अनंत सिंह पर JDU एक्शन से क्यों बच रहा? श्रवण कुमार ने बताया राज
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👉 WhatsApp से जुड़ेंबिहार की राजनीति में अनंत सिंह विवाद एक बार फिर चर्चा में है। पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में JDU प्रत्याशी नीरज कुमार के खिलाफ अनंत सिंह के प्रचार के बाद अनंत सिंह विवाद ने पार्टी के सामने नई चुनौती खड़ी कर दी है। अनंत सिंह जन सुराज प्रत्याशी अनुज सिंह के समर्थन में खुलकर प्रचार कर रहे हैं, जबकि JDU की ओर से नीरज कुमार को चुनाव मैदान में उतारा गया है।
ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि पार्टी ने अब तक अनंत सिंह के खिलाफ कोई सार्वजनिक अनुशासनात्मक कार्रवाई क्यों नहीं की? JDU के विधायक दल के नेता और ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने इस सवाल पर पार्टी के भीतर चल रही प्रक्रिया को लेकर स्थिति स्पष्ट की है।
श्रवण कुमार ने एक्शन पर क्या कहा?
श्रवण कुमार के मुताबिक अनंत सिंह का मामला JDU के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा और केंद्रीय मंत्री ललन सिंह के स्तर पर देखा जा रहा है। उनका कहना है कि जब तक मामले में अंतिम फैसला नहीं हो जाता, तब तक इस पर स्पष्ट टिप्पणी करना उचित नहीं होगा।
इससे पहले संजय झा ने भी कहा था कि अनंत सिंह और नीरज कुमार के बीच मतभेद को सुलझाने की जिम्मेदारी ललन सिंह को दी गई है। पार्टी की ओर से इसे समाधान की प्रक्रिया के तौर पर बताया गया है।
यानी फिलहाल सार्वजनिक रूप से सामने आई जानकारी के अनुसार JDU ने तत्काल कार्रवाई की घोषणा करने के बजाय पहले विवाद को सुलझाने का रास्ता अपनाया है।
अनंत सिंह किसके पक्ष में प्रचार कर रहे हैं?
पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में JDU ने मौजूदा विधान परिषद सदस्य नीरज कुमार को अपना उम्मीदवार बनाया है। दूसरी ओर, जन सुराज ने अनुज सिंह को उम्मीदवार बनाया है और अनंत सिंह ने अनुज सिंह के समर्थन का ऐलान किया है।
अनंत सिंह अनुज सिंह के नामांकन के दौरान भी उनके साथ नजर आए और उनके पक्ष में चुनाव प्रचार करने की बात कही। इस घटनाक्रम के बाद JDU के भीतर यह मुद्दा और महत्वपूर्ण हो गया है कि पार्टी उम्मीदवार के खिलाफ सक्रिय प्रचार को किस रूप में देखा जाए।
पार्टी प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा ने भी कहा था कि अनंत सिंह जो कर रहे हैं, वह सही नहीं है, जबकि मामले को शीर्ष नेतृत्व द्वारा देखे जाने की बात कही गई।
निशांत कुमार ने नीरज के समर्थन में संभाला मोर्चा
अनंत सिंह के रुख के बीच नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार ने नीरज कुमार के समर्थन में पार्टी कार्यकर्ताओं से चुनाव प्रचार करने की अपील की।
उन्होंने नीरज कुमार को पार्टी का पुराना और समर्पित कार्यकर्ता बताते हुए उनके पक्ष में पूरी ताकत से काम करने का संदेश दिया। उन्होंने यह भी कहा कि एनडीए के घटक दल नीरज कुमार के साथ हैं।
हालांकि, अनंत सिंह के पार्टी प्रत्याशी के खिलाफ प्रचार करने को लेकर निशांत कुमार ने सार्वजनिक रूप से कोई विस्तृत टिप्पणी नहीं की।
इस बीच नीतीश कुमार ने भी नीरज कुमार से मुलाकात की और चुनाव को लेकर चर्चा की। रिपोर्ट के मुताबिक उन्होंने नीरज को चुनाव के लिए शुभकामनाएं दीं।
ललन सिंह को जिम्मेदारी, फिर क्या हुआ?
