राशन कार्ड में नए बच्चे का नाम जोड़ने के लिए प्रपत्र 'ख' कैसे भरें?
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👉 WhatsApp से जुड़ेंघर में नए बच्चे का जन्म खुशियां तो लाता है, लेकिन सरकारी कागजातों में उसका नाम दर्ज कराना भी एक बड़ी जिम्मेदारी है। पटना और बिहार के सभी जिलों के लोगों के लिए राशन कार्ड सिर्फ अनाज लेने का जरिया नहीं, बल्कि एक बेहद अहम पहचान पत्र भी है। जब परिवार में किसी नए सदस्य की एंट्री होती है, तो उसका नाम राशन कार्ड में जुड़वाना जरूरी हो जाता है ताकि उसके हिस्से का राशन भी सरकार से मिल सके। इस काम के लिए खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग, बिहार सरकार ने प्रपत्र 'ख' (Form Kha) तय किया है।
प्रपत्र 'ख' (Form Kha) क्या है?
जब भी आपको अपने मौजूदा राशन कार्ड में कोई भी बदलाव करना होता है—चाहे किसी का नाम हटाना हो, पता बदलना हो, या नए बच्चे का नाम जोड़ना हो—तो इसके लिए प्रपत्र 'ख' भरा जाता है। नया राशन कार्ड बनवाने के लिए प्रपत्र 'क' लगता है, लेकिन नाम जोड़ने का सारा काम प्रपत्र 'ख' से ही होता है।
प्रपत्र 'ख' के साथ लगने वाले जरूरी डॉक्यूमेंट्स (Documents)
फॉर्म भरने से पहले आपके पास सारे कागजात तैयार होने चाहिए, वर्ना आरटीपीएस (RTPS) काउंटर से फाइल वापस कर दी जाएगी। अपने पास ये सारे डॉक्यूमेंट्स जरूर रख लें:
आवेदक का आधार कार्ड: परिवार के मुखिया (जिसके नाम से राशन कार्ड है) के आधार कार्ड की फोटोकॉपी।
राशन कार्ड की कॉपी: आपके पुराने राशन कार्ड के पहले और आखिरी पन्ने की साफ फोटोकॉपी।
बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र (Birth Certificate): ब्लॉक या पंचायत से बना हुआ ऑरिजिनल जन्म प्रमाण पत्र की कॉपी।
बच्चे का आधार कार्ड (Bal Aadhar): आजकल बिना आधार के नाम नहीं जुड़ता है, इसलिए बच्चे का आधार कार्ड (बाल आधार) बनवाना अनिवार्य है।
पासपोर्ट साइज फोटो: पूरे परिवार की एक ग्रुप फोटो (Family Photo) जिसमें बच्चा भी शामिल हो।
बैंक पासबुक: मुखिया के बैंक पासबुक के पहले पन्ने की फोटोकॉपी (जिसमें अकाउंट नंबर और IFSC कोड साफ दिखे)।
आवासीय प्रमाण पत्र: पटना और बिहार के सभी जिलों के नियम के अनुसार, आपको मुखिया का हाल का बना हुआ आवासीय (Residence) प्रमाण पत्र देना होगा।
प्रपत्र 'ख' कैसे भरें? (Step-by-Step Guide)
प्रपत्र 'ख' को भरते समय बहुत सावधानी बरतनी होती है। फॉर्म में कोई भी ओवरराइटिंग या कट-फट न करें। फॉर्म को हिंदी में और साफ-साफ अक्षरों में भरें।
आवेदक का नाम और पता: फॉर्म के सबसे ऊपर परिवार के मुखिया (आमतौर पर महिला) का नाम लिखें। उसके बाद पूरा पता लिखें—वार्ड नंबर, गांव/मोहल्ला, पंचायत, ब्लॉक और जिले का नाम स्पष्ट रूप से दर्ज करें।
मौजूदा राशन कार्ड का विवरण: इसमें आपको अपना वर्तमान राशन कार्ड नंबर (Ration Card Number) भरना है। साथ ही जन वितरण प्रणाली (डीलर) का नाम भी लिखना है जहाँ से आप अभी अनाज उठा रहे हैं।
बदलाव का कारण (Reason for Modification): फॉर्म में एक जगह कारण पूछा जाता है कि आप फॉर्म क्यों भर रहे हैं। यहाँ आपको "परिवार में नए सदस्य (बच्चे) का जन्म" वाले विकल्प पर टिक करना है या लिखना है।
वर्तमान सदस्यों का विवरण: फॉर्म के पहले हिस्से में उन सभी लोगों का नाम, उम्र और आधार नंबर लिखना होता है जिनका नाम पहले से राशन कार्ड में है।
नए सदस्य (बच्चे) का विवरण: फॉर्म के दूसरे हिस्से में नए सदस्य का नाम जोड़ने का कॉलम होता है।
नाम: बच्चे का नाम आधार कार्ड के अनुसार लिखें।
पिता/पति का नाम: बच्चे के पिता का नाम लिखें।
लिंग (Gender): लड़का है या लड़की, यह दर्ज करें।
उम्र: बच्चे की वर्तमान उम्र लिखें।
आधार नंबर: बच्चे का आधार कार्ड नंबर बिल्कुल सही-सही भरें।
संबंध: मुखिया से बच्चे का क्या रिश्ता है (जैसे- बेटा, बेटी, पोता, पोती), वह लिखें।
घोषणा और हस्ताक्षर: फॉर्म के अंत में एक घोषणा पत्र होता है। इसमें लिखा होता है कि दी गई सभी जानकारी सही है। नीचे मुखिया को अपना हस्ताक्षर करना होता है या अंगूठे का निशान लगाना होता है।
राशन कार्ड अपडेट: क्विक-इन्फो समरी
| जानकारी | विवरण |
| फॉर्म का नाम | प्रपत्र 'ख' (Form Kha) |
| उद्देश्य | राशन कार्ड में नया नाम जोड़ना या सुधार करना |
| जरूरी कागजात | राशन कार्ड कॉपी, मुखिया और बच्चे का आधार, जन्म प्रमाण पत्र, ग्रुप फोटो |
| अप्लाई करने की जगह | प्रखंड कार्यालय (Block Office) का RTPS काउंटर |
| एप्लीकेशन फीस | सरकारी तौर पर यह सुविधा बिल्कुल मुफ्त है |
| स्टेटस कैसे चेक करें? | epds.bihar.gov.in पर एप्लीकेशन नंबर डालकर |
फॉर्म 'ख' कहाँ और कैसे जमा करें?
