बिहार में 1.21 लाख करोड़ के निवेश की तैयारी, गया में खुलेगा रोजगार का बड़ा रास्ता!
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बिहार में औद्योगिक निवेश और रोजगार को लेकर बड़ी पहल सामने आई है। राज्य को वर्ष 2025 से अब तक 1.21 लाख करोड़ रुपये से अधिक के 1,091 निवेश प्रस्ताव मिले हैं। उद्योग विभाग के मुताबिक, इन प्रस्तावों से 68,807 से अधिक रोजगार के अवसर पैदा होने की संभावना है। इसी बीच गया के डोभी में बिहार इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग सिटी (BIMCGL) परियोजना को आगे बढ़ाने की तैयारी है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी 24 अक्टूबर को परियोजना से जुड़े पोर्टल के शुभारंभ और निवेशकों के साथ चर्चा के कार्यक्रम में शामिल होने वाले हैं।
गया में 1,670 एकड़ में विकसित होगी मैन्युफैक्चरिंग सिटी
गया जिले के डोभी क्षेत्र में लगभग 1,670 एकड़ जमीन पर इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग सिटी विकसित की जा रही है। यह परियोजना अमृतसर-कोलकाता औद्योगिक कॉरिडोर का हिस्सा है। इसका उद्देश्य एक ही स्थान पर विनिर्माण इकाइयों के लिए जरूरी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना और बड़े उद्योगों को निवेश के लिए आकर्षित करना है।
बिहार इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग सिटी गया लिमिटेड यानी BIMCGL के माध्यम से परियोजना को आगे बढ़ाया जा रहा है। उद्योग विभाग के अनुसार, 24 अक्टूबर को भूमि आवंटन से जुड़ी प्रक्रिया के लिए पोर्टल लॉन्च किया जाना है।
इस परियोजना से गया और आसपास के इलाकों में औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। हालांकि, जमीन पर उद्योगों की स्थापना, निवेश और रोजगार का वास्तविक स्तर इस बात पर निर्भर करेगा कि कितनी कंपनियां आगे आकर अपनी इकाइयां स्थापित करती हैं।
माननीय मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी जी द्वारा गया जी में Bihar Integrated Manufacturing City Gaya Limited (BIMCGL) का शुभारंभ बिहार के औद्योगिक हब बनने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। गया जी की ऐतिहासिक पहचान के साथ अब उद्योग, निवेश और रोजगार की नई संभावनाओं के जुड़ने से युवाओं के लिए नए अवसर सृजित होंगे। वहीं बिहार बिजनेस कनेक्ट- 2027 के जरिए निवेश की नई संभावनाओं को विस्तार देने का प्रयास भी राज्य के औद्योगिक विकास को गति देने में सहायक होगा। #ManufacturingHub #IndustrialDevelopment #samratchoudhary #CMSamrat
— IPRD Bihar (@IPRDBihar) October 23, 2026
150 निवेशकों के साथ बैठक, बिहार बिजनेस कनेक्ट 2027 पर जोर
गया में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के करीब 150 निवेशकों के साथ चर्चा करने की योजना है। इस बैठक में बिहार में औद्योगिक निवेश की संभावनाओं, उद्योगों के लिए जमीन और विनिर्माण क्षेत्र के विस्तार जैसे विषयों पर बातचीत होनी है।
बोधगया के महाबोधि कन्वेंशन सेंटर में दो दिवसीय कार्यक्रम आयोजित किया गया है। इसके तहत BIMCGL परियोजना के साथ बिहार बिजनेस कनेक्ट 2027 का कर्टेन रेजर कार्यक्रम भी रखा गया है।
उद्योग मंत्री श्रेयसी सिंह शुक्रवार को बोधगया पहुंचीं। कार्यक्रम के पहले दिन निवेशकों के लिए सांस्कृतिक आयोजन भी हुआ। सरकार का लक्ष्य निवेशकों को राज्य की औद्योगिक नीतियों, उपलब्ध सुविधाओं और निवेश के अवसरों से परिचित कराना है।
1.21 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव से कितनी नौकरियों की उम्मीद?
