बगहा में कलश यात्रा के दौरान बड़ा हादसा, करंट से 2 बच्चों की मौत
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बिहार के पश्चिम चंपारण जिले के बगहा में धार्मिक कलश यात्रा के दौरान दर्दनाक हादसा हो गया। यात्रा में शामिल दो 13 वर्षीय बच्चों की हाईटेंशन बिजली के तार की चपेट में आने से मौत हो गई, जबकि करीब 18 अन्य लोग घायल हो गए। बताया जा रहा है कि ट्रैक्टर-ट्रेलर पर सवार बच्चे झंडा लेकर जा रहे थे। इसी दौरान झंडा बिजली के तार के संपर्क में आ गया और कई बच्चे करंट की चपेट में आ गए। बगहा कलश यात्रा हादसा सामने आने के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और मृतक बच्चों के परिवारों में मातम छा गया।
कैसे हुआ बगहा में कलश यात्रा के दौरान हादसा?
जानकारी के मुताबिक, कलश यात्रा पश्चिम चंपारण जिले के भैरोगंज थाना क्षेत्र के सासाराम गांव से रामनगर थाना क्षेत्र के खटौरी गांव की ओर जा रही थी। यात्रा में बड़ी संख्या में लोग शामिल थे। कुछ बच्चे ट्रैक्टर-ट्रेलर पर सवार होकर झंडे लेकर चल रहे थे।
इसी दौरान झंडा सड़क के ऊपर से गुजर रहे हाईटेंशन विद्युत तार के संपर्क में आ गया। इसके बाद ट्रैक्टर-ट्रेलर पर मौजूद बच्चे करंट की चपेट में आ गए। हादसा अचानक हुआ, जिससे लोगों को संभलने का मौका नहीं मिला।
घटना के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। यात्रा में शामिल लोगों और स्थानीय ग्रामीणों ने घायलों की मदद की। सूचना मिलने पर प्रशासन और पुलिस की टीम भी मौके पर पहुंची।
हादसे में दो 13 वर्षीय बच्चों की मौत
इस दुर्घटना में जान गंवाने वाले दोनों बच्चे सासाराम गांव के रहने वाले थे। मृतकों की पहचान यशवंत बीन के 13 वर्षीय पुत्र सर्वेश कुमार और प्रभु कुमार के 13 वर्षीय पुत्र नीरज कुमार के रूप में हुई है।
दोनों बच्चों की मौत से उनके परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। गांव में शोक का माहौल है। जिन परिवारों के बच्चे धार्मिक यात्रा में शामिल होने निकले थे, उनके लिए यह घटना बेहद दर्दनाक साबित हुई।
हादसे में घायल बच्चों की उम्र लगभग 10 से 18 वर्ष के बीच बताई गई है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, घायलों में चंदन चौधरी, प्रिंस कुमार, सूरज कुमार, प्रियेश कुमार, पियुष कुमार और गोविन्द बीन समेत अन्य बच्चे शामिल हैं।
18 घायलों को अस्पताल में कराया गया भर्ती
हादसे के बाद घायलों को इलाज के लिए रामनगर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया। वहां डॉक्टरों ने उनका उपचार शुरू किया। घायलों में एक बच्चे की स्थिति गंभीर बताई गई, जिसके बाद उसे बेहतर इलाज के लिए बेतिया रेफर किया गया।
अन्य घायलों का भी इलाज जारी है। घटना में घायल लोगों की सही स्थिति और आगे के उपचार से जुड़ी जानकारी के लिए प्रशासन तथा स्वास्थ्य विभाग की ओर से मिलने वाले आधिकारिक अपडेट महत्वपूर्ण होंगे।
इस तरह की दुर्घटनाओं में करंट लगने के बाद घायल व्यक्ति की स्थिति तेजी से बिगड़ सकती है। ऐसे में प्रशिक्षित बिजलीकर्मियों या आपातकालीन सेवाओं की मदद लेना और सुरक्षित तरीके से बचाव करना जरूरी होता है।
मौके पर पहुंचे बगहा एसपी और विधायक
घटना की सूचना मिलने के बाद बगहा के पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार और बगहा विधायक राम सिंह मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने घटना की स्थिति का जायजा लिया। इस बीच पुलिस और स्थानीय प्रशासन की मौजूदगी में घायलों के इलाज पर ध्यान दिया गया।
बगहा एसपी राजेश कुमार ने बताया कि बिजली के तार की चपेट में आने से यह दुर्घटना हुई। उनके अनुसार, हादसे में करीब एक दर्जन लोग घायल हुए और दो बच्चों की मौत हो गई। शुरुआती जानकारी में घायलों की संख्या करीब 18 बताई गई है।
घटना के बाद पूरे इलाके में शोक व्याप्त है। ग्रामीणों और स्थानीय लोगों के बीच इस बात को लेकर चिंता है कि धार्मिक आयोजनों और जुलूसों के दौरान बिजली के तारों से सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जरूरी सावधानियां कैसे बरती जाएं।
धार्मिक यात्राओं में बिजली के तारों से सुरक्षा क्यों जरूरी?
बगहा की यह घटना सार्वजनिक और धार्मिक आयोजनों में सुरक्षा व्यवस्था की अहमियत को सामने लाती है। खासकर जब ट्रैक्टर-ट्रेलर या अन्य वाहनों पर झंडे, ध्वज और ऊंचे डंडे ले जाए जाते हैं, तब रास्ते में मौजूद बिजली के तार गंभीर खतरा पैदा कर सकते हैं।
ऐसी घटनाओं से बचने के लिए आयोजकों को यात्रा का मार्ग पहले से देखना चाहिए। रास्ते में कम ऊंचाई पर लटक रहे तारों और अन्य संभावित खतरों की पहचान करना जरूरी है।
सुरक्षा के लिए कुछ जरूरी सावधानियां:
ट्रैक्टर-ट्रेलर पर ऊंचे झंडे या लंबे डंडे ले जाने से पहले रास्ते की जांच करें।
हाईटेंशन तारों के नीचे से गुजरते समय विशेष सतर्कता बरतें।
बच्चों को चलती ट्रॉली या ट्रेलर पर खतरनाक तरीके से खड़ा न होने दें।
बिजली के तार से संपर्क होने पर वाहन या प्रभावित हिस्से को छूने से बचें और बिजली विभाग तथा आपातकालीन सेवाओं को सूचना दें।
किसी व्यक्ति को करंट लगने पर बिजली की सप्लाई सुरक्षित रूप से बंद होने से पहले सीधे हाथ न लगाएं।
बगहा हादसे के बाद गांव में मातम
पश्चिम चंपारण के बगहा में हुई इस दुर्घटना ने दो परिवारों को गहरा सदमा दिया है। धार्मिक यात्रा के दौरान हुए हादसे में दो बच्चों की जान चली गई और कई अन्य घायल हो गए। फिलहाल घायलों के इलाज पर ध्यान दिया जा रहा है।
यह घटना याद दिलाती है कि धार्मिक आयोजनों में श्रद्धा के साथ सुरक्षा का ध्यान रखना भी बेहद जरूरी है। खासकर बच्चों की भागीदारी वाले कार्यक्रमों में बिजली के तारों, वाहनों और भीड़ से जुड़े जोखिमों को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।
