MLC चुनाव में नीरज को नीतीश का साथ, अनंत सिंह से विवाद पर बढ़ी हलचल
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बिहार MLC चुनाव को लेकर जेडीयू में चल रही खींचतान के बीच शनिवार को बड़ा घटनाक्रम सामने आया। MLC चुनाव की पटना स्नातक सीट से जेडीयू प्रत्याशी नीरज कुमार ने पूर्व मुख्यमंत्री और जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार से मुलाकात की। इस दौरान उन्हें पार्टी के NDA समर्थित उम्मीदवार होने का प्रपत्र भी मिला।
यह मुलाकात ऐसे समय हुई है, जब मोकामा से जेडीयू विधायक अनंत सिंह खुलकर नीरज कुमार की उम्मीदवारी का विरोध कर रहे हैं और जन सुराज के प्रत्याशी डॉ. अनुज सिंह के समर्थन में प्रचार कर रहे हैं।
नीरज कुमार को नीतीश से मिला समर्थन पत्र
नीरज कुमार ने मुलाकात के बाद बताया कि नीतीश कुमार ने उन्हें पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के लिए NDA समर्थित जेडीयू उम्मीदवार होने का प्रपत्र दिया है।
नीरज कुमार के मुताबिक, उन्होंने इस जिम्मेदारी के लिए नीतीश कुमार का आभार जताया। जेडीयू ने 23 सितंबर को पटना स्नातक सीट से नीरज कुमार को दोबारा उम्मीदवार घोषित किया था।
पटना स्नातक सीट से नीरज कुमार लगातार तीसरी बार विधान परिषद सदस्य रह चुके हैं। अब पार्टी ने उन्हें फिर से मैदान में उतारा है।
बिहार विधान परिषद की चार स्नातक और चार शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों की आठ सीटों पर 23 अक्टूबर को मतदान होना है। नामांकन की अंतिम तारीख 6 अक्टूबर और मतगणना 27 अक्टूबर को होगी।
अनंत सिंह क्यों कर रहे हैं नीरज कुमार का विरोध?
पटना स्नातक सीट पर जेडीयू के भीतर विवाद तब खुलकर सामने आया, जब मोकामा विधायक अनंत सिंह ने नीरज कुमार के खिलाफ सार्वजनिक रुख अपनाया।
अनंत सिंह ने जन सुराज के प्रत्याशी डॉ. अनुज सिंह को समर्थन देने की घोषणा की है। उन्होंने नीरज कुमार के खिलाफ चुनाव प्रचार करने की बात भी कही है।
इसके बाद अनंत सिंह ने अनुज सिंह के नामांकन और प्रचार कार्यक्रमों में भी हिस्सा लिया। 3 अक्टूबर को उनके नालंदा और नवादा क्षेत्र में प्रचार करने की रिपोर्ट सामने आई।
अनंत सिंह का कहना रहा है कि पटना स्नातक चुनाव में पार्टी का चुनाव चिन्ह नहीं होता, इसलिए नीरज कुमार के विरोध को सीधे जेडीयू के विरोध के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। हालांकि, पार्टी ने नीरज कुमार को अपना अधिकृत उम्मीदवार घोषित किया है।
जेडीयू में सुलह की कोशिश तेज
विवाद बढ़ने के बाद जेडीयू नेतृत्व ने दोनों नेताओं के बीच स्थिति सामान्य करने की कोशिश शुरू की है। पार्टी के वरिष्ठ नेता और बिहार सरकार में मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि मामला वरिष्ठ नेताओं के संज्ञान में है और बातचीत के जरिए समाधान निकालने का प्रयास जारी है।
2 अक्टूबर को जेडीयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने बताया था कि अनंत सिंह और नीरज कुमार के बीच मतभेद सुलझाने की जिम्मेदारी वरिष्ठ नेता एवं केंद्रीय मंत्री ललन सिंह को दी गई है।
ललन सिंह को यह जिम्मेदारी दिए जाने के बाद अब पार्टी के भीतर बातचीत के जरिए विवाद को सुलझाने पर जोर है। श्रवण कुमार ने भी कहा कि समाधान में थोड़ा समय लग सकता है, लेकिन वरिष्ठ नेतृत्व मामले को देख रहा है।
नीतीश कुमार की मुलाकात से क्या संदेश गया?
नीरज कुमार को नीतीश कुमार से पार्टी उम्मीदवार होने का प्रपत्र मिलना इस चुनाव में जेडीयू की आधिकारिक स्थिति को स्पष्ट करता है।
पार्टी ने पहले ही नीरज कुमार को पटना स्नातक सीट से उम्मीदवार घोषित कर दिया था। अब नीतीश कुमार से औपचारिक समर्थन पत्र मिलने के बाद नीरज कुमार का प्रचार अभियान आगे बढ़ने की संभावना है।
दूसरी ओर, अनंत सिंह लगातार अनुज सिंह के समर्थन में सक्रिय हैं। ऐसे में पटना स्नातक सीट का चुनाव सिर्फ उम्मीदवारों के बीच मुकाबले तक सीमित नहीं है, बल्कि जेडीयू के भीतर सामने आए मतभेद के कारण भी चर्चा में है।
हालांकि, इस घटनाक्रम से चुनाव का अंतिम परिणाम क्या होगा, इसका अनुमान लगाना अभी संभव नहीं है। मतदान और मतगणना के बाद ही तस्वीर स्पष्ट होगी।
पटना स्नातक सीट पर मुकाबला क्यों अहम?
पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में पटना के अलावा नालंदा और नवादा समेत संबंधित क्षेत्र शामिल हैं। इस सीट पर जेडीयू ने नीरज कुमार को मैदान में उतारा है, जबकि जन सुराज ने डॉ. अनुज सिंह को उम्मीदवार बनाया है।
अनंत सिंह के अनुज सिंह के समर्थन में आने से चुनावी गतिविधियां तेज हुई हैं। दूसरी तरफ जेडीयू के नेता और कार्यकर्ता नीरज कुमार के समर्थन में बैठकों और संवाद कार्यक्रमों के जरिए सक्रियता बढ़ा रहे हैं।
अब नजर इस बात पर रहेगी कि जेडीयू नेतृत्व अनंत सिंह और नीरज कुमार के बीच चल रहे विवाद को किस तरह संभालता है और आने वाले दिनों में दोनों नेताओं के रुख में कोई बदलाव होता है या नहीं।
