पटना में गंगा लाल निशान के पार, CM सम्राट ने किया निरीक्षण; बाढ़ के खतरे पर अफसरों को हाई अलर्ट
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पटना में गंगा और पुनपुन नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने से बाढ़ का खतरा गहरा गया है। गंगा और पुनपुन नदी का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर चुका है, जिससे दियारा और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है। कई स्थानों पर पानी सड़कों तक पहुंचने की सूचना है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गुरुवार को स्थिति का जायजा लिया और अधिकारियों को लोगों की सुरक्षा व राहत व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मनेर, दानापुर और फतुहा के दियारा इलाकों में बड़ी आबादी बढ़ते पानी से प्रभावित होने की आशंका का सामना कर रही है। प्रशासन ने हालात को देखते हुए सतर्कता बढ़ा दी है और बाढ़ से निपटने की तैयारियों की लगातार समीक्षा की जा रही है।
CM सम्राट चौधरी ने गंगा के बढ़ते जलस्तर का लिया जायजा
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी गुरुवार को पटना में गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर का निरीक्षण करने पहुंचे। उन्होंने नदी किनारे बने व्यूपॉइंट से गंगा में फैले पानी और आसपास की स्थिति का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से बाढ़ की मौजूदा स्थिति, प्रभावित इलाकों और प्रशासनिक तैयारियों की जानकारी ली। उन्होंने संभावित बाढ़ को ध्यान में रखते हुए जरूरी इंतजाम समय रहते पूरा करने पर जोर दिया। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि प्रभावित या संभावित रूप से प्रभावित लोगों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए। जान-माल की सुरक्षा के लिए आवश्यक संसाधन तैयार रखने और राहत व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने को कहा गया।
गंगा और पुनपुन दोनों नदियां खतरे के निशान से ऊपर
पटना में गंगा और पुनपुन नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। दोनों नदियां डेंजर लेवल यानी खतरे के निशान से ऊपर पहुंच चुकी हैं, जिससे प्रशासन की चिंता बढ़ गई है। कई निचले इलाकों और दियारा क्षेत्रों में पानी का फैलाव बढ़ने की स्थिति बनी हुई है। कुछ जगहों पर गंगा का पानी सड़कों तक पहुंच गया है, जिससे स्थानीय लोगों की आवाजाही भी प्रभावित हो सकती है। नदियों के बढ़ते जलस्तर के पीछे पड़ोसी राज्यों में हो रही भारी बारिश को भी एक प्रमुख कारण माना जा रहा है। ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों में अधिक बारिश होने पर गंगा और उसकी सहायक नदियों में पानी का दबाव बढ़ जाता है। बाणसागर बराज और इंद्रपुरी जलाशय से पानी छोड़े जाने के बाद भी स्थिति पर प्रशासन लगातार नजर रख रहा है। बढ़ते प्रवाह को देखते हुए नदी किनारे और निचले इलाकों में अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है।
मनेर, दानापुर और फतुहा के दियारा इलाकों पर विशेष नजर
पटना जिले के मनेर, दानापुर और फतुहा के दियारा इलाके बाढ़ की स्थिति के लिहाज से संवेदनशील माने जा रहे हैं। इन क्षेत्रों में बड़ी आबादी रहती है और जलस्तर बढ़ने पर संपर्क व आवागमन की समस्या तेजी से पैदा हो सकती है। प्रशासन प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति पर नजर बनाए हुए है। स्थानीय स्तर पर अधिकारियों को संभावित जरूरतों के अनुसार तैयारी रखने के निर्देश दिए गए हैं। दियारा और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए प्रशासनिक अलर्ट महत्वपूर्ण है, क्योंकि जलस्तर में अचानक बढ़ोतरी होने पर हालात तेजी से बदल सकते हैं। अधिकारियों को समय पर सूचना पहुंचाने और जरूरी कार्रवाई करने के लिए सतर्क रहने को कहा गया है।
तटबंधों की 24 घंटे निगरानी, लापरवाही पर सख्त रुख
बाढ़ के खतरे को देखते हुए पटना के जिलाधिकारी कुंदन कुमार ने अधिकारियों को हाई अलर्ट पर रहने का निर्देश दिया है। तटबंधों की 24 घंटे निगरानी करने और किसी भी संभावित समस्या की तुरंत सूचना देने को कहा गया है। बाढ़ सुरक्षा से जुड़ी जरूरी सामग्री भी तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन का फोकस किसी भी आपात स्थिति में तेजी से राहत और बचाव कार्य शुरू करने पर है। डीएम ने संबंधित अधिकारियों को सभी आवश्यक तैयारियां 24 घंटे के भीतर पूरी करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया है कि बाढ़ प्रबंधन से जुड़े कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
पटना में 24 घंटे सक्रिय रहेगा कंट्रोल रूम
संभावित आपदा की स्थिति से निपटने के लिए पटना जिला प्रशासन ने 24 घंटे कंट्रोल रूम सक्रिय कर दिया है। यह नियंत्रण कक्ष सप्ताह के सातों दिन काम करेगा, ताकि जरूरत पड़ने पर लोग प्रशासन तक अपनी सूचना या शिकायत पहुंचा सकें। आपात स्थिति, बाढ़ संबंधी सूचना या सहायता के लिए लोग 0612-2210118 और 8235449748 पर संपर्क कर सकते हैं। जिला प्रशासन ने सभी प्रखंडों में भी प्रखंड स्तरीय कंट्रोल रूम सक्रिय रखने के निर्देश दिए हैं। इसका उद्देश्य स्थानीय स्तर पर सूचना मिलने के बाद प्रशासनिक प्रतिक्रिया को तेज करना है।
अफवाहों से बचें, केवल आधिकारिक सूचना पर करें भरोसा
जिलाधिकारी ने लोगों से घबराने के बजाय सतर्क रहने की अपील की है। प्रशासन का कहना है कि बाढ़ और जलस्तर की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। लोगों से सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से फैलने वाली अपुष्ट सूचनाओं पर भरोसा न करने को कहा गया है। किसी भी जरूरी जानकारी के लिए प्रशासन की आधिकारिक सूचना और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों को प्राथमिकता देने की अपील की गई है। मानसून के दौरान बिहार में गंगा और उसकी सहायक नदियों का जलस्तर बढ़ना सामान्य प्रक्रिया है, लेकिन खतरे के निशान से ऊपर पहुंचने पर दियारा और निचले इलाकों में जोखिम बढ़ जाता है। ऐसे में प्रशासन की तैयारियों के साथ स्थानीय लोगों की सतर्कता भी बेहद जरूरी है। फिलहाल पटना में गंगा और पुनपुन नदी के जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है। आने वाले दिनों में बारिश, ऊपरी इलाकों से पानी के प्रवाह और जलाशयों से छोड़े जाने वाले पानी के आधार पर स्थिति में बदलाव संभव है। प्रशासन ने लोगों से अलर्ट रहने और जरूरत पड़ने पर तुरंत कंट्रोल रूम से संपर्क करने की अपील की है।