फॉर्म पूरी तरह से तैयार होने के बाद, आपको इसे अपने ब्लॉक (प्रखंड) कार्यालय में ले जाना होगा। पटना और बिहार के सभी जिलों में यह व्यवस्था RTPS (Right to Public Service) यानी लोक शिकायत अधिकार अधिनियम के तहत की गई है।
RTPS काउंटर पर जाएं: अपने ब्लॉक ऑफिस के RTPS काउंटर पर जाकर यह फॉर्म जमा करें।
डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन: काउंटर पर बैठा कर्मचारी आपके ऑरिजिनल आधार और फॉर्म में लगी फोटोकॉपी का मिलान कर सकता है।
रिसीविंग (Acknowledgement Slip) लेना न भूलें: जब आप फॉर्म जमा करेंगे, तो ऑपरेटर इसे ऑनलाइन पोर्टल पर चढ़ाएगा और आपको एक रसीद (Receiving) देगा। इस रसीद पर एक एप्लीकेशन नंबर लिखा होता है। इसे बहुत संभाल कर रखें क्योंकि इसी से आप बाद में पता कर पाएंगे कि बच्चे का नाम जुड़ा या नहीं।
SDO ऑफिस का अप्रूवल: ब्लॉक से फॉर्म की जांच होने के बाद, यह अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) के पास ऑनलाइन अप्रूवल के लिए जाता है। सबकुछ सही होने पर 15 से 30 दिन के भीतर नए सदस्य का नाम ऑनलाइन पोर्टल (EPDS) पर अपडेट हो जाता है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
1. क्या राशन कार्ड में नाम जोड़ने के लिए ऑनलाइन अप्लाई कर सकते हैं?
जी हाँ, बिहार सरकार के EPDS पोर्टल (epds.bihar.gov.in) पर जाकर 'RC Online' लिंक के माध्यम से मुखिया के लॉग-इन से आप घर बैठे भी प्रपत्र 'ख' ऑनलाइन भर सकते हैं और डॉक्यूमेंट्स पीडीएफ में अपलोड कर सकते हैं।
2. अगर बच्चे का आधार कार्ड नहीं है तो क्या नाम जुड़ जाएगा?
अब नियम सख्त हो गए हैं। बिना आधार कार्ड के राशन कार्ड में नाम नहीं जुड़ता है। सबसे पहले आपको बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र बनवाकर उसका 'बाल आधार' बनवाना होगा।
3. फॉर्म जमा करने के कितने दिन बाद नाम जुड़ता है?
आमतौर पर RTPS काउंटर पर फॉर्म जमा करने के 15 से 30 दिनों के भीतर प्रक्रिया पूरी हो जाती है। आप अपनी रिसीविंग पर लिखे नंबर से ऑनलाइन स्टेटस ट्रैक कर सकते हैं।
4. क्या प्रपत्र 'ख' जमा करने की कोई सरकारी फीस होती है?
नहीं, RTPS काउंटर पर फॉर्म जमा करने और नाम जुड़वाने की प्रक्रिया पूरी तरह से निःशुल्क (फ्री) है। किसी भी तरह का शुल्क विभाग द्वारा नहीं लिया जाता है।
5. नया राशन कार्ड प्रिंट होकर कब मिलता है?
ऑनलाइन नाम अपडेट होने के बाद, आप अपने डीलर के पास जाकर पॉस (PoS) मशीन पर चेक कर सकते हैं कि बच्चे के नाम का राशन आना शुरू हुआ या नहीं। स्मार्ट कार्ड प्रिंट होने में समय लगता है, लेकिन ई-राशन कार्ड (e-Ration Card) आप तुरंत पोर्टल से डाउनलोड कर सकते हैं।
सरकारी काम में अक्सर थोड़ी भागदौड़ होती है, लेकिन अगर आपके कागज पूरे हों और फॉर्म सही से भरा हो, तो कोई भी अधिकारी आपका काम नहीं रोक सकता। अपने ब्लॉक ऑफिस जाने से पहले सुनिश्चित कर लें कि आपके पास सारे कागजातों की सेल्फ-अटेस्टेड (खुद से साइन की हुई) फोटोकॉपी मौजूद है। सही जानकारी ही आपका सबसे बड़ा हथियार है, इसलिए बिना किसी बिचौलिए के चक्कर में पड़े सीधे RTPS काउंटर पर जाएं और अपना हक सुरक्षित करें।
