जनसुराज ने 24 घंटे में बदला तिरहुत प्रत्याशी, झा की जगह यादव
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👉 WhatsApp से जुड़ेंबिहार विधान परिषद चुनाव को लेकर जनसुराज ने तिरहुत शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में अपना प्रत्याशी बदल दिया है। जनसुराज ने अब भूषण कुमार झा की जगह श्याम नंदन यादव को उम्मीदवार बनाया है। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मनोज भारती ने शनिवार को नए प्रत्याशी के नाम का ऐलान किया। यह बदलाव उस समय हुआ है, जब भूषण झा ने उम्मीदवार बनाए जाने के अगले ही दिन पार्टी से अलग होकर निर्दलीय चुनाव लड़ने की घोषणा कर दी थी।
भूषण झा के बाद श्याम नंदन यादव को टिकट
जनसुराज ने 24 सितंबर को बिहार विधान परिषद की सभी आठ सीटों के लिए अपने प्रत्याशियों की घोषणा पूरी की थी। उस सूची में तिरहुत शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से भूषण कुमार झा का नाम था। इसके अगले दिन उन्होंने पार्टी छोड़ने और निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर चुनाव मैदान में उतरने का फैसला बताया।
इसके बाद पार्टी ने तिरहुत शिक्षक सीट के लिए नए नाम की तलाश शुरू की और अब श्याम नंदन यादव को उम्मीदवार घोषित कर दिया है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, श्याम नंदन यादव पहले राष्ट्रीय जनता दल से जुड़े रहे हैं और बाद में जनसुराज में शामिल हुए। उम्मीदवार बनाए जाने की घोषणा पार्टी प्रदेश अध्यक्ष मनोज भारती ने की।
इस तरह तिरहुत शिक्षक सीट पर जनसुराज को दो दिनों के भीतर अपना उम्मीदवार बदलना पड़ा। अब इस सीट पर पार्टी की ओर से श्याम नंदन यादव चुनाव मैदान में होंगे।
आखिर क्यों अलग हुए भूषण कुमार झा?
भूषण कुमार झा ने 25 सितंबर को मुजफ्फरपुर में प्रशांत किशोर की मौजूदगी में हुई बैठक के बाद जनसुराज से अलग होने का ऐलान किया था। उन्होंने बैठक में अपने और उनके साथ आए शिक्षक समर्थकों के साथ व्यवहार को लेकर कई आरोप लगाए।
भूषण झा के मुताबिक, वह करीब एक दर्जन शिक्षक साथियों के साथ बैठक में पहुंचे थे। जब उन्होंने अपनी बात रखनी शुरू की तो उनके साथ आए शिक्षकों को कथित तौर पर रिकॉर्डिंग करने से रोका गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उनकी बात मीडिया तक नहीं पहुंचने देने की कोशिश की गई।
भूषण झा ने यह भी दावा किया कि उन्हें बैठक में जनसुराज की ओर से पहले से तय बात रखने का दबाव महसूस हुआ। उन्होंने इस तरीके को आपत्तिजनक बताते हुए बैठक के बाद शिक्षक साथियों से राय ली।
उनके अनुसार, सैकड़ों शिक्षक साथियों से चर्चा के बाद उन्हें निर्दलीय चुनाव लड़ने की सलाह मिली। इसके बाद उन्होंने तिरहुत शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से स्वतंत्र उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ने की घोषणा की। ये आरोप भूषण झा की ओर से लगाए गए हैं; उपलब्ध रिपोर्टों में इन्हें उनके दावे के रूप में ही दर्ज किया गया है।
जनसुराज ने सभी 8 सीटों पर किसे दिया टिकट?
बिहार विधान परिषद की इस चुनावी प्रक्रिया में कुल आठ सीटें शामिल हैं। इनमें चार स्नातक और चार शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र हैं। जनसुराज ने पहले चरण में पांच उम्मीदवारों के नाम घोषित किए थे और 24 सितंबर को बाकी तीन सीटों के उम्मीदवारों की घोषणा की थी।
भूषण झा के हटने के बाद तिरहुत शिक्षक सीट पर अब श्याम नंदन यादव का नाम शामिल हो गया है।
| निर्वाचन क्षेत्र | जनसुराज उम्मीदवार |
|---|---|
| पटना स्नातक | डॉ. अनुज सिंह |
| तिरहुत स्नातक | डॉ. विमोहन कुमार |
| दरभंगा स्नातक | रवींद्र यादव |
| कोसी स्नातक | रजनीश रंजन |
| पटना शिक्षक | डॉ. दिव्या ज्योति |
| दरभंगा शिक्षक | एसपी राय |
| सारण शिक्षक | आफाक अहमद |
| तिरहुत शिक्षक | श्याम नंदन यादव |
पार्टी की ओर से घोषित उम्मीदवारों में तिरहुत स्नातक सीट पर डॉ. विमोहन कुमार का नाम बरकरार है। बदलाव सिर्फ तिरहुत शिक्षक सीट पर हुआ है।
23 अक्टूबर को होगा मतदान
बिहार विधान परिषद की इन आठ सीटों के लिए चुनाव कार्यक्रम भी घोषित हो चुका है। निर्वाचन आयोग के कार्यक्रम के अनुसार 29 सितंबर को अधिसूचना जारी होगी। नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख 6 अक्टूबर है, जबकि 7 अक्टूबर को नामांकन पत्रों की जांच होगी।
उम्मीदवार 9 अक्टूबर तक नाम वापस ले सकेंगे। इसके बाद 23 अक्टूबर को मतदान होगा और 27 अक्टूबर को मतगणना की जाएगी। बिहार में इन आठ सीटों में चार स्नातक और चार शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं।
तिरहुत शिक्षक सीट पर प्रत्याशी बदलने के बाद अब जनसुराज के सामने नए उम्मीदवार श्याम नंदन यादव के साथ चुनाव अभियान को आगे बढ़ाने की चुनौती है। वहीं भूषण कुमार झा के निर्दलीय मैदान में उतरने से इस सीट पर मुकाबले में एक नया नाम जुड़ गया है।
आने वाले दिनों में नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद तिरहुत शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में उम्मीदवारों की अंतिम तस्वीर और स्पष्ट होगी।
