PM किसान: 'Stop by State' एरर को कृषि समन्वयक से कैसे ठीक कराएं?
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PM किसान योजना में 'Stop by State' एरर को कृषि समन्वयक से कैसे ठीक कराएं?
बिहार के हमारे अन्नदाता किसान भाइयों, नमस्कार। जब बैंक खाते में पीएम किसान सम्मान निधि (PM Kisan Samman Nidhi) की दो हजार रुपये की किस्त आने का समय होता है, तो हर किसान उम्मीद से अपना ऑनलाइन स्टेटस चेक करता है। लेकिन कई बार स्टेटस चेक करते समय स्क्रीन पर हरे रंग की बजाय लाल अक्षरों में 'Stop by State' या 'Stop by State on Request of District' लिखा हुआ दिख जाता है। यह देखकर परेशानी होना लाजिमी है।
आप साइबर कैफे या वसुधा केंद्र के चक्कर काटते हैं, लेकिन वहां से जवाब मिलता है कि "ऊपर से पैसा रोक दिया गया है।" असल में यह कोई ऐसी तकनीकी खराबी नहीं है जिसे दिल्ली से ठीक किया जाएगा। इस समस्या की चाबी आपके अपने पंचायत के कृषि समन्वयक (Agriculture Coordinator) के पास है। राजधानी पटना से लेकर बिहार के सभी जिलों में इस एरर को ठीक करने की प्रक्रिया बिल्कुल एक जैसी है। आज हम आपको जमीनी स्तर की वह पूरी जानकारी देंगे जिससे बिना किसी दलाल के चक्कर में पड़े, आप खुद अपने सही कागजात लेकर कृषि समन्वयक के माध्यम से अपनी रुकी हुई किस्त चालू करवा सकते हैं।
'Stop by State' एरर आखिर क्या है और क्यों आता है?
यह एरर तब दिखता है जब राज्य सरकार (बिहार सरकार के कृषि विभाग) ने आपके पीएम किसान खाते की जांच के दौरान कोई गड़बड़ी पाई हो और आपकी पेमेंट को होल्ड कर दिया हो। केंद्र सरकार पैसा तब तक नहीं भेजती, जब तक राज्य सरकार अपनी हरी झंडी (State Approval) नहीं देती। इसके पीछे मुख्य रूप से तीन से चार बड़ी वजहें होती हैं:
जमीन का विवरण मैच न होना (Land Seeding Issue): पीएम किसान योजना केवल उन्हीं के लिए है जिनके नाम पर खेती की जमीन है। अगर पोर्टल पर आपके द्वारा दिया गया खाता-खेसरा (Khata-Khesra) और रसीद नंबर बिहार सरकार के राजस्व विभाग (Revenue Department) के रिकॉर्ड से मेल नहीं खाता है, तो राज्य सरकार पेमेंट रोक देती है।
भौतिक सत्यापन (Physical Verification) में पेंडिंग: कई बार विभाग 5% से 10% किसानों का रैंडम फिजिकल वेरिफिकेशन करवाता है। अगर उस समय आप मौजूद नहीं थे या आपके कागजात की जांच नहीं हो पाई थी, तो यह एरर लगा दिया जाता है।
आधार और बैंक खाते की समस्या (Aadhar NPCI Seeding): अगर आपका बैंक खाता आधार कार्ड से लिंक नहीं है या NPCI (National Payments Corporation of India) पर डीबीटी (DBT) के लिए मैप नहीं है, तो भी राज्य सरकार डाटा को रिजेक्ट कर देती है।
डुप्लीकेट या गलत जानकारी: एक ही परिवार (पति-पत्नी) से दो लोगों द्वारा लाभ लेना, या फिर नाम की स्पेलिंग में आधार कार्ड और जमीन के कागजात में बड़ा अंतर होना।
कृषि समन्वयक (Agriculture Coordinator) ही इस एरर को क्यों ठीक कर सकते हैं?
