सत्य निकेतन हादसे में बड़ा एक्शन, इमारत मालिक हरिराम बंसल गिरफ्तार

📌 पटना और बिहार के सभी ज़िलों की ताज़ा ख़बरें सीधे अपने मोबाइल पर पाएं!

👉 WhatsApp से जुड़ें


 

दिल्ली के सत्य निकेतन में इमारत गिरने के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। सत्य निकेतन हादसा मामले में इमारत के मालिक हरिराम बंसल को राजस्थान के भिवाड़ी से गिरफ्तार किया गया है। सत्य निकेतन हादसा रविवार दोपहर हुआ था, जिसमें कई लोगों की जान गई और कई घायल हुए। हादसे के बाद से इमारत मालिक का कोई पता नहीं चल रहा था। पुलिस ने लुक-आउट नोटिस जारी करने के साथ उसकी तलाश के लिए 10 टीमें लगाई थीं।

पुलिस के अनुसार, अब आरोपी को भिवाड़ी से पकड़ लिया गया है और उससे पूछताछ के आधार पर मामले की आगे जांच की जा रही है।

हादसे के बाद से फरार था इमारत का मालिक

सत्य निकेतन इलाके में रविवार दोपहर बहुमंजिला इमारत अचानक ढह गई थी। घटना के समय इमारत में कई छात्र रह रहे थे।

हादसे के बाद राहत और बचाव एजेंसियों ने बड़े स्तर पर अभियान शुरू किया। इसी दौरान पुलिस ने इमारत के मालिक हरिराम बंसल और अन्य संबंधित लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया।

घटना के बाद हरिराम बंसल का कोई पता नहीं चल रहा था। उसकी तलाश में दिल्ली पुलिस ने कई टीमें गठित कीं और लुक-आउट नोटिस भी जारी किया।

लगातार तलाश के बाद पुलिस ने उसे राजस्थान के भिवाड़ी से गिरफ्तार कर लिया। अब पुलिस हादसे के कारणों और कथित लापरवाही से जुड़े पहलुओं की जांच करेगी।

'हॉस्टल डेज' नाम से चल रहा था छात्रों का पीजी

जानकारी के अनुसार, हादसे वाली करीब 40 से 50 साल पुरानी इमारत को छात्रों के रहने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था।

इमारत में एक बेसमेंट और उसके ऊपर पांच मंजिलें थीं। यहां 'हॉस्टल डेज' नाम से लड़कों का पीजी संचालित होने की जानकारी सामने आई है।

घटना के समय बड़ी संख्या में छात्र वहां मौजूद थे। बताया गया है कि इमारत में करीब 40 कमरे थे, जिनमें छात्र ठहरते थे। इनमें कई छात्र दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस में पढ़ाई करते थे।

इमारत गिरने के बाद मलबे में लोगों के दबे होने की आशंका को देखते हुए राहत एवं बचाव अभियान लंबे समय तक चलता रहा।

बेसमेंट में चल रहा था मरम्मत का काम

अधिकारियों के मुताबिक, जिस समय इमारत गिरी, उस दौरान बेसमेंट में मरम्मत का काम चल रहा था।

प्रारंभिक जांच में मरम्मत कार्य और इमारत की स्थिति से जुड़े कई पहलुओं की जांच की जा रही है। अधिकारियों ने भारी बारिश को भी संभावित कारणों में शामिल किया था।

हालांकि, इमारत गिरने की वास्तविक वजह क्या थी, इसका अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।

पुलिस और प्रशासनिक एजेंसियां हादसे से पहले इमारत में चल रहे निर्माण या मरम्मत कार्य, सुरक्षा मानकों और अन्य परिस्थितियों की जानकारी जुटा रही हैं।

राहत-बचाव में कई एजेंसियां जुटीं

इमारत गिरने के बाद दिल्ली पुलिस, एनडीआरएफ, दिल्ली फायर सर्विस और डीडीआरएफ की टीमें मौके पर पहुंचीं।

रातभर चले अभियान में मलबे को हटाने और उसमें फंसे लोगों की तलाश का काम जारी रहा। अधिकारियों के अनुसार, कई लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया, जबकि कुछ लोगों की मौत की पुष्टि हुई।

शुरुआती रिपोर्टों में मृतकों की संख्या छह बताई गई थी, जबकि बाद के अपडेट में यह संख्या बढ़कर सात होने की जानकारी सामने आई। घायलों का इलाज जारी रहा और मलबे में लोगों के फंसे होने की आशंका के कारण अभियान लगातार चलाया गया।

इस घटना ने दिल्ली में पुराने भवनों की सुरक्षा और उनमें चल रहे पीजी व अन्य व्यावसायिक इस्तेमाल को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं।

एमसीडी के पांच अधिकारियों पर भी कार्रवाई

हादसे के बाद दिल्ली सरकार ने लापरवाही के आरोपों को लेकर नगर निगम के पांच अधिकारियों को निलंबित कर दिया।

निलंबित अधिकारियों में डिप्टी कमिश्नर राकेश कुमार, सुपरिटेंडिंग इंजीनियर रणवीर सिंह, एग्जीक्यूटिव इंजीनियर ललित कुमार गोयल, असिस्टेंट इंजीनियर सुनील चौहान और जूनियर इंजीनियर आशीष कुमार शामिल हैं।

सरकार ने इन अधिकारियों के खिलाफ तत्काल प्रभाव से कार्रवाई का आदेश दिया है। यह कदम इमारत की निगरानी और संबंधित प्रशासनिक जिम्मेदारियों में संभावित चूक की जांच के बीच उठाया गया।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भी कहा था कि जांच में जो अधिकारी लापरवाही या चूक के लिए जिम्मेदार पाए जाएंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने किया घटनास्थल का दौरा

हादसे के बाद मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और राहत एवं बचाव अभियान की जानकारी ली।

उन्होंने अधिकारियों से मलबे में फंसे लोगों की तलाश, घायलों के उपचार और राहत कार्य की स्थिति के बारे में जानकारी हासिल की।

मुख्यमंत्री ने घटना की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश भी दिए। जांच का उद्देश्य इमारत गिरने के कारणों के साथ-साथ संभावित प्रशासनिक लापरवाही की पड़ताल करना है।

प्रशासन को यह भी पता लगाना है कि पुरानी इमारत में किस तरह का काम चल रहा था और सुरक्षा से जुड़े नियमों का पालन हुआ था या नहीं।

पुलिस जांच से सामने आएंगे कई अहम सवालों के जवाब

हरिराम बंसल की गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस की जांच और महत्वपूर्ण हो गई है। पूछताछ में इमारत की स्थिति, मरम्मत कार्य, पीजी संचालन और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े सवालों के जवाब तलाशे जा सकते हैं।

मामले में दर्ज एफआईआर के आधार पर पुलिस अन्य जिम्मेदार लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है। वहीं, प्रशासनिक स्तर पर मजिस्ट्रेट जांच के जरिए हादसे के कारणों और संभावित चूक का पता लगाया जाएगा।

फिलहाल राहत-बचाव अभियान के बाद जांच एजेंसियों का ध्यान घटना की पूरी कड़ी जोड़ने पर है। पुलिस कार्रवाई और जांच रिपोर्ट के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि इमारत गिरने के लिए कौन-कौन से कारण जिम्मेदार थे और किसकी भूमिका सामने आती है।

🛍️ ऑनलाइन शॉपिंग करें
Amazon, Flipkart, Myntra और AJIO पर खरीदारी करें
यहाँ से खरीदारी करने पे एक्स्ट्रा डिस्काउंट मिल सकता है।
Next Post Previous Post
"ताज़ा ख़बरें पाएं"
1