राघोपुर नाव हादसे में 13 बच्चों की मौत, CO और SHO के वेतन पर रोक
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👉 WhatsApp से जुड़ेंबिहार के वैशाली जिले में राघोपुर नाव हादसे ने कई परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया है। 13 अक्टूबर 2026 की रात रामपुर श्यामचंद के भगतान टोला के पास बरसाती नदी में नाव डूबने से 13 बच्चों की मौत हो गई। राघोपुर नाव हादसे के बाद जिला प्रशासन ने कार्रवाई शुरू कर दी है। वैशाली की जिलाधिकारी वर्षा सिंह ने राघोपुर के अंचलाधिकारी (CO) और थानाध्यक्ष (SHO) के वेतन भुगतान पर अगले आदेश तक रोक लगा दी है। दोनों अधिकारियों से स्पष्टीकरण भी मांगा गया है।
राघोपुर नाव हादसे के बाद CO और SHO पर कार्रवाई
नाव दुर्घटना के बाद वैशाली जिला प्रशासन ने संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की प्रक्रिया शुरू की है। जिलाधिकारी वर्षा सिंह के निर्देश पर राघोपुर के अंचलाधिकारी और थानाध्यक्ष से जवाब मांगा गया है। उनके वेतन भुगतान पर भी अगले आदेश तक रोक लगाने का निर्देश दिया गया है।
डीएम के अनुसार, अंचलाधिकारी और थानाध्यक्ष की जिम्मेदारी है कि वे अपने स्तर से निगरानी करें और ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए जरूरी कदम उठाएं। उन्होंने बताया कि हादसे के बाद प्रशासन ने रात भर घटनास्थल पर रहकर स्थिति की निगरानी की।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि जांच में जो भी अधिकारी या व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, वेतन पर रोक लगना अंतिम दोष सिद्ध होने के बराबर नहीं है। मामले में आगे की कार्रवाई जांच और स्पष्टीकरण के आधार पर होगी।
ग्रामीणों ने पहले भी नाव की हालत पर जताई थी चिंता
ग्रामीणों का आरोप है कि दुर्घटना से पहले नाव की खराब हालत को लेकर प्रशासन से शिकायत की गई थी। ग्रामीण रवि कुमार के मुताबिक, कुछ दिन पहले गांव के लोग अंचलाधिकारी से मिलने पहुंचे थे। उन्होंने नाव में दरार होने की बात बताकर उसे बदलने की मांग की थी।
ग्रामीणों का दावा है कि उनकी शिकायत पर समय रहते कदम नहीं उठाया गया। उनका आरोप है कि अगर नाव की मरम्मत या नई नाव की व्यवस्था हो जाती, तो इस तरह की दुर्घटना टाली जा सकती थी।
फिलहाल ये आरोप जांच का विषय हैं। प्रशासन की जांच में यह पता लगाना जरूरी होगा कि नाव की स्थिति कैसी थी, उसकी क्षमता कितनी थी और क्या दुर्घटना से पहले संबंधित अधिकारियों तक कोई औपचारिक शिकायत पहुंची थी।
कैसे डूबी नाव, क्या है हादसे की वजह?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, 13 अक्टूबर की रात करीब 8:30 बजे रामपुर श्यामचंद के भगतान टोला के कुछ ग्रामीण और बच्चे बरसाती नदी पार करके एक मृत्यु भोज में शामिल होने जा रहे थे। इसी दौरान नाव बीच नदी में डूब गई।
बताया गया है कि नाव पर लगभग 20 से 25 बच्चे सवार थे। क्षमता से अधिक लोगों के सवार होने और नाव की कथित खराब स्थिति को दुर्घटना से जुड़े संभावित कारणों के रूप में बताया जा रहा है। हालांकि, हादसे के सभी कारणों की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
इस दुर्घटना में 6 लोगों को सुरक्षित बचाया गया। इनमें चार बच्चे और दो वयस्क शामिल हैं। उन्हें बेहतर इलाज के लिए पटना के एनएमसीएच भेजा गया, जहां उनका उपचार जारी होने की जानकारी जिला प्रशासन ने दी।
हादसे की सूचना मिलते ही प्रशासन सक्रिय हुआ। घटनास्थल पर एसडीआरएफ की टीम ने बचाव अभियान चलाया। दुर्घटना में जान गंवाने वाले बच्चों की उम्र 6 से 16 वर्ष के बीच बताई गई है।
मृतकों के परिवारों को कितनी आर्थिक सहायता मिलेगी?
जिला प्रशासन ने मृतकों के आश्रित परिवारों को तत्काल आर्थिक सहायता देने की जानकारी दी है। उपलब्ध सूचना के अनुसार, अलग-अलग योजनाओं के तहत सहायता राशि इस प्रकार है:
आपदा अनुग्रह अनुदान: प्रत्येक मृतक के परिवार को 4 लाख रुपये।
कबीर अंत्येष्टि योजना: प्रत्येक मृतक के परिवार को 3,000 रुपये।
मुख्यमंत्री पारिवारिक लाभ योजना: प्रत्येक मृतक के अभिभावक को 20,000 रुपये।
इसके अतिरिक्त, प्रधानमंत्री की ओर से प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से प्रत्येक मृतक के परिजनों को 2 लाख रुपये देने की घोषणा की गई है। हादसे में घायल होकर इलाज करा रहे प्रत्येक व्यक्ति को 50,000 रुपये की सहायता देने की भी घोषणा की गई है।
इन योजनाओं के तहत सहायता की पात्रता, भुगतान की प्रक्रिया और राशि जारी होने की स्थिति की पुष्टि संबंधित प्रशासनिक कार्यालय से की जा सकती है।
चिराग पासवान ने की दोषियों पर कार्रवाई की मांग
हाजीपुर के सांसद और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने राघोपुर पहुंचकर पीड़ित परिवारों से मुलाकात की और सहायता का भरोसा दिया। उन्होंने कहा कि यदि ग्रामीणों ने पहले नाव की मांग की थी और इसके बावजूद व्यवस्था नहीं हुई, तो यह गंभीर लापरवाही का मामला हो सकता है।
चिराग पासवान ने बताया कि वह मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मिलकर मामले में कार्रवाई की मांग करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि जांच में जो दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कदम उठाया जाना चाहिए।
राघोपुर से विधायक और बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने भी घटना पर दुख जताया। उन्होंने शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और दिवंगत बच्चों की आत्मा की शांति की कामना की।
नाव हादसे ने उठाए सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
राघोपुर की यह दुर्घटना नदी पार करने वाले ग्रामीणों की सुरक्षा और नावों की नियमित जांच जैसे मुद्दों को सामने लाती है। बरसाती नदियों के आसपास रहने वाले लोगों के लिए सुरक्षित नाव, निर्धारित क्षमता का पालन, जरूरी बचाव उपकरण और समय पर प्रशासनिक निगरानी बेहद महत्वपूर्ण हैं।
जांच में यह स्पष्ट होना बाकी है कि नाव की वास्तविक स्थिति क्या थी, उस पर कितने लोग सवार थे और दुर्घटना से पहले शिकायत मिलने के बावजूद कोई कदम उठाया गया था या नहीं। प्रशासन ने संबंधित अधिकारियों से जवाब मांगकर कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
