बेगूसराय में जयमंगला वाहिनी परिवार की 8वीं वर्षगांठ, बच्चों ने बांधा समां
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👉 WhatsApp से जुड़ेंबेगूसराय में जयमंगला वाहिनी परिवार की आठवीं वर्षगांठ धूमधाम से मनाई गई। जयमंगला वाहिनी परिवार की स्थापना के आठ वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित समारोह में रक्तदाताओं, सदस्यों और समर्थकों में खासा उत्साह देखने को मिला। कार्यक्रम में सामाजिक सेवा, रक्तदान और जरूरतमंद लोगों की मदद के संकल्प को आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया।
समारोह में स्कूली बच्चों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। बच्चों की प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम में मौजूद लोगों का खूब मनोरंजन किया और पूरा परिसर तालियों से गूंज उठा।
आठ साल की सेवा यात्रा पर आयोजित हुआ समारोह
जयमंगला वाहिनी परिवार ने अपनी आठ वर्ष की सेवा यात्रा पूरी होने पर स्थापना दिवस समारोह आयोजित किया। संस्था रक्तदान और पीड़ित मानवता की सेवा से जुड़े कार्यों के लिए अपनी पहचान बनाने का प्रयास कर रही है।
वर्षगांठ समारोह में संगठन से जुड़े रक्तदाताओं, सदस्यों और सहयोगियों ने भाग लिया। इस दौरान संस्था की अब तक की सामाजिक गतिविधियों और रक्तदान से जुड़े प्रयासों को याद किया गया।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि जरूरतमंद मरीजों को रक्त की आवश्यकता होने पर समय पर मदद पहुंचाना बेहद महत्वपूर्ण है। ऐसे समय में रक्तदाता आगे आकर किसी की जिंदगी बचाने में योगदान दे सकते हैं।
स्कूली बच्चों की प्रस्तुतियों ने बांधा समां
स्थापना दिवस समारोह में स्थानीय स्कूली बच्चों ने कई रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। बच्चों ने अलग-अलग कार्यक्रमों के जरिए अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
उनकी मनमोहक प्रस्तुतियों को दर्शकों ने खूब सराहा। कार्यक्रम स्थल पर मौजूद लोगों ने तालियों के साथ बच्चों का उत्साह बढ़ाया।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों के कारण समारोह का माहौल और भी जीवंत हो गया। सामाजिक सेवा से जुड़े आयोजन में बच्चों की भागीदारी ने कार्यक्रम को अलग रंग दिया।
विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोग समारोह में पहुंचे
जयमंगला वाहिनी परिवार की आठवीं वर्षगांठ में विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बुद्धिजीवी, सामाजिक कार्यकर्ता और शहर के कई गणमान्य लोग शामिल हुए।
कार्यक्रम में पहुंचे अतिथियों ने संस्था की सामाजिक गतिविधियों और रक्तदान के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। वक्ताओं ने कहा कि सामाजिक संस्थाओं के माध्यम से लोगों को जरूरत के समय एक-दूसरे की मदद के लिए प्रेरित किया जा सकता है।
समारोह में संस्था से जुड़े सदस्यों और रक्तदाताओं के योगदान को भी रेखांकित किया गया।
जरूरतमंद मरीजों के लिए आगे आते हैं रक्तदाता
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने रक्तदान के महत्व पर विशेष रूप से चर्चा की। उन्होंने कहा कि अस्पतालों में इलाज करा रहे कई मरीजों को समय पर रक्त की आवश्यकता होती है।
ऐसे समय में रक्तदाता और रक्तवीर आगे आकर रक्तदान करते हैं। इससे जरूरतमंद मरीजों और उनके परिवारों को मुश्किल समय में सहायता मिल सकती है।
वक्ताओं ने रक्तदान को मानव सेवा से जोड़ते हुए लोगों को इसके प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया। संस्था की गतिविधियों को केवल रक्तदान तक सीमित नहीं बताया गया, बल्कि पीड़ित मानवता की सेवा और सामाजिक सहयोग को भी इसका हिस्सा बताया गया।
‘रक्तदान-महादान’ के संकल्प को आगे बढ़ाने पर जोर
आठवीं वर्षगांठ के अवसर पर जयमंगला वाहिनी परिवार के पदाधिकारियों ने रक्तवीरों, सदस्यों, सहयोगियों और शुभचिंतकों के प्रति आभार व्यक्त किया।
पदाधिकारियों ने कहा कि ‘रक्तदान-महादान’ के संकल्प के साथ संस्था आगे भी मानव सेवा से जुड़े कार्यों को जारी रखने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा कि रक्त की एक बूंद किसी जरूरतमंद व्यक्ति और उसके परिवार के लिए बड़ी उम्मीद बन सकती है। इसलिए स्वैच्छिक रक्तदान को लेकर जागरूकता बढ़ाना जरूरी है।
आठवीं वर्षगांठ पर दिखा सेवा और सहयोग का संदेश
जयमंगला वाहिनी परिवार की वर्षगांठ का आयोजन सामाजिक सेवा और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के मेल के रूप में सामने आया। एक ओर स्कूली बच्चों ने अपनी प्रस्तुतियों से लोगों का मनोरंजन किया, वहीं दूसरी ओर रक्तदान और मानव सेवा के महत्व पर चर्चा हुई।
कार्यक्रम में मौजूद सदस्यों और समर्थकों ने संस्था की आगे की गतिविधियों में सहयोग जारी रखने की बात कही। समारोह ने रक्तदान के साथ सामाजिक जिम्मेदारी और जरूरतमंदों की मदद के संदेश को भी सामने रखा।
समारोह की खास बातें
- जयमंगला वाहिनी परिवार की आठवीं वर्षगांठ मनाई गई।
- रक्तदाताओं, सदस्यों और समर्थकों में उत्साह दिखा।
- स्थानीय स्कूली बच्चों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए।
- सामाजिक कार्यकर्ता, बुद्धिजीवी और गणमान्य लोग समारोह में शामिल हुए।
- रक्तदान और पीड़ित मानवता की सेवा के महत्व पर चर्चा हुई।
- संस्था ने आगे भी मानव सेवा के कार्य जारी रखने का संकल्प दोहराया।
- ‘रक्तदान-महादान’ के संदेश को प्रमुखता से सामने रखा गया।

