अनंत सिंह के ‘वोट लूट’ वाले बयान से गरमाई बिहार की सियासत
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बिहार विधान परिषद चुनाव के बीच अनंत सिंह वोट लूट वाले बयान को लेकर सियासी विवाद तेज हो गया है। मोकामा से जेडीयू विधायक अनंत सिंह ने कहा कि उन्होंने नीतीश कुमार की राजनीतिक मदद हमेशा की और बाढ़-मोकामा क्षेत्र से उन्हें करीब तीन लाख वोट दिलाने में भूमिका निभाई। उनके बयान के बाद आरजेडी ने जेडीयू पर निशाना साधा है और रोहिणी आचार्या ने नीतीश कुमार से कई सवाल पूछे हैं। अनंत सिंह का यह बयान ऐसे समय आया है, जब पटना स्नातक सीट से जेडीयू उम्मीदवार नीरज कुमार के साथ उनकी तनातनी लगातार चर्चा में है। दोनों नेताओं के बीच पार्टी में योगदान और चुनावी समर्थन को लेकर बयानबाजी तेज हो गई है।
अनंत सिंह ने क्या कहा?
मीडिया से बातचीत में अनंत सिंह ने अपने राजनीतिक योगदान का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने नीतीश कुमार का लंबे समय तक साथ दिया। उन्होंने दावा किया कि बाढ़ और मोकामा इलाके से उन्होंने नीतीश कुमार के पक्ष में करीब तीन लाख वोट दिलाए। अनंत सिंह ने नीरज कुमार के उस सवाल का भी जवाब दिया, जिसमें उनके पार्टी में योगदान को लेकर सवाल उठाया गया था। उन्होंने कहा कि उन्होंने हर तरह से नीतीश कुमार की मदद की और इसके बदले कभी कोई पैसा नहीं लिया। उनके बयान में ‘लूट के वोट देने’ का जिक्र सामने आने के बाद राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया। विपक्ष ने इसी हिस्से को मुद्दा बनाकर जेडीयू और नीतीश कुमार को घेरना शुरू कर दिया है।
रोहिणी आचार्या ने नीतीश कुमार पर साधा निशाना
आरजेडी नेता रोहिणी आचार्या ने अनंत सिंह के बयान को लेकर जेडीयू पर हमला बोला। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर अनंत सिंह कैमरे के सामने वोट लूटने की बात कह रहे हैं, तो क्या नीतीश कुमार के चुनावी जीत के पीछे भी ऐसे ही तरीकों की भूमिका थी? रोहिणी ने इस बयान को जेडीयू की सुशासन और नैतिक राजनीति की छवि से जोड़ते हुए सवाल खड़े किए। उन्होंने नीतीश कुमार से सीधे जवाब देने की मांग की कि क्या उन्होंने कभी वोट लूट के जरिए चुनाव जीता था। हालांकि, अनंत सिंह के बयान को लेकर लगाए जा रहे राजनीतिक आरोपों और उनके वास्तविक अर्थ के बीच अंतर को समझना जरूरी है। बयान में इस्तेमाल शब्दों को लेकर अलग-अलग राजनीतिक व्याख्याएं सामने आ रही हैं।
‘9 मर्डर’ वाले बयान पर भी मचा था विवाद
अनंत सिंह इससे पहले शुक्रवार को दिए गए एक अन्य बयान को लेकर भी चर्चा में रहे। उन्होंने कहा था कि नीतीश कुमार के लिए उनके नौ लोग मारे गए थे। उनके इस बयान के बाद हत्या कराने को लेकर सवाल उठे। बाद में अनंत सिंह ने सफाई देते हुए कहा कि उन्होंने किसी की हत्या नहीं कराई। उनका कहना था कि उन्होंने अपने राजनीतिक संघर्ष और पुराने घटनाक्रम का जिक्र किया था। अनंत सिंह ने 2004 में अपने घर पर हुई एसटीएफ की कार्रवाई का उल्लेख करते हुए दावा किया कि उस दौरान उनके नौ लोग मारे गए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय उनके खिलाफ पुलिस कार्रवाई हुई थी। इस बयान पर भी राजनीतिक प्रतिक्रियाएं आईं। हालांकि, अनंत सिंह ने अपनी बात स्पष्ट करते हुए कहा कि उनके बयान का अर्थ किसी की हत्या कराने से नहीं था।
नीरज कुमार से क्यों भिड़े हैं अनंत सिंह?
पटना स्नातक सीट से जेडीयू उम्मीदवार नीरज कुमार और अनंत सिंह के बीच पिछले कुछ समय से राजनीतिक तनातनी दिखाई दे रही है। दोनों नेताओं के बयानों ने बिहार विधान परिषद चुनाव के माहौल को और गरमा दिया है। अनंत सिंह इस चुनाव में जेडीयू उम्मीदवार नीरज कुमार का समर्थन करने के बजाय जनसुराज के उम्मीदवार अनुज सिंह के पक्ष में खड़े नजर आ रहे हैं। उन्होंने अनुज सिंह के समर्थन में रोड शो और चुनाव प्रचार भी किया है। इस राजनीतिक समीकरण ने जेडीयू और एनडीए के भीतर भी चर्चा बढ़ा दी है। खास तौर पर तब, जब अनंत सिंह जेडीयू के विधायक हैं और खुले तौर पर पार्टी के उम्मीदवार के विरोध में दिखाई दे रहे हैं।
23 अक्टूबर को होगा मतदान
बिहार विधान परिषद की पटना स्नातक सीट समेत संबंधित चुनाव के लिए मतदान 23 अक्टूबर को होना है। चुनावी मैदान में उम्मीदवारों के साथ-साथ राजनीतिक दलों के नेताओं के बीच बयानबाजी भी तेज हो गई है। अनंत सिंह और नीरज कुमार के बीच चल रहा विवाद अब केवल दो नेताओं तक सीमित नहीं दिख रहा। इसने जेडीयू की चुनावी रणनीति और पार्टी के भीतर नेताओं के आपसी समीकरण को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं। आने वाले दिनों में इस विवाद पर जेडीयू और एनडीए नेतृत्व की प्रतिक्रिया महत्वपूर्ण हो सकती है। वहीं, आरजेडी समेत विपक्षी दल इस मुद्दे को चुनावी बहस में लगातार उठाने की कोशिश कर सकते हैं। फिलहाल, अनंत सिंह के ‘वोट लूट’ वाले बयान ने बिहार की सियासत में नया मुद्दा जरूर पैदा कर दिया है। अब नजर इस बात पर है कि जेडीयू नेतृत्व और नीतीश कुमार इस बयान पर क्या प्रतिक्रिया देते हैं और 23 अक्टूबर के मतदान से पहले इसका चुनावी असर कितना पड़ता है।