अनंत सिंह और नीरज कुमार के बीच विवाद को देखते हुए JDU ने ललन सिंह को दोनों पक्षों के बीच बातचीत कराने की जिम्मेदारी दी थी।
हालांकि, इसके बाद ललन सिंह ने सार्वजनिक रूप से कहा कि वह किसी के झगड़े में नहीं पड़ते। उन्होंने संकेत दिया कि यदि दोनों पक्ष तैयार हों तो वह समझौते की कोशिश कर सकते हैं।
इस बयान के बाद यह सवाल और चर्चा में आ गया कि विवाद का अंतिम समाधान किस स्तर पर होगा और पार्टी नेतृत्व आगे क्या कदम उठाएगा।
क्या JDU के लिए यह अनुशासन का सवाल है?
JDU में पार्टी लाइन के खिलाफ गतिविधियों को लेकर पहले भी कार्रवाई होती रही है। ऐसे में अनंत सिंह का पार्टी उम्मीदवार के विरोध में प्रचार करना राजनीतिक रूप से संवेदनशील मुद्दा माना जा रहा है।
हालांकि, इस मामले में पार्टी ने अभी तक सार्वजनिक रूप से कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई घोषित नहीं की है। उपलब्ध बयानों से इतना स्पष्ट है कि नेतृत्व पहले विवाद को बातचीत और मध्यस्थता के जरिए सुलझाने की कोशिश कर रहा है।
राजनीतिक विशेषज्ञ प्रिय रंजन भारती ने इसे पार्टी के लिए चुनौती बताते हुए कहा कि अनंत सिंह की राजनीतिक पकड़ को देखते हुए कार्रवाई को लेकर सावधानी बरती जा सकती है। उनके अनुसार, कार्रवाई नहीं होने से पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच अनुशासन को लेकर अलग संदेश भी जा सकता है। यह उनका राजनीतिक विश्लेषण है, JDU की आधिकारिक वजह नहीं।
बिहार MLC चुनाव में 8 सीटों पर मुकाबला
बिहार विधान परिषद की आठ सीटों के लिए चुनाव 23 अक्टूबर 2026 को होना है। इनमें चार स्नातक और चार शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं। मतगणना 27 अक्टूबर को होगी।
पटना स्नातक सीट पर JDU के नीरज कुमार और जन सुराज के अनुज सिंह के बीच मुकाबला खास तौर पर चर्चा में है। इसी सीट पर अनंत सिंह का रुख JDU के लिए राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण बन गया है।
JDU इन परिषद चुनावों में चार सीटों पर उम्मीदवार उतार रहा है। ऐसे में पार्टी नेतृत्व के सामने एक तरफ अपने उम्मीदवारों के पक्ष में चुनावी अभियान को मजबूत करने की चुनौती है, तो दूसरी तरफ अनंत सिंह प्रकरण को संभालने का सवाल भी बना हुआ है।
अब सबकी नजर JDU के अगले फैसले पर
फिलहाल श्रवण कुमार के बयान से यही संकेत मिलता है कि अनंत सिंह के मामले में अंतिम निर्णय शीर्ष स्तर पर होना है। पार्टी ने विवाद को सुलझाने की जिम्मेदारी वरिष्ठ नेताओं को दी है और सार्वजनिक कार्रवाई पर अभी कोई अंतिम घोषणा नहीं हुई है।
अब देखना यह होगा कि चुनाव से पहले JDU और अनंत सिंह के बीच मतभेद किस दिशा में जाता है और पार्टी नेतृत्व इस मामले में क्या औपचारिक फैसला करता है।