बिहार के कृषि विभाग ने किसानों की सुविधा के लिए हर पंचायत स्तर पर 'किसान सलाहकार' और पंचायत क्लस्टर स्तर पर 'कृषि समन्वयक' की नियुक्ति की है। जब आपका स्टेटस 'Stop by State' होता है, तो इसका मतलब है कि फाइल अब राज्य मुख्यालय (पटना) से वापस आपके ब्लॉक (प्रखंड) में भेज दी गई है ताकि उसका दोबारा भौतिक सत्यापन (Physical Verification) हो सके।
ब्लॉक एग्रीकल्चर ऑफिसर (BAO) यह काम सीधे नहीं करते। वे यह काम आपके पंचायत के कृषि समन्वयक को सौंपते हैं। कृषि समन्वयक के पास सरकार द्वारा दी गई अपनी एक आधिकारिक लॉगिन आईडी और पासवर्ड होता है। वे अपनी आंखों से आपके असली कागजात (Original Documents) देखते हैं, यह तस्दीक करते हैं कि आप सच में एक असली किसान हैं, और फिर अपने पोर्टल से रिपोर्ट लगाकर आगे फॉरवर्ड कर देते हैं। उनके अप्रूवल के बिना यह एरर किसी भी साइबर कैफे से नहीं हट सकता।
कृषि समन्वयक के पास जाने से पहले जरूरी डॉक्युमेंट्स की लिस्ट
अगर आप बिना पूरी तैयारी के समन्वयक महोदय के पास जाएंगे, तो आपको दोबारा दौड़ना पड़ सकता है। पटना हो या बिहार का कोई भी अन्य जिला, आपको अपने साथ यह फाइल बनाकर ले जानी चाहिए:
PM किसान स्टेटस का प्रिंटआउट: सबसे पहले ऑनलाइन अपना बेनिफिशियरी स्टेटस चेक करें और जिस पेज पर 'Stop by State' लिखा है, उसका एक साफ प्रिंटआउट निकाल लें।
आधार कार्ड की फोटोकॉपी: आधार कार्ड की साफ फोटोकॉपी लें। (ध्यान रहे, मोबाइल नंबर आधार से लिंक होना चाहिए)।
जमीन की ताजा रसीद (Land Receipt): आपके नाम पर या आपके पूर्वजों के नाम पर (बंटवारे के आधार पर) जो जमीन है, उसकी हाल ही में कटी हुई लगान रसीद (Current year Lagaan Rasid) या एलपीसी (LPC - Land Possession Certificate) की कॉपी।
बैंक पासबुक की कॉपी: उस बैंक खाते की कॉपी जिसमें पहले पैसा आता था और जो आधार से लिंक है।
स्व-घोषणा पत्र (Self Declaration Form): कई जगहों पर एक फॉर्म भरवाया जाता है कि आप सरकारी नौकरी में नहीं हैं और टैक्स नहीं देते हैं। यह फॉर्म आपको वसुधा केंद्र या पंचायत भवन में मिल जाएगा।
स्टेप-बाय-स्टेप प्रोसेस: कृषि समन्वयक से मिलकर एरर कैसे हटवाएं?
अपने डाक्यूमेंट्स तैयार करने के बाद आपको नीचे दी गई प्रक्रिया को फॉलो करना है। यह बिल्कुल ग्राउंड लेवल का काम है, इसलिए इसमें धैर्य की जरूरत होती है।
स्टेप 1: अपने कृषि समन्वयक का पता लगाएं
अगर आप नहीं जानते कि आपके पंचायत का समन्वयक कौन है, तो अपने गांव के वार्ड सदस्य, मुखिया या किसान सलाहकार से उनका नंबर मांगें। वे आमतौर पर तय दिनों में पंचायत भवन, आरटीपीएस (RTPS) काउंटर के आस-पास या फिर प्रखंड कृषि कार्यालय (Block Agriculture Office) में बैठते हैं।
स्टेप 2: दस्तावेजों का सेट जमा करें
कृषि समन्वयक से मिलें और उन्हें अपना पीएम किसान का 'Stop by State' वाला प्रिंटआउट दिखाएं। उन्हें बताएं कि आपकी किस्त रुक गई है और आप भौतिक सत्यापन (Physical Verification) के लिए अपने सारे कागजात लाए हैं।
स्टेप 3: कृषि समन्वयक द्वारा कागजातों की जांच
वे आपकी जमीन की रसीद को बिहार भूमि (Bihar Bhumi) पोर्टल पर डालकर ऑनलाइन चेक करेंगे कि रसीद असली है या नहीं और जमाबंदी आपके नाम से दर्ज है या नहीं। इसके साथ ही वे देखेंगे कि आपके आधार और बैंक की डिटेल्स सही हैं या नहीं।
स्टेप 4: ऑनलाइन पोर्टल पर रिपोर्ट दर्ज करना
अगर आपके सभी कागजात सही पाए जाते हैं, तो कृषि समन्वयक अपने सरकारी मोबाइल या लैपटॉप से अपने विभागीय पोर्टल (DBT Agriculture Bihar Portal) पर लॉगिन करेंगे। वहां वे आपके रजिस्ट्रेशन नंबर को सर्च करके उस पर "Verified and Found Eligible" (सत्यापित किया गया और योग्य पाया गया) की रिमार्क (टिप्पणी) लिख देंगे।
स्टेप 5: ब्लॉक से जिला और फिर राज्य स्तर तक फाइल का जाना
जैसे ही समन्वयक अपनी आईडी से इसे ओके करते हैं, यह फाइल ऑनलाइन ही ब्लॉक एग्रीकल्चर ऑफिसर (BAO) के पास जाती है। BAO इसे डिजिटल साइन करके जिला कृषि पदाधिकारी (DAEO) को भेजते हैं। जिला से हरी झंडी मिलते ही यह वापस राज्य मुख्यालय (पटना) पहुंच जाती है। इस पूरी प्रक्रिया में आपकी तरफ से भागदौड़ खत्म हो जाती है।
पीएम किसान 'Stop by State' एरर समाधान: एक नजर में
| एरर का मुख्य कारण | क्या चेक करें | किसके पास जाएं | अनुमानित समय |
| Land Seeding (No) | क्या जमीन की रसीद आपके नाम पर ऑनलाइन अपडेटेड है? | कृषि समन्वयक | 15 से 30 दिन |
| Aadhar Bank NPCI Issue | बैंक जाकर चेक करें कि NPCI/DBT लिंक है या नहीं। | बैंक मैनेजर + कृषि समन्वयक | 10 से 15 दिन |
| Physical Verification | क्या कभी पंचायत में कागजात जमा किए थे? | कृषि समन्वयक / किसान सलाहकार | 15 से 20 दिन |
| State Request/Hold | राज्य सरकार के पोर्टल पर डाटा मिसमैच | कृषि समन्वयक | 20 से 30 दिन |
पटना से लेकर बिहार के सभी जिलों के किसानों के लिए खास टिप्स
चाहे आप राजधानी पटना के ग्रामीण इलाके के किसान हों, या फिर मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर, पूर्णिया या बिहार के किसी भी अन्य जिले के किसान हों—पीएम किसान योजना का नियम पूरे बिहार में एक समान लागू होता है। कई किसान घबराकर सीधे पटना मुख्यालय या जिला अधिकारी (DM) के पास शिकायत लेकर पहुंच जाते हैं।
आपको यह समझना होगा कि सिस्टम नीचे से ऊपर की तरफ काम करता है। जब तक आपके पंचायत का कृषि समन्वयक आपके आवेदन पर अपनी सकारात्मक रिपोर्ट (Positive Report) नहीं लगाएगा, तब तक न तो ब्लॉक ऑफिसर कुछ कर सकते हैं और न ही पटना में बैठे बड़े अधिकारी। इसलिए अपना समय और पैसा ब्लॉक या जिले के चक्कर लगाने में बर्बाद न करें, सीधे अपने पंचायत स्तर के अधिकारी से तालमेल बिठाएं। एक बार वे पोर्टल पर सुधार कर देंगे, तो अगली किस्त के समय रुकी हुई सारी पिछली किस्तें भी एक साथ आपके खाते में क्रेडिट हो जाएंगी।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
1. 'Stop by State' एरर ठीक होने में कितने दिन का समय लगता है?
कृषि समन्वयक द्वारा पोर्टल पर डाटा अपडेट और फॉरवर्ड करने के बाद, आमतौर पर इसे ब्लॉक, जिला और राज्य स्तर से वेरीफाई होने में 15 से 30 दिन का समय लगता है। इसके बाद आपके स्टेटस पर 'Approved by State' दिखने लगता है।
2. क्या कृषि समन्वयक को इस काम के लिए कोई फीस देनी होती है?
बिल्कुल नहीं। पीएम किसान योजना से जुड़ा कोई भी सुधार, ई-केवाईसी (e-KYC) या भौतिक सत्यापन सरकार की तरफ से पूरी तरह निशुल्क (Free) है। आपको किसी भी अधिकारी या बिचौलिए को एक रुपया भी देने की जरूरत नहीं है।
3. अगर मेरे पास जमीन मेरे दादा या पिता के नाम पर है, तो क्या एरर हटेगा?
अब नियम सख्त हो गए हैं। अगर जमीन आपके नाम पर नहीं है (यानी जमाबंदी आपके नाम पर नहीं चल रही है), तो आपको पहले वंशावली बनवाकर और बंटवारा करके अपने नाम से लगान रसीद कटवानी होगी। बिना आपके नाम की रसीद के, समन्वयक आपका डाटा वेरीफाई नहीं कर पाएंगे।
4. अगर कृषि समन्वयक पंचायत में नहीं मिलते या मेरी बात नहीं सुनते हैं, तो मैं क्या करूं?
अगर आपके इलाके के समन्वयक आपके सही कागजात होने के बावजूद सहयोग नहीं कर रहे हैं, तो आप प्रखंड कृषि पदाधिकारी (BAO) को लिखित शिकायत दे सकते हैं। आप बिहार सरकार के कृषि विभाग के टोल-फ्री नंबर पर भी कॉल करके अपनी समस्या दर्ज करा सकते हैं।
5. मेरा बैंक खाता आधार से लिंक है, फिर भी पैसा रुक गया है। ऐसा क्यों?
सिर्फ आधार से लिंक होना काफी नहीं है। आपका बैंक खाता 'NPCI (DBT)' के लिए भी मैप होना चाहिए। आप अपने बैंक की शाखा में जाकर कहें कि आपके खाते में "आधार सीडिंग के साथ डीबीटी (DBT) चालू" करना है। इसके बाद पासबुक की कॉपी कृषि समन्वयक को जमा कर दें।
खेती-किसानी के काम में कागजी उलझनें आ ही जाती हैं, लेकिन सही जानकारी हो तो कोई भी रुकावट ज्यादा दिन तक टिक नहीं सकती। अपना स्टेटस आज ही चेक करें, कागजात दुरुस्त करें और अपने कृषि समन्वयक से मिलकर अपने हक का पैसा चालू करवाएं। क्या आपने हाल ही में अपनी जमीन की रसीद ऑनलाइन अपडेट करवाई है?
