बिहार शिक्षक ट्रांसफर फिर अटका, 4 अक्टूबर से नहीं खुलेगा पोर्टल
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बिहार शिक्षक ट्रांसफर को लेकर सरकारी शिक्षकों का इंतजार एक बार फिर बढ़ गया है। बिहार शिक्षक ट्रांसफर के लिए 4 अक्टूबर से सामान्य ट्रांसफर का पोर्टल खोलने की तैयारी फिलहाल टल गई है। विधान परिषद चुनाव को लेकर लागू आचार संहिता के बीच शिक्षा विभाग ने निर्वाचन आयोग से मार्गदर्शन मांगा है। आयोग की अनुमति और स्थिति स्पष्ट होने के बाद ही ट्रांसफर प्रक्रिया को आगे बढ़ाने पर फैसला होगा। इस फैसले से उन हजारों शिक्षकों की उम्मीदों को झटका लगा है, जो सामान्य, म्युचुअल, सरप्लस या अंतरजिला स्थानांतरण की प्रक्रिया शुरू होने का इंतजार कर रहे थे। फिलहाल विभाग की नजर निर्वाचन आयोग के निर्देश पर टिकी है।
4 अक्टूबर से नहीं खुलेगा सामान्य ट्रांसफर पोर्टल
शिक्षा विभाग की ओर से सामान्य ट्रांसफर की प्रक्रिया को लेकर स्थिति अभी साफ नहीं हुई है। पहले 4 अक्टूबर से पोर्टल खुलने की उम्मीद थी, लेकिन चुनावी आचार संहिता के कारण इस पर रोक लग गई है। विधान परिषद की विभिन्न सीटों पर चुनाव को लेकर आचार संहिता लागू है। ऐसे में शिक्षा विभाग बिना निर्वाचन आयोग की अनुमति के ऐसी प्रक्रिया शुरू नहीं करना चाहता, जिससे चुनावी प्रक्रिया प्रभावित होने की आशंका हो। यही वजह है कि विभाग ने निर्वाचन आयोग से औपचारिक मार्गदर्शन मांगा है। आयोग की ओर से स्थिति स्पष्ट होने के बाद ही पोर्टल खोलने की अगली तारीख तय की जाएगी।
आयोग की अनुमति के बाद ही आगे बढ़ेगा ट्रांसफर
शिक्षकों के सामान्य ट्रांसफर को लेकर अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि पोर्टल कब खुलेगा। इसका जवाब फिलहाल निर्वाचन आयोग के मार्गदर्शन पर निर्भर है। विभाग को उम्मीद है कि आयोग जल्द ही इस मामले में स्थिति स्पष्ट कर सकता है। अनुमति मिलने के बाद सामान्य ट्रांसफर के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया शुरू करने पर निर्णय लिया जाएगा। इसका मतलब है कि शिक्षक अभी पोर्टल खुलने की निश्चित तारीख का इंतजार करें। विभाग की ओर से नई तारीख या आधिकारिक आदेश जारी होने के बाद ही आवेदन प्रक्रिया शुरू होगी।
सरप्लस और म्युचुअल ट्रांसफर भी प्रभावित
आचार संहिता का असर केवल सामान्य ट्रांसफर पर नहीं पड़ा है। सरप्लस और म्युचुअल ट्रांसफर की प्रक्रिया भी फिलहाल रुकी हुई है। इसके अलावा अंतरजिला स्थानांतरण से जुड़ी प्रक्रिया पर भी इसका असर पड़ा है। इन मामलों में भी लिस्ट जारी करने या आगे की कार्रवाई से पहले निर्वाचन आयोग के निर्देश का इंतजार किया जा रहा है। सरप्लस ट्रांसफर में ऐसे शिक्षकों की स्थिति महत्वपूर्ण होती है, जिनकी मौजूदा विद्यालय में जरूरत से अधिक संख्या है। वहीं म्युचुअल ट्रांसफर में दो शिक्षक आपसी सहमति से स्थानांतरण की प्रक्रिया पूरी करते हैं। इन दोनों श्रेणियों के शिक्षकों को भी अब विभाग के अगले आदेश का इंतजार करना होगा।
ट्रांसफर लेटर के लिए भी करना होगा इंतजार
जिन शिक्षकों को ट्रांसफर लिस्ट और स्थानांतरण पत्र का इंतजार है, उनके लिए भी फिलहाल कोई तत्काल राहत नहीं दिख रही है। निर्वाचन आयोग से मार्गदर्शन मिलने के बाद शिक्षा विभाग यह तय करेगा कि लंबित प्रक्रियाओं को किस तरह आगे बढ़ाया जाए। इसके बाद ही ट्रांसफर लिस्ट जारी करने और संबंधित शिक्षकों को ट्रांसफर लेटर देने की प्रक्रिया शुरू हो सकती है। इस वजह से शिक्षकों को फिलहाल आधिकारिक आदेश का इंतजार करना होगा। सोशल मीडिया या अनौपचारिक माध्यमों से सामने आने वाली तारीखों के बजाय विभाग की आधिकारिक सूचना को ही अंतिम माना जाना चाहिए।
10 अक्टूबर के बाद तस्वीर हो सकती है साफ
शिक्षा विभाग की नजर अब 10 अक्टूबर के आसपास की स्थिति पर है। उम्मीद है कि तब तक निर्वाचन आयोग की ओर से ट्रांसफर प्रक्रिया को लेकर जरूरी मार्गदर्शन मिल सकता है। अगर आयोग की ओर से अनुमति मिलती है, तो विभाग सामान्य ट्रांसफर पोर्टल खोलने की नई तारीख तय कर सकता है। इसी के साथ सरप्लस, म्युचुअल और अंतरजिला स्थानांतरण से जुड़ी लंबित प्रक्रियाओं पर भी फैसला संभव है। हालांकि, 10 अक्टूबर को पोर्टल निश्चित रूप से खुलेगा, ऐसा अभी आधिकारिक रूप से नहीं कहा गया है। यह पूरी तरह निर्वाचन आयोग के निर्देश और शिक्षा विभाग के अगले आदेश पर निर्भर करेगा।
शिक्षकों को अब क्या करना चाहिए?
फिलहाल शिक्षकों को विभाग की आधिकारिक सूचना का इंतजार करना चाहिए। पोर्टल खुलने की नई तारीख सामने आने के बाद ही ऑनलाइन आवेदन या अन्य जरूरी प्रक्रिया पूरी करनी होगी। शिक्षकों को अपने दस्तावेज और जरूरी जानकारी पहले से तैयार रखने की सलाह दी जा सकती है, ताकि पोर्टल खुलने के बाद आवेदन करने में परेशानी न हो। साथ ही, सामान्य ट्रांसफर के अलावा म्युचुअल, सरप्लस और अंतरजिला ट्रांसफर से जुड़े शिक्षक भी विभाग के निर्देशों पर नजर रखें। आयोग की अनुमति मिलने के बाद इन प्रक्रियाओं को लेकर अलग-अलग दिशा-निर्देश जारी हो सकते हैं।