महिलाओं को घर में बंद करना समाधान नहीं, DU प्रदर्शन के समर्थन में राहुल गांधी
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👉 WhatsApp से जुड़ेंदिल्ली में महिला सुरक्षा को लेकर चल रहे DU छात्रों के प्रदर्शन के बीच कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने छात्रों की मांगों का समर्थन किया है। DU छात्रों के प्रदर्शन के संदर्भ में राहुल गांधी ने कहा कि महिलाओं को घर में सीमित करना किसी समस्या का समाधान नहीं है। उन्होंने सार्वजनिक स्थानों को सुरक्षित बनाने और महिलाओं के खिलाफ अपराध करने वालों पर तेजी से कार्रवाई की जरूरत बताई।
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि महिलाओं के खिलाफ अपराध होने पर उनकी स्वतंत्रता पर पाबंदी लगाने के बजाय सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जाना चाहिए। उन्होंने खास तौर पर Gen Z की युवा महिलाओं से प्रदर्शन में बड़ी संख्या में शामिल होने की अपील की।
राहुल गांधी ने क्या कहा?
राहुल गांधी ने अपने बयान में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सरकार और समाज की जिम्मेदारी पर जोर दिया। उनका कहना था कि अपराध के डर से महिलाओं को घर में रहने की सलाह देना सही समाधान नहीं है।
उन्होंने सुरक्षित सड़कों, बेहतर सार्वजनिक स्थानों और अपराधियों के खिलाफ तेज कार्रवाई की जरूरत बताई। राहुल गांधी ने यह भी कहा कि महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों के लिए पीड़ितों को जिम्मेदार ठहराने के बजाय अपराध करने वालों पर कार्रवाई होनी चाहिए।
उनके बयान का मुख्य फोकस महिलाओं की सार्वजनिक जीवन में स्वतंत्र और सुरक्षित भागीदारी पर रहा। उन्होंने पितृसत्तात्मक सोच को चुनौती देने की बात भी कही।
किस घटना के बाद शुरू हुआ छात्रों का प्रदर्शन?
दिल्ली में एक 17 वर्षीय लड़की के साथ कथित गैंगरेप की घटना के बाद महिला सुरक्षा को लेकर छात्रों में विरोध तेज हुआ। मामला दक्षिण दिल्ली के आस्था कुंज पार्क से जुड़ा है।
रिपोर्टों के अनुसार, घटना के बाद दिल्ली पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार किया। मामले की जांच के दौरान FIR में आरोप है कि आरोपियों ने खुद को पुलिसकर्मी बताकर किशोरी और उसके दोस्त को रोका था।
इस घटना के बाद दिल्ली विश्वविद्यालय और उससे जुड़े कॉलेजों के छात्रों ने लगातार प्रदर्शन शुरू किए। छात्रों ने सुरक्षा व्यवस्था, पुलिस गश्त, रोशनी और निगरानी जैसी व्यवस्थाओं को लेकर सवाल उठाए।
23 सितंबर को करीब 200 छात्रों ने किया प्रदर्शन
23 सितंबर को दिल्ली विश्वविद्यालय और उससे जुड़े संस्थानों के करीब 200 छात्रों ने महिला सुरक्षा के मुद्दे पर प्रदर्शन किया था। इसमें लेडी श्री राम कॉलेज, मिरांडा हाउस, गार्गी कॉलेज और डॉ. बीआर आंबेडकर विश्वविद्यालय से जुड़े छात्र शामिल हुए थे।
छात्रों ने कैंपस और उसके आसपास महिलाओं की सुरक्षा से जुड़ी कई समस्याएं उठाईं। इनमें अंधेरी सड़कें, पर्याप्त पुलिस गश्त का अभाव, निगरानी व्यवस्था और आने-जाने के दौरान सुरक्षा की चिंता प्रमुख रही।
लेडी श्री राम कॉलेज के छात्रों ने भी आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए। छात्रों ने कथित तौर पर पुलिस पेट्रोलिंग, स्ट्रीट लाइट और अन्य बुनियादी सुरक्षा उपायों की कमी का मुद्दा उठाया।
प्रदर्शन में Gen Z महिलाओं की भी बड़ी भागीदारी
महिला सुरक्षा को लेकर विरोध अब केवल एक कॉलेज तक सीमित नहीं रहा है। दिल्ली विश्वविद्यालय के अलग-अलग संस्थानों के छात्र इस मुद्दे पर लगातार सामने आ रहे हैं।
ताजा प्रदर्शन में बड़ी संख्या में छात्राएं और अन्य युवा प्रतिभागी शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि महिलाओं को सुरक्षा के नाम पर उनकी आवाजाही सीमित करने के बजाय सार्वजनिक स्थानों की सुरक्षा व्यवस्था सुधारने की जरूरत है।
छात्रों ने बेहतर स्ट्रीट लाइटिंग, पुलिस की मौजूदगी और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने जैसी मांगों पर जोर दिया।
दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था पर भी उठे सवाल
आस्था कुंज पार्क की घटना के बाद दिल्ली के कई संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा का मुद्दा भी सामने आया है।
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली पुलिस ने राजधानी के कुछ पार्कों और ग्रीन एरिया में CCTV और रोशनी से जुड़ी कमियों को चिन्हित किया है। पुलिस ने कुछ क्षेत्रों में अतिरिक्त कैमरे और लाइट लगाने की जरूरत भी बताई है।
इससे महिला सुरक्षा की बहस केवल पुलिस कार्रवाई तक सीमित नहीं रही। सार्वजनिक स्थानों की डिजाइन, रोशनी, CCTV निगरानी, पुलिस पेट्रोलिंग और शिकायत व्यवस्था भी चर्चा का हिस्सा बनी है।
राहुल गांधी का बयान इसी व्यापक बहस के बीच आया है। उन्होंने महिलाओं पर प्रतिबंध लगाने के बजाय सार्वजनिक जगहों को सुरक्षित बनाने और अपराधियों पर कार्रवाई को प्राथमिकता देने की बात कही है।
अब छात्रों की मांगों पर नजर
दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्रों के लगातार प्रदर्शन के बीच महिला सुरक्षा को लेकर प्रशासनिक कदमों पर भी नजर बनी हुई है। छात्रों की मांगों में सुरक्षित रास्ते, पर्याप्त रोशनी, पुलिस निगरानी और कैंपस के आसपास बेहतर सुरक्षा व्यवस्था जैसे मुद्दे शामिल हैं।
इस बीच, राहुल गांधी के समर्थन से यह मुद्दा राजनीतिक बहस में भी आया है। हालांकि छात्रों के प्रदर्शन का मुख्य केंद्र महिला सुरक्षा और सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग है।
