‘डबल इंजन’ में लगी आग! पीएम मोदी-सीएम सम्राट पर तेजस्वी का हमला
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नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने बिहार में बाढ़ की स्थिति को लेकर केंद्र सरकार पर बड़ा हमला बोला है। तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि बिहार में बाढ़ की गंभीर स्थिति के बावजूद केंद्र से राज्य को कोई विशेष राहत पैकेज नहीं मिला। उन्होंने कहा कि बिहार के लोगों के साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है। रविवार को पोलो रोड स्थित आवास पर आयोजित प्रेसवार्ता में तेजस्वी यादव ने कहा कि बिहार में करीब 45 लाख लोग बाढ़ की त्रासदी से प्रभावित हैं। इसके बावजूद केंद्र और राज्य सरकार की ओर से अपेक्षित मदद नहीं मिली।
गुजरात से बिहार की तुलना कर केंद्र पर साधा निशाना
तेजस्वी यादव ने गुजरात का जिक्र करते हुए केंद्र सरकार पर भेदभाव का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि गुजरात में पानी जमा होने या बाढ़ जैसी स्थिति बनने पर राहत और बचाव के लिए बड़े स्तर पर कदम उठाए जाते हैं। तेजस्वी के मुताबिक, गुजरात में रेस्क्यू फोर्स से लेकर सेना तक की मदद पहुंचाई जाती है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद स्थिति का जायजा लेने सक्रिय होते हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि जब बिहार में बड़ी संख्या में लोग बाढ़ से प्रभावित हैं, तब राज्य को विशेष पैकेज क्यों नहीं दिया जा रहा है।
‘डबल इंजन सरकार के दोनों इंजन में आग लगी’
तेजस्वी यादव ने बिहार की डबल इंजन सरकार पर भी तीखा तंज कसा। उन्होंने कहा कि राज्य में बीजेपी और जेडीयू के कई सांसद और केंद्रीय मंत्री हैं, लेकिन इसके बावजूद बिहार को बाढ़ के लिए कोई बड़ा राहत पैकेज नहीं मिल सका। उन्होंने कहा कि बिहार का खजाना खाली है और बाढ़ की समस्या का अभी तक स्थायी समाधान नहीं किया गया है। तेजस्वी ने तंज कसते हुए कहा कि बिहार में डबल इंजन की सरकार जरूर है, लेकिन दोनों इंजन में आग लगी हुई है। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी केंद्र से बात कर रहे हैं या केंद्र की ओर से उनसे बात ही नहीं हो रही।
पीएम-सीएम को पत्र लिखकर की थी राष्ट्रीय आपदा की मांग
तेजस्वी यादव ने कहा कि बिहार में बाढ़ की गंभीर स्थिति को देखते हुए प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर इसे राष्ट्रीय आपदा घोषित करने की मांग की गई थी। उन्होंने कहा कि बिहार के बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए विशेष पैकेज की मांग भी रखी गई, लेकिन अब तक इस पर कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिला है। तेजस्वी ने आरोप लगाया कि बिहार में हर साल बाढ़ आती है, लेकिन इसका स्थायी समाधान करने के बजाय चुनाव के समय लोगों को आर्थिक सहायता देकर राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश होती है।
‘बाढ़ की त्रासदी में कोई राहत पैकेज नहीं दिला सके’
नेता प्रतिपक्ष ने बिहार के बीजेपी और जेडीयू सांसदों तथा मंत्रियों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि केंद्र में बिहार का प्रतिनिधित्व करने वाले इतने नेता होने के बावजूद राज्य के लिए कोई विशेष राहत पैकेज नहीं आ सका। तेजस्वी ने पिछली यूपीए सरकार का उदाहरण देते हुए कहा कि उस समय लालू प्रसाद यादव केंद्र में मंत्री थे और नीतीश कुमार की सरकार के लिए बड़ा पैकेज दिलाया गया था। उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में बिहार की जनता बाढ़ से परेशान है और उसे केंद्र से तत्काल मदद की जरूरत है।
अमित शाह के पुराने बयान का भी किया जिक्र
तेजस्वी यादव ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के चुनावी भाषण का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने बिहार में बाढ़ रोकने की बात कही थी। तेजस्वी ने कटाक्ष किया कि अब बाढ़ आने के बाद अमित शाह दिखाई नहीं दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि बिहार की बाढ़ प्रभावित जनता उन्हें खोज रही है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बीजेपी शासित राज्यों के मुख्यमंत्री आपदा के समय बिहार की मदद करने नहीं आए, लेकिन चुनाव के दौरान वोट मांगने जरूर पहुंचते हैं।
‘बिहार के लोगों को चुनाव के समय ही याद करते हैं’
तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि सरकार बिहार के लोगों को चुनाव के समय ज्यादा महत्व देती है। उन्होंने कहा कि चुनाव से पहले लोगों को आर्थिक सहायता देने और घोषणाएं करने की कोशिश होती है, लेकिन बाढ़ जैसी आपदा के समय स्थायी समाधान पर ध्यान नहीं दिया जाता। उन्होंने कहा कि यदि प्रधानमंत्री बिहार की बाढ़ प्रभावित जनता को नजरअंदाज करेंगे, तो जनता भी उन्हें नजरअंदाज कर सकती है। हालांकि, ये सभी दावे तेजस्वी यादव की प्रेसवार्ता में लगाए गए राजनीतिक आरोप हैं। केंद्र और राज्य सरकार की ओर से इन आरोपों पर प्रतिक्रिया इस इनपुट में उपलब्ध नहीं है।