उद्योग मंत्री श्रेयसी सिंह के अनुसार, बिहार को वर्ष 2025 से अब तक कुल 1,21,863 करोड़ रुपये के निवेश से जुड़े 1,091 प्रस्ताव मिले हैं। इनसे 68,807 से अधिक रोजगार के अवसर पैदा होने की संभावना जताई गई है।
यहां ध्यान देने वाली बात है कि ये निवेश प्रस्ताव हैं, न कि पूरी राशि का निवेश हो चुका है। इसी तरह रोजगार के आंकड़े भी संभावित अवसरों को दर्शाते हैं। वास्तविक परिणाम परियोजनाओं के क्रियान्वयन, कंपनियों की स्थापना और भर्ती प्रक्रिया पर निर्भर करेंगे।
उद्योग विभाग राज्य में 14,600 एकड़ से अधिक अतिरिक्त औद्योगिक जमीन उपलब्ध कराने की दिशा में काम कर रहा है। इसके लिए 25 जिलों में 28 स्थानों पर नए औद्योगिक क्षेत्रों के विकास से जुड़ी भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।
निवेशकों के लिए सिंगल विंडो पोर्टल से आसान होंगी प्रक्रियाएं
बिहार सरकार निवेशकों को उद्योग स्थापित करने में होने वाली प्रशासनिक परेशानियां कम करने के लिए सिंगल विंडो क्लीयरेंस सिस्टम को बेहतर बना रही है। उद्योग मंत्री के अनुसार, नए डिजिटल प्लेटफॉर्म पर नौ विभागों की 62 सेवाएं उपलब्ध कराई गई हैं।
इस व्यवस्था के तहत निवेशक जरूरी मंजूरियों की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे, लाइसेंस के लिए आवेदन कर सकेंगे और संबंधित दस्तावेज ऑनलाइन जमा कर पाएंगे। आवेदन की स्थिति पर नजर रखने की सुविधा भी दी जाएगी।
पोर्टल में ‘नो योर अप्रूवल’ यानी KYA मॉड्यूल की व्यवस्था भी शामिल है। इसके माध्यम से उद्यमी किसी उद्योग की स्थापना और संचालन से पहले जरूरी स्वीकृतियों की जानकारी हासिल कर सकेंगे।
इसके अलावा, संबंधित अधिकारियों से संपर्क करने और अपॉइंटमेंट बुक करने की सुविधा देने की बात कही गई है। इन व्यवस्थाओं का उद्देश्य निवेशकों को अलग-अलग विभागों के चक्कर लगाने से राहत देना है। इन सुविधाओं का वास्तविक लाभ पोर्टल के संचालन और विभागों की समयबद्ध कार्रवाई पर निर्भर करेगा।
बिहार में उद्योग और रोजगार के लिए आगे क्या है योजना?
बिहार में औद्योगिक निवेश बढ़ाने के लिए सरकार जमीन की उपलब्धता, बुनियादी ढांचे और निवेशक सुविधाओं पर काम कर रही है। गया की मैन्युफैक्चरिंग सिटी के अलावा राज्य में दूसरे औद्योगिक प्रोजेक्ट भी विकसित किए जा रहे हैं।
राष्ट्रीय औद्योगिक गलियारा विकास निगम के अनुसार, गया की इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर परियोजना में लगभग 16,524 करोड़ रुपये के निवेश की क्षमता और करीब 1.09 लाख रोजगार की संभावनाएं आंकी गई हैं। ये परियोजना की दीर्घकालिक क्षमता के अनुमान हैं; इन्हें राज्य के 1,091 निवेश प्रस्तावों से जुड़े रोजगार के आंकड़ों के साथ नहीं मिलाना चाहिए।
अब निगाह इस बात पर रहेगी कि निवेशकों की बैठक के बाद कितनी कंपनियां ठोस निवेश निर्णय लेती हैं और कितनी परियोजनाएं जमीन पर उतरती हैं। यदि औद्योगिक इकाइयां स्थापित होती हैं, तो स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलने के साथ परिवहन, निर्माण, आवास और अन्य सेवाओं से जुड़े व्यवसायों को भी अवसर मिल सकते हैं।
