई पात्र नागरिक अपना नाम मतदाता सूची में दर्ज नहीं पाता है, तो उसे पंजीकरण की निर्धारित प्रक्रिया के बारे में जानकारी लेनी चाहिए। नए पंजीकरण के लिए फॉर्म-6 का उपयोग किया जाता है।
मतदाताओं के लिए जरूरी है कि वे अपनी जानकारी सही रखें और आवेदन करते समय निर्धारित दस्तावेज उपलब्ध कराएं। BLO के घर-घर सत्यापन या विशेष कैंप के दौरान भी पंजीकरण से संबंधित जानकारी प्राप्त की जा सकती है।
अभियान का वास्तविक लाभ तभी मिलेगा, जब पात्र युवा और छूटे हुए मतदाता समय पर अपनी जानकारी की जांच करें और आवश्यक प्रक्रिया पूरी करें।
निष्कर्ष: बिहार में छूटे हुए मतदाताओं और युवा निर्वाचकों को जोड़ने के लिए चुनाव आयोग ने एक महीने के विशेष अभियान का निर्देश दिया है। BLO घर-घर सत्यापन करेंगे, पात्र लोगों के लिए फॉर्म-6 की प्रक्रिया अपनाई जाएगी और जरूरत के अनुसार विशेष कैंप लगाए जाएंगे। अभियान की निगरानी राज्य और जिला स्तर पर होगी।
