LPU में रेप के आरोप पर बवाल, हिंसा के बाद 10 दिन बंद रहेंगी कक्षाएं
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पंजाब के फगवाड़ा स्थित LPU छात्र प्रदर्शन ने रविवार को हिंसक रूप ले लिया। LPU छात्र प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने कथित रेप मामले की जांच पर सवाल उठाते हुए कैंपस और आसपास की संपत्तियों में तोड़फोड़ की, वाहनों को नुकसान पहुंचाया और नेशनल हाईवे पर यातायात बाधित किया। पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए कार्रवाई की।
मामले में पुलिस ने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ रेप की धाराओं में FIR दर्ज की है और जांच के लिए विशेष जांच टीम यानी SIT बनाई गई है। वहीं, यूनिवर्सिटी ने कथित घटना को लेकर फैल रही अफवाहों को गलत और निराधार बताया है।
कथित रेप की खबर से कैसे शुरू हुआ पूरा विवाद?
पुलिस और मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, शनिवार देर रात सोशल मीडिया और छात्रों के बीच एक कथित यौन उत्पीड़न की जानकारी फैलने के बाद बड़ी संख्या में छात्र हॉस्टल से बाहर आए।
छात्रों का आरोप था कि यूनिवर्सिटी के एक हॉस्टल में रहने वाली छात्रा के साथ एक बाहरी व्यक्ति ने कथित तौर पर रेप किया। छात्रों ने यह भी आरोप लगाया कि मामले को दबाने का प्रयास किया गया।
हालांकि, पुलिस की शुरुआती जांच और यूनिवर्सिटी के बयान में इस दावे की पुष्टि नहीं हुई है। द इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार, पुलिस ने उस हॉस्टल कमरे में मौजूद तीन छात्राओं के बयान लिए और उन्होंने कथित घटना से इनकार किया।
इसी वजह से पुलिस अब CCTV फुटेज, फॉरेंसिक साक्ष्य और डिजिटल रिकॉर्ड समेत अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की जांच कर रही है। पुलिस ने कहा है कि जांच पूरी होने के बाद ही घटना की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी।
प्रदर्शन ने लिया हिंसक रूप, पुलिस से हुआ टकराव
कथित घटना को लेकर शुरू हुआ प्रदर्शन धीरे-धीरे उग्र हो गया। छात्रों की भीड़ यूनिवर्सिटी के मुख्य गेट और जालंधर-फगवाड़ा नेशनल हाईवे तक पहुंच गई।
प्रदर्शनकारियों ने हाईवे पर धरना देकर यातायात रोक दिया। कैंपस में कुछ वाहनों और संपत्तियों को नुकसान पहुंचाया गया तथा आगजनी की घटनाएं भी सामने आईं। पुलिस पर पत्थरबाजी के बाद स्थिति और तनावपूर्ण हो गई।
रविवार शाम दोबारा हिंसा भड़कने के बाद पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए कार्रवाई की। रिपोर्टों के अनुसार पुलिसकर्मी भी घायल हुए और कई वाहनों को नुकसान पहुंचा।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, अतिरिक्त बल मौके पर बुलाया गया और बाद में स्थिति को नियंत्रित किया गया। हाईवे पर यातायात भी बहाल कराया गया।
छात्रों ने हिंसा के लिए बाहरी लोगों को बताया जिम्मेदार
प्रदर्शन कर रहे कुछ छात्रों ने मीडिया से बातचीत में हिंसा और आगजनी से खुद को अलग बताया। उनका दावा था कि कुछ बाहरी लोग प्रदर्शन में शामिल हो गए और उन्होंने लाठी, हॉकी स्टिक, ईंट-पत्थर आदि का इस्तेमाल कर तोड़फोड़ की।
दूसरी ओर, यूनिवर्सिटी प्रशासन ने सोशल मीडिया के जरिए कहा कि कुछ लोग अफवाह फैलाकर संस्थान की छवि खराब करने की कोशिश कर रहे हैं। यूनिवर्सिटी ने कथित रेप की बात को निराधार बताया और लोगों से अपुष्ट जानकारी साझा नहीं करने की अपील की।
इस तरह मामले में छात्रों, पुलिस और यूनिवर्सिटी प्रशासन के दावे अलग-अलग हैं। इन दावों की अंतिम पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
पुलिस ने दर्ज की FIR, SIT करेगी जांच
जालंधर रेंज के DIG नवीन सिंगला के अनुसार, पुलिस ने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ रेप के आरोप में FIR दर्ज की है। मामले की जांच के लिए SIT गठित की गई है।
जांच में CCTV फुटेज, फोन डेटा और फॉरेंसिक साक्ष्यों को शामिल किया जा रहा है। छात्रों के प्रतिनिधियों को भी जांच प्रक्रिया से जोड़ने की बात सामने आई है।
पुलिस ने यह भी कहा है कि कथित घटना से जुड़े हर पहलू की जांच की जाएगी। ऐसे में सोशल मीडिया पर चल रहे दावों और वास्तविक जांच के निष्कर्षों के बीच अंतर बनाए रखना जरूरी है।
LPU ने 10 दिन के लिए बंद की नियमित कक्षाएं
हिंसा के बाद LPU प्रशासन ने 28 सितंबर से 10 दिनों के लिए नियमित कक्षाएं स्थगित कर दी हैं। मिड-टर्म परीक्षाएं भी अगले आदेश तक टाल दी गई हैं।
यूनिवर्सिटी ने हॉस्टल में रहने वाले छात्रों को अपने अभिभावकों से सलाह लेकर घर जाने की अनुमति दी है। कैंपस में रुकने वाले छात्रों को हॉस्टल या अपने निवास स्थान पर रहने और अनावश्यक आवाजाही से बचने की सलाह दी गई है।
छात्रों ने हॉस्टल सुरक्षा बढ़ाने, महिला हॉस्टल में पुरुष कर्मचारियों की आवाजाही पर नियंत्रण, अधिकारियों की जवाबदेही और कथित लापरवाही की जांच जैसी मांगें भी रखी हैं।
आगे क्या होगा?
अब पूरे मामले में पुलिस जांच सबसे महत्वपूर्ण होगी। कथित यौन अपराध से जुड़े आरोपों की पुष्टि या खंडन उपलब्ध साक्ष्यों और जांच के निष्कर्षों के आधार पर होगा।
साथ ही, हिंसा, आगजनी, तोड़फोड़ और पुलिस पर पथराव से जुड़े मामलों की भी जांच की जा रही है। छात्रों की मांगों को लेकर यूनिवर्सिटी प्रशासन और पुलिस के साथ बातचीत के लिए छात्र प्रतिनिधियों की संयुक्त कार्रवाई समिति बनाने की बात भी सामने आई है।
फिलहाल पुलिस ने स्थिति नियंत्रण में होने की जानकारी दी है और हाईवे पर यातायात बहाल हो चुका है।
