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बिहार में दारोगा अभ्यर्थियों का गुस्सा फूटा, पटना में बैरिकेडिंग तोड़ी

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बिहार में दारोगा अभ्यर्थियों का गुस्सा फूटा, पटना में बैरिकेडिंग तोड़ी

बिहार में दारोगा अभ्यर्थियों का प्रदर्शन गुरुवार को पटना में जोरदार विरोध के बीच सामने आया। 1799 पदों पर भर्ती की मुख्य लिखित परीक्षा रद्द किए जाने से नाराज अभ्यर्थियों ने जेपी गोलंबर के पास प्रदर्शन किया। इस दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेडिंग तोड़कर आगे बढ़ने की कोशिश की, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए कार्रवाई की। रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को मौके से हटाया और कई अभ्यर्थियों को हिरासत में लिया।

दारोगा अभ्यर्थियों का प्रदर्शन परीक्षा रद्द करने के फैसले को वापस लेने और पहले जारी परिणाम बहाल करने की मांग को लेकर किया गया। प्रदर्शनकारी मुख्यमंत्री आवास की ओर मार्च करना चाहते थे। उनका आरोप है कि भर्ती प्रक्रिया में देरी और परीक्षा से जुड़ी अनिश्चितताओं के कारण युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है।

जेपी गोलंबर पर पुलिस और अभ्यर्थियों के बीच टकराव

पटना के जेपी गोलंबर पर प्रदर्शन के दौरान स्थिति तनावपूर्ण हो गई। अभ्यर्थी आगे बढ़ने की कोशिश कर रहे थे, जबकि पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए बैरिकेडिंग लगाई थी। इसी दौरान बैरिकेडिंग तोड़े जाने और पुलिस से भिड़ंत की खबर सामने आई।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को वहां से हटाया और कुछ छात्रों को हिरासत में लिया। हालांकि, हिरासत में लिए गए अभ्यर्थियों की सटीक संख्या और बाद में उनकी रिहाई के संबंध में उपलब्ध जानकारी में विस्तृत विवरण नहीं दिया गया है।

प्रदर्शनकारियों की मांग है कि भर्ती प्रक्रिया से जुड़े फैसलों में पारदर्शिता रखी जाए और अभ्यर्थियों को समय पर स्पष्ट जानकारी मिले। उनका कहना है कि परीक्षा और परिणाम को लेकर बार-बार बदलाव होने से तैयारी कर रहे युवाओं को परेशानी का सामना करना पड़ता है।

1799 पदों की मुख्य परीक्षा रद्द होने पर नाराजगी

इस विरोध प्रदर्शन की मुख्य वजह बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग (BPSSC) की ओर से 1799 पदों पर दारोगा भर्ती की मुख्य लिखित परीक्षा रद्द करने का फैसला है।

आयोग ने 23 सितंबर 2026 को जारी सूचना में मुख्य परीक्षा रद्द करने की घोषणा की थी। यह परीक्षा 27 मई 2026 को दो पालियों में आयोजित हुई थी। आयोग ने परीक्षा रद्द करने के पीछे अपरिहार्य कारणों का उल्लेख किया था।

सूचना में कहा गया था कि नई परीक्षा तिथि के बारे में अलग से जानकारी दी जाएगी। इसी फैसले के बाद अभ्यर्थियों के बीच नाराजगी बढ़ी। प्रदर्शनकारी चाहते हैं कि परीक्षा रद्द करने का नोटिस वापस लिया जाए और पहले जारी किए गए नतीजों को बहाल किया जाए।

हालांकि, आयोग की ओर से परीक्षा रद्द करने के पीछे बताए गए अपरिहार्य कारणों का विस्तृत विवरण उपलब्ध इनपुट में नहीं है। इसलिए किसी खास वजह को परीक्षा रद्द होने का कारण मानना उचित नहीं होगा।

अभ्यर्थियों ने सरकार पर लगाया अन्याय का आरोप

प्रदर्शन में शामिल अभ्यर्थियों ने सरकार और भर्ती प्रक्रिया पर सवाल उठाए। उनका आरोप है कि परीक्षाएं समय पर नहीं होतीं और परीक्षा से जुड़ी समस्याओं के कारण युवाओं को बार-बार परेशानी झेलनी पड़ती है।

एक प्रदर्शनकारी अभ्यर्थी ने कहा कि वे न्याय की मांग करने मुख्यमंत्री आवास की ओर जा रहे थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया। अभ्यर्थियों का कहना है कि परीक्षा रद्द होने से उनकी तैयारी, समय और भविष्य की योजनाओं पर असर पड़ा है।

अभ्यर्थियों की मांग है कि संबंधित अधिकारी उनकी शिकायतों पर ध्यान दें और भर्ती प्रक्रिया के बारे में स्पष्ट निर्णय लें। वे चाहते हैं कि परीक्षा से जुड़ी अनिश्चितता जल्द खत्म हो, ताकि उम्मीदवार अपनी आगे की तैयारी को लेकर फैसला कर सकें।

यह अभ्यर्थियों की ओर से लगाए गए आरोप और उनकी मांगें हैं। इन आरोपों पर सरकार या संबंधित आयोग का विस्तृत पक्ष उपलब्ध जानकारी में शामिल नहीं है।

अक्टूबर में दूसरी बार प्रदर्शन करने उतरे अभ्यर्थी

रिपोर्ट के अनुसार, अक्टूबर महीने में दारोगा अभ्यर्थियों का यह दूसरा बड़ा विरोध प्रदर्शन है। इससे पहले 5 अक्टूबर को भी अभ्यर्थियों ने पटना में मार्च निकाला था।

उस समय प्रदर्शनकारी गांधी मैदान से मुख्यमंत्री आवास और बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग के कार्यालय की ओर जाना चाहते थे। हालांकि, पुलिस ने उन्हें जेपी गोलंबर से पहले ही रोक दिया था।

लगातार विरोध से पता चलता है कि परीक्षा रद्द होने का मुद्दा अभ्यर्थियों के बीच अब भी चर्चा का विषय बना हुआ है। उम्मीदवार चाहते हैं कि उनकी मांगों पर सुनवाई हो और आयोग भर्ती प्रक्रिया के अगले चरण को लेकर स्थिति स्पष्ट करे।

अब आगे क्या चाहते हैं दारोगा अभ्यर्थी?

फिलहाल अभ्यर्थियों की प्रमुख मांगें परीक्षा रद्द करने का फैसला वापस लेने और पहले जारी परिणाम बहाल करने से जुड़ी हैं। दूसरी ओर, आयोग की ओर से नई परीक्षा तिथि की जानकारी अलग से देने की बात कही गई थी।

अभ्यर्थियों के लिए आगे की प्रक्रिया को लेकर आधिकारिक सूचना महत्वपूर्ण होगी। उम्मीदवारों को सलाह है कि भर्ती से जुड़ी तारीखों, परीक्षा और परिणाम के संबंध में बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग की आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें।

पटना में हुए इस प्रदर्शन ने दारोगा भर्ती प्रक्रिया को लेकर अभ्यर्थियों की नाराजगी को फिर सामने ला दिया है। अब नजर इस बात पर रहेगी कि संबंधित आयोग और सरकार इस मामले में क्या कदम उठाते हैं और नई परीक्षा को लेकर कब तक स्पष्ट जानकारी जारी होती है।

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