जमुई छात्रा मामले पर दलसिंहसराय में प्रदर्शन, CM का पुतला फूंका
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👉 WhatsApp से जुड़ेंजमुई छात्रा मामला अब दलसिंहसराय तक पहुंच गया है। जमुई छात्रा मामला को लेकर मंगलवार को आरबी कॉलेज दलसिंहसराय में SFI और AISF से जुड़े छात्र नेताओं ने प्रदर्शन किया। छात्र संगठनों ने बिहार सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का पुतला दहन किया। प्रदर्शनकारियों ने छात्राओं की सुरक्षा, मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कानून के अनुसार कार्रवाई की मांग उठाई।
प्रदर्शन की शुरुआत आरबी कॉलेज के आईबी रोड स्थित मुख्य गेट से जुलूस के साथ हुई। छात्र-छात्राएं नारेबाजी करते हुए कॉलेज के तीसरे नंबर गेट तक पहुंचे, जहां सभा आयोजित की गई।
आरबी कॉलेज से निकला जुलूस, फिर हुई सभा
मंगलवार को आयोजित इस कार्यक्रम में SFI और AISF की आरबी कॉलेज इकाई के छात्र-छात्राएं शामिल हुए। जुलूस कