बिहार MLC चुनाव से पहले शिक्षकों के वेतन पर विवाद, 22 अक्टूबर तक जांच के आदेश

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बिहार MLC चुनाव से पहले शिक्षकों के वेतन पर विवाद, 22 अक्टूबर तक जांच के आदेश

बिहार में शिक्षकों के वेतन भुगतान में कथित अनियमितता का मामला विधान परिषद चुनाव से पहले चर्चा में आ गया है। शिक्षकों के वेतन भुगतान की जांच के निर्देश के बाद सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच बयानबाजी तेज हो गई है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि शिक्षकों का वेतन बंद नहीं होगा, जबकि विपक्ष ने इस मामले को लेकर सरकार से जवाब मांगा है।

बिहार विधान परिषद की आठ सीटों के लिए 23 अक्टूबर को मतदान होना है। इनमें चार शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र और चार स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की सीटें शामिल हैं। ऐसे समय में वेतन से जुड़ा मामला उम्मीदवारों और शिक्षक मतदाताओं के बीच चर्चा का विषय बन गया है।

वित्त विभाग और शिक्षा विभाग की ओर से जांच की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों को 22 अक्टूबर तक वेतन संबंधी जांच पूरी करने का निर्देश दिया गया है। अब जांच के नतीजों और अक्टूबर के वेतन भुगतान की स्थिति पर सबकी नजर है।

बिहार में कितने शिक्षक मतदाता करेंगे मतदान?

विधान परिषद चुनाव में शिक्षक मतदाताओं की भूमिका महत्वपूर्ण है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, चार शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में कुल 40,253 शिक्षक मतदाता हैं।

इनमें पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में 11,719, दरभंगा में 9,026, सारण में 10,748 और तिरहुत में 8,760 मतदाता शामिल हैं। इन आंकड़ों के कारण वेतन भुगतान से जुड़ा मुद्दा चुनावी चर्चा में प्रमुखता से उठ रहा है।

शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के अलावा, पात्रता पूरी करने वाले शिक्षक स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में भी मतदाता बन सकते हैं। हालांकि, मतदान के लिए निर्धारित शर्तों और मतदाता सूची में नाम की पुष्टि करना जरूरी है।

बिहार में शिक्षकों की कुल संख्या करीब 5.36 लाख बताई गई है। लेकिन राज्य के सभी शिक्षक शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में मतदान नहीं कर सकते। इसके लिए नियुक्ति की अवधि और अन्य निर्धारित पात्रताओं को पूरा करना होता है।

नवल यादव ने कहा—शिक्षकों का वेतन नहीं रुकना चाहिए

पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से एनडीए उम्मीदवार नवल यादव ने कहा कि पर्व के समय शिक्षकों का वेतन नहीं रुकना चाहिए। उनके मुताबिक, यदि भुगतान व्यवस्था में अनियमितता हुई है, तो इसके लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान कर कार्रवाई की जानी चाहिए।

नवल यादव ने कहा कि शिक्षकों की गलती के बिना उनका वेतन रोकना उचित नहीं होगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि वे इस विषय पर संबंधित मंत्री और मुख्यमंत्री से बात करेंगे, ताकि भुगतान में बाधा नहीं आए।

उनके बयान से स्पष्ट है कि वेतन भुगतान का मुद्दा अब केवल विभागीय जांच तक सीमित नहीं है। चुनाव से पहले शिक्षक मतदाताओं की चिंताओं को दूर करना भी उम्मीदवारों के लिए महत्वपूर्ण हो गया है।

आरजेडी ने सरकार से पूछे सवाल

राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के मुख्य प्रवक्ता शक्ति यादव ने वेतन भुगतान में कथित अनियमितता को लेकर एनडीए सरकार पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने पूछा कि जिन शिक्षकों को वेतन मिलने में परेशानी होगी, वे सरकार से क्या अपेक्षा रखेंगे।

शक्ति यादव ने शिक्षक प्रतिनिधियों की भूमिका पर भी सवाल उठाया। उनका कहना था कि इस मामले को पहले ही उठाया जाना चाहिए था।

विपक्ष इस मुद्दे को सरकार की वित्तीय और प्रशासनिक व्यवस्था से जोड़कर देख रहा है। दूसरी ओर, अनियमितता की वास्तविक स्थिति और जिम्मेदार लोगों की पहचान जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

जेडीयू ने बताया तकनीकी समस्या का मामला

जेडीयू के विधान पार्षद संजय गांधी ने कहा कि नीतीश कुमार के सत्ता में आने के बाद शिक्षकों के वेतन भुगतान की व्यवस्था नियमित हुई है। उन्होंने मौजूदा मामले को संभावित तकनीकी समस्या से जोड़ते हुए कहा कि पहले वेतन भुगतान में लंबे समय तक देरी होती थी।

संजय गांधी के बयान के अनुसार, मौजूदा स्थिति की वास्तविक वजह जांच के बाद स्पष्ट होगी। इस तरह सत्ता पक्ष ने जहां भुगतान व्यवस्था में सुधार का हवाला दिया, वहीं विपक्ष ने मौजूदा शिकायतों पर सवाल उठाए हैं।

फिलहाल, विभागीय जांच के निष्कर्ष सामने आने तक कथित अनियमितताओं की पूरी तस्वीर स्पष्ट नहीं है।

वित्त मंत्री ने जांच और कार्रवाई का दिया भरोसा

बिहार के उपमुख्यमंत्री सह वित्त मंत्री विजेंद्र प्रसाद यादव ने कहा कि पूरे मामले की जांच कराई जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकारी धन के दुरुपयोग को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई होगी।

वित्त विभाग की जांच का उद्देश्य वेतन भुगतान से जुड़े मामलों में सामने आई अनियमितताओं की पड़ताल करना है। जांच में यह पता लगाना महत्वपूर्ण होगा कि समस्या किन स्थानों पर हुई, इसके लिए कौन जिम्मेदार है और भुगतान प्रक्रिया को कैसे सुचारु रखा जाए।

सरकार के सामने एक साथ दो जिम्मेदारियां हैं—अनियमितता की जांच करना और पात्र शिक्षकों को समय पर वेतन उपलब्ध कराना।

शिक्षा विभाग ने कहा—शिक्षकों का वेतन बंद नहीं होगा

शिक्षा विभाग के सचिव राजीव रौशन ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि राज्य के शिक्षकों और शिक्षकेत्तर कर्मचारियों का वेतन बंद नहीं होगा। उन्होंने बताया कि कुछ स्थानों से वित्तीय अनियमितता की सूचनाएं मिली थीं, जिनकी विभागीय स्तर पर जांच की जा रही है।

विभाग के मुताबिक, जांच के दौरान कुछ लोगों के खिलाफ कार्रवाई भी की गई है। सचिव ने यह भी कहा कि कुछ स्थानों पर अनियमितता मिलने के आधार पर पूरे राज्य के शिक्षकों के बारे में एक जैसा निष्कर्ष निकालना उचित नहीं है।

यह स्पष्टीकरण उन शिक्षकों के लिए महत्वपूर्ण है जो वेतन भुगतान को लेकर चिंतित हैं। हालांकि, अक्टूबर के वेतन की वास्तविक भुगतान स्थिति की पुष्टि संबंधित विभागीय सूचना से ही हो सकेगी।

22 अक्टूबर तक जांच, 23 अक्टूबर को मतदान

शिक्षा विभाग ने सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों (BEO) को 22 अक्टूबर तक वेतन से संबंधित जांच पूरी करने का निर्देश दिया है। इसके अगले दिन यानी 23 अक्टूबर को विधान परिषद की आठ सीटों के लिए मतदान निर्धारित है।

इस समयसीमा के कारण जांच की प्रगति पर राजनीतिक दलों, उम्मीदवारों और शिक्षक संगठनों की नजर रहेगी। यदि जांच में अनियमितता की पुष्टि होती है, तो जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई और भुगतान व्यवस्था में सुधार की जरूरत होगी।

हालांकि, केवल इस मामले के आधार पर चुनाव के नतीजों पर किसी निश्चित प्रभाव का अनुमान लगाना उचित नहीं होगा। मतदान पर अलग-अलग मुद्दों, उम्मीदवारों और मतदाताओं की प्राथमिकताओं का असर पड़ सकता है।

शिक्षक संघ ने भी मानी प्रशासनिक चूक की बात

माध्यमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष रघुवंश प्रसाद सिंह ने कहा कि सितंबर महीने का वेतन समय पर मिला था और शिकायतों के बाद सरकार जांच करा रही है। उन्होंने इस मामले में सरकार की ओर से चूक होने की बात कही।

उनके अनुसार, चुनाव के समय यह मुद्दा चर्चा में आ गया है, लेकिन यह मान लेना सही नहीं होगा कि सभी शिक्षक केवल इसी विषय के आधार पर मतदान का फैसला करेंगे।

अब शिक्षकों की निगाह जांच पूरी होने, जिम्मेदारी तय होने और अक्टूबर के वेतन भुगतान पर है। सरकार के आश्वासन के साथ-साथ समय पर वास्तविक भुगतान होना भी शिक्षकों की चिंता दूर करने के लिए महत्वपूर्ण रहेगा।

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