पटना शराब कांड पर बवाल, मुजफ्फरपुर में 14 लाख की शराब जब्त
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पटना के बाढ़ इलाके में शराब पार्टी में चार मौत के मामले ने नया मोड़ ले लिया है। शराब पार्टी में चार मौत के बाद पुलिस की ओर से सामने रखी गई प्रेम-प्रसंग और जहर देने की थ्योरी को ग्रामीणों ने खारिज कर दिया है। मंगलवार, 1 सितंबर को पुलिस की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद नाराज ग्रामीणों ने बाढ़ थाना घेरकर हंगामा किया। ग्रामीणों ने मामले की निष्पक्ष जांच और मृतक के मोबाइल की कॉल डिटेल जांचने की मांग की है। दूसरी ओर, मुजफ्फरपुर के मीनापुर इलाके में पुलिस ने एक पिकअप से करीब 1,400 लीटर विदेशी शराब बरामद करने का दावा किया है।
चार मौतों के बाद पुलिस की थ्योरी पर उठे सवाल
बाढ़ के बेढ़ना गांव में शराब पार्टी के दौरान चार लोगों की मौत के मामले में पुलिस ने जांच के आधार पर एक अलग कहानी सामने रखी है। ग्रामीण एसपी कुंदन कुमार के अनुसार, इस घटना के पीछे प्रेम-प्रसंग से जुड़ा विवाद हो सकता है।
पुलिस के मुताबिक, लाली की बहन का मृतक निशु से कथित प्रेम संबंध था। पुलिस का दावा है कि निशु के दोस्त इस रिश्ते को लेकर उसे चिढ़ाते थे, जिससे नाराज होकर कथित तौर पर शराब पार्टी के दौरान जहर मिलाने की साजिश रची गई।
पुलिस के अनुसार, पार्टी में मौजूद लोगों को शराब देने से पहले पैग में कथित तौर पर जहरीला पदार्थ मिलाया गया। पुलिस ने यह भी कहा कि पांचवां पैग अलग रखा गया था और आरोपी मौके से निकल गया।
हालांकि, पुलिस की इस थ्योरी की ग्रामीणों ने कड़ी आपत्ति के साथ आलोचना की है।
ग्रामीणों ने कहा- निष्पक्ष जांच हो
पुलिस की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद ग्रामीणों में नाराजगी देखने को मिली। ग्रामीणों ने बाढ़ थाना पहुंचकर पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए और मामले को जल्दबाजी में समाप्त करने का आरोप लगाया।
ग्रामीणों का कहना है कि मृतक निशु का मोबाइल फोन पुलिस के पास है। यदि पुलिस प्रेम संबंध को जांच का अहम आधार मान रही है तो मोबाइल की कॉल डिटेल और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच कराई जानी चाहिए।
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि मामले को बंद करने की कोशिश में एक शादीशुदा महिला की प्रतिष्ठा प्रभावित हो रही है। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
मामले में पुलिस ने लाली, रुदल कुमार और एक नाबालिग को हिरासत में लिए जाने की जानकारी दी है। पुलिस का दावा है कि कथित तौर पर इस्तेमाल किया गया जहर रुदल कुमार के माध्यम से लाया गया था।
FSL रिपोर्ट से स्पष्ट होगा जहर का मामला
पुलिस के अनुसार, जिस पदार्थ के जहर होने की बात कही जा रही है, उसकी वास्तविक प्रकृति की पुष्टि फॉरेंसिक साइंस लैब यानी FSL की रिपोर्ट से होगी।
यही रिपोर्ट जांच में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। इससे यह पता लगाने में मदद मिलेगी कि मृतकों के शरीर में कौन-सा पदार्थ मौजूद था और मौत के पीछे उसका कितना संबंध था।
फिलहाल पुलिस की ओर से सामने रखी गई थ्योरी और ग्रामीणों के दावों के बीच अंतर दिखाई दे रहा है। ऐसे में पोस्टमार्टम, FSL रिपोर्ट, मोबाइल डेटा और अन्य साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ना महत्वपूर्ण होगा।
विधायक अनंत सिंह ने परिजनों से की मुलाकात
घटना के बाद मोकामा विधायक अनंत सिंह भी शोकाकुल परिवारों से मिलने पहुंचे थे। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, उन्होंने मृतकों के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें हरसंभव मदद का भरोसा दिया।
परिजनों से मुलाकात के दौरान माहौल काफी भावुक रहा। घटना में चार लोगों की मौत के बाद गांव में भी शोक और आक्रोश का माहौल बताया गया है।
अब इस मामले में पुलिस जांच की अगली कार्रवाई और फॉरेंसिक रिपोर्ट पर लोगों की नजर है।
मुजफ्फरपुर में 14 लाख की विदेशी शराब बरामद
इधर, मुजफ्फरपुर में शराब तस्करी के खिलाफ पुलिस को बड़ी कार्रवाई में सफलता मिलने का दावा किया गया है। मीनापुर थाना पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर हड़कामानसाही गांव में छापेमारी की।
पुलिस के मुताबिक, सूचना मिली थी कि रात के समय शराब कारोबारी पिकअप वाहन से शराब की खेप लेकर पहुंचा है और उसे उतारने की तैयारी चल रही है।
सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने तत्काल कार्रवाई की। मौके पर पहुंचने के बाद पुलिस ने शराब से लदी पिकअप को अपने कब्जे में ले लिया।
पुलिस ने वाहन से करीब 1,400 लीटर विदेशी शराब बरामद करने की बात कही है। बरामद शराब की बाजार कीमत करीब 14 लाख रुपये बताई गई है।
छापेमारी से पहले फरार हुआ कारोबारी
पुलिस के पहुंचने की भनक लगते ही कथित शराब कारोबारी अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गया। पुलिस ने शराब के साथ पिकअप वाहन भी जब्त कर लिया है।
अब पुलिस फरार कारोबारी की पहचान और उसके नेटवर्क से जुड़े लोगों की जानकारी जुटाने में लगी है। इस कार्रवाई के बाद शराब की खेप कहां से लाई गई थी और इसे कहां पहुंचाया जाना था, इसकी जांच भी की जा सकती है।
डीएसपी ईस्ट अलय वस्त के अनुसार, मीनापुर थाना पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए शराब की खेप और पिकअप बरामद किया है। फरार कारोबारी की पहचान के लिए पुलिस जांच कर रही है।
दोनों मामलों में जांच पर टिकी नजर
पटना के बाढ़ में चार लोगों की मौत और मुजफ्फरपुर में बड़ी शराब बरामदगी, दोनों घटनाओं ने बिहार में शराब से जुड़े मामलों को फिर चर्चा में ला दिया है।
बाढ़ मामले में जहां ग्रामीण पुलिस की जांच पर सवाल उठा रहे हैं, वहीं पुलिस अपने स्तर पर सामने आए साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की बात कह रही है। ऐसे में FSL रिपोर्ट और अन्य जांच परिणाम महत्वपूर्ण होंगे।
मुजफ्फरपुर मामले में पुलिस ने शराब और वाहन जब्त कर लिया है, जबकि कथित कारोबारी की तलाश जारी है। दोनों मामलों में आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्ष और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर तय होगी।
