बिहार के मॉडल स्कूल में कथित शराब पार्टी का वीडियो वायरल, मचा हड़कंप

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बिहार के मॉडल स्कूल में कथित शराब पार्टी का वीडियो वायरल, मचा हड़कंप

 

पश्चिम चंपारण के मैनाटांड़ स्थित एक मॉडल स्कूल से जुड़ा कथित वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। बिहार मॉडल स्कूल वायरल वीडियो में प्रभारी प्रधानाध्यापक के साथ एक महिला दिखाई दे रही है और टेबल पर शराब की बोतलें नजर आने का दावा किया जा रहा है। बिहार मॉडल स्कूल वायरल वीडियो को लेकर स्थानीय स्तर पर चर्चा तेज है और लोगों ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।

हालांकि, वायरल वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। वहीं प्रभारी प्रधानाध्यापक ने वीडियो को करीब नौ साल पुराना बताते हुए अपनी छवि खराब करने की कोशिश का आरोप लगाया है।

मॉडल स्कूल के वायरल वीडियो में क्या दिख रहा है?

मामला पश्चिम चंपारण जिले के मैनाटांड़ प्रखंड स्थित राज्य संपोषित उच्च विद्यालय प्लस-2, रमपुरवा का बताया जा रहा है। यह विद्यालय क्षेत्र के महत्वपूर्ण मॉडल स्कूलों में शामिल है।

सोशल मीडिया पर प्रसारित कथित वीडियो में एक व्यक्ति और महिला के साथ बैठने का दृश्य दिखाई देता है। सामने रखी मेज पर खाने-पीने की सामग्री के साथ शराब की बोतलें होने का दावा किया जा रहा है।

वीडियो सामने आने के बाद स्थानीय स्तर पर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। कुछ लोगों ने स्कूल जैसे संस्थान से जुड़े व्यक्ति के इस तरह के वीडियो को गंभीर मामला बताते हुए जांच की मांग की है।

हालांकि, वीडियो कब का है और उसमें दिखाई दे रहा व्यक्ति वर्तमान में स्कूल के प्रभारी प्रधानाध्यापक हैं या नहीं, इसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

प्रभारी प्रधानाध्यापक ने वायरल वीडियो पर क्या कहा?

वायरल वीडियो को लेकर प्रभारी प्रधानाध्यापक प्रमोद यादव ने अलग पक्ष रखा है। उनका कहना है कि वीडियो करीब नौ वर्ष पुराना है और उसे अब सोशल मीडिया पर प्रसारित किया जा रहा है।

उन्होंने आरोप लगाया कि पुराने वीडियो को वर्तमान संदर्भ में फैलाकर उनकी छवि खराब करने की कोशिश की जा रही है।

उनके इस दावे के बाद मामले में वीडियो की तारीख और उसकी वास्तविकता की जांच महत्वपूर्ण हो गई है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि वीडियो कब और किस परिस्थिति में रिकॉर्ड किया गया था।

ऐसे में वायरल वीडियो के आधार पर किसी निष्कर्ष पर पहुंचने के बजाय आधिकारिक जांच के परिणाम का इंतजार करना जरूरी है।

बीईओ ने जांच कराने की बात कही

मामले में मैनाटांड़ की प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी कुमारी सुप्रिया ने जांच कराने की बात कही है।

उन्होंने कहा कि वायरल वीडियो की जांच कराई जाएगी। यदि जांच में वीडियो की सत्यता की पुष्टि होती है तो संबंधित शिक्षक के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

शिक्षा विभाग के इस रुख के बाद अब जांच रिपोर्ट पर लोगों की नजर है। जांच में वीडियो की प्रामाणिकता, उसकी तारीख और उसमें दिखाई दे रहे लोगों की पहचान जैसे पहलुओं को देखा जा सकता है।

स्थानीय लोगों ने की उच्चस्तरीय जांच की मांग

वीडियो वायरल होने के बाद स्थानीय लोगों ने मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि मैनाटांड़ प्रखंड का यह महत्वपूर्ण मॉडल स्कूल है, इसलिए विद्यालय की प्रशासनिक और शैक्षणिक व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए।

स्थानीय लोगों ने विधायक, जिलाधिकारी और जिला शिक्षा पदाधिकारी से भी मामले का संज्ञान लेने की अपील की है।

लोगों की एक प्रमुख मांग विद्यालय में पूर्णकालिक प्रधानाध्यापक की नियुक्ति को लेकर भी है। उनका कहना है कि स्कूल का नेतृत्व ऐसे प्रधानाध्यापक के हाथ में होना चाहिए, जो विद्यालय के शैक्षणिक विकास और विद्यार्थियों की पढ़ाई को प्राथमिकता दे।

जांच के बाद ही साफ होगी वीडियो की सच्चाई

इस पूरे मामले में सबसे अहम सवाल वायरल वीडियो की वास्तविकता को लेकर है। सोशल मीडिया पर किसी वीडियो के प्रसारित होने मात्र से उसमें दिखाई देने वाली घटना को वर्तमान समय का मान लेना सही नहीं होगा।

प्रभारी प्रधानाध्यापक ने इसे पुराना वीडियो बताया है, जबकि स्थानीय स्तर पर इसे लेकर सवाल उठ रहे हैं। इसलिए निष्पक्ष जांच से ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि वीडियो कब का है और उसमें दिखाई दे रही परिस्थितियां क्या थीं।

यदि जांच में वीडियो वास्तविक और वर्तमान घटना से संबंधित पाया जाता है, तो शिक्षा विभाग के नियमों के अनुसार आगे की कार्रवाई हो सकती है। वहीं यदि शिक्षक का पुराना वीडियो होने का दावा सही साबित होता है, तो मामले की तस्वीर अलग हो जाएगी।

एक नजर में पूरा मामला

  • मामला पश्चिम चंपारण के मैनाटांड़ प्रखंड के रमपुरवा मॉडल स्कूल का है।

  • सोशल मीडिया पर एक कथित वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है।

  • वीडियो में प्रभारी प्रधानाध्यापक के साथ एक महिला दिखाई देने का दावा है।

  • टेबल पर शराब की बोतलें होने की बात भी कही जा रही है।

  • प्रभारी प्रधानाध्यापक ने वीडियो को करीब नौ वर्ष पुराना बताया है।

  • उन्होंने इसे छवि खराब करने की कोशिश बताया।

  • बीईओ ने वीडियो की जांच कराने की बात कही है।

  • सत्यता की पुष्टि होने पर नियमानुसार कार्रवाई की बात कही गई है।

  • स्थानीय लोगों ने उच्चस्तरीय जांच और पूर्णकालिक प्रधानाध्यापक की मांग की है।

फिलहाल इस मामले में किसी व्यक्ति के खिलाफ आरोप को अंतिम तथ्य नहीं माना जा सकता। वीडियो की प्रामाणिकता और घटना की वास्तविक स्थिति जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।

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