Samastipur BRC: शिक्षकों के काम के लिए ‘रेट’ का आरोप, जांच के आदेश
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👉 WhatsApp से जुड़ेंSamastipur BRC में शिक्षकों के विभिन्न कामों को लेकर कथित अनियमितताओं और अवैध वसूली के आरोपों के बाद जांच शुरू हो गई है। Samastipur BRC को लेकर बिहार पंचायत-नगर प्रारंभिक शिक्षक संघ ने जिला शिक्षा पदाधिकारी के सामने शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में सर्विस बुक पर हस्ताक्षर, एचआरए में सुधार, एरियर भुगतान और अलग-अलग तरह के अवकाश से जुड़े कार्यों में कथित तौर पर राशि मांगने के आरोप लगाए गए हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है और जांच पूरी होने के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी।
शिकायत के बाद जिला शिक्षा पदाधिकारी कामेश्वर प्रसाद गुप्ता ने मामले की बिंदुवार जांच कर रिपोर्ट मांगी है। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार जांच की जिम्मेदारी जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, स्थापना जमालुद्दीन को दी गई है।
किन-किन कामों में कथित ‘रेट’ तय करने का आरोप?
बिहार पंचायत-नगर प्रारंभिक शिक्षक संघ के प्रखंड अध्यक्ष हरिमोहन चौधरी की ओर से दिए गए आवेदन में बीआरसी की कार्यप्रणाली को लेकर कई सवाल उठाए गए हैं।
शिकायत में आरोप है कि शिक्षकों के अलग-अलग सेवा संबंधी कार्यों के लिए कथित तौर पर अलग-अलग राशि की मांग की जाती थी। इसमें सर्विस बुक पर हस्ताक्षर, एचआरए में सुधार और एरियर या अंतर वेतन के भुगतान जैसे मामले शामिल बताए गए हैं।
इसके अलावा मातृत्व अवकाश, चाइल्ड केयर लीव और लीव विदाउट पे जैसे अवकाश संबंधी मामलों में भी कथित वसूली का आरोप लगाया गया है।
यहां यह स्पष्ट करना जरूरी है कि ये बातें शिक्षक संघ की शिकायत में लगाए गए आरोप हैं। जांच पूरी होने से पहले इन्हें प्रमाणित तथ्य के रूप में नहीं माना जा सकता।
सर्विस बुक के हस्ताक्षर को लेकर भी शिकायत
शिक्षक संघ ने सर्विस बुक के संधारण और हस्ताक्षर की प्रक्रिया को लेकर भी शिकायत की है।
आवेदन के अनुसार, कुछ महीने पहले शिक्षकों की सर्विस बुक पर हस्ताक्षर के लिए कैंप आयोजित करने की बात कही गई थी। संघ का आरोप है कि इसके बावजूद कई शिक्षकों की सर्विस बुक पर अब तक हस्ताक्षर नहीं हो सका है।
शिकायत में यह भी कहा गया है कि कई सर्विस बुक बीआरसी में ही रखी हुई हैं। संघ का आरोप है कि कुछ मामलों को कथित तौर पर लंबित रखा जाता है और काम कराने के लिए शिक्षकों पर राशि देने का दबाव बनाया जाता है।
जांच के दौरान यह भी देखा जा सकता है कि सर्विस बुक से जुड़े कार्य कितने लंबित हैं, उनके निपटारे की प्रक्रिया क्या रही और देरी के प्रशासनिक कारण क्या हैं।
प्रतिनियुक्त शिक्षकों की भूमिका पर भी सवाल
संघ ने बीआरसी में प्रतिनियुक्त कुछ शिक्षकों की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि कुछ शिक्षक लंबे समय से बीआरसी में प्रतिनियुक्त हैं और शिक्षकों से संबंधित कामकाज में उनकी भूमिका है।
शिकायत में प्राथमिक विद्यालय मधुबन चौक, खानपुर के प्रधान शिक्षक यशवंत भारती का भी नाम लिया गया है। संघ ने उनकी कथित भूमिका और शिक्षकों के साथ व्यवहार की जांच कराने की मांग की है।
संघ ने आरोप लगाया है कि कुछ प्रतिनियुक्त शिक्षक लेन-देन से जुड़े मामलों में शिक्षकों पर दबाव डालते हैं। इन आरोपों की पुष्टि भी जांच के बाद ही हो सकेगी।
भुगतान और एचआरए मामलों की भी होगी जांच
शिकायत में केवल अवकाश और सर्विस बुक तक मामला सीमित नहीं है। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार संघ ने भुगतान प्रक्रिया, अंतर वेतन के लंबित भुगतान और शिक्षकों के आवास भत्ता यानी एचआरए से जुड़े मामलों की भी जांच की मांग की है।
संघ ने कथित रूप से चयनात्मक तरीके से भुगतान किए जाने यानी ‘पिक एंड चूज’ जैसी प्रक्रिया अपनाने के आरोपों की भी जांच कराने की मांग की है।
इसके अलावा कुछ अन्य कर्मियों और शिक्षकों की बीआरसी में भूमिका तथा शिक्षकों के साथ व्यवहार से संबंधित शिकायतों को भी जांच के दायरे में लाने की मांग की गई है।
डीईओ ने मांगी बिंदुवार जांच रिपोर्ट
शिकायत मिलने के बाद जिला शिक्षा पदाधिकारी कामेश्वर प्रसाद गुप्ता ने मामले को जांच के लिए आगे बढ़ाया है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार डीईओ ने बिंदुवार जांच कर रिपोर्ट जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, स्थापना जमालुद्दीन से मांगी है।
इसका मतलब यह है कि फिलहाल प्रशासनिक स्तर पर आरोपों की जांच की प्रक्रिया चल रही है। जांच में दस्तावेज, भुगतान से जुड़े रिकॉर्ड, सेवा पुस्तिका, प्रतिनियुक्ति और संबंधित कार्यों की प्रक्रिया जैसे पहलुओं की पड़ताल महत्वपूर्ण हो सकती है।
यदि जांच में किसी प्रकार की अनियमितता प्रमाणित होती है, तो संबंधित कर्मियों के खिलाफ विभागीय स्तर पर कार्रवाई का रास्ता खुल सकता है। वहीं आरोप प्रमाणित नहीं होने पर स्थिति भी जांच रिपोर्ट के आधार पर स्पष्ट होगी।
शिक्षकों ने डीएम के पास भी पहुंचाई शिकायत
मामले को लेकर कुछ शिक्षकों की ओर से जिलाधिकारी रोशन कुशवाहा को भी आवेदन दिए जाने की जानकारी सामने आई है। इससे बीआरसी की कार्यप्रणाली को लेकर शिक्षकों के बीच चर्चा तेज हुई है।
यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब जिले में शिक्षकों की सेवा और वेतन संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए पहले भी विशेष कैंप आयोजित किए जा चुके हैं। जनवरी 2026 में समस्तीपुर में सेवा एवं वेतन संबंधी समस्याओं, बकाया, अंतर वेतन, अवकाश, एचआरएमएस और एचआरए विसंगतियों के समाधान के लिए विशेष कैंप की जानकारी दी गई थी।
अब बीआरसी से जुड़ी नई शिकायत के बाद जांच रिपोर्ट पर शिक्षकों की नजर है। रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है और विभाग आगे क्या कार्रवाई करता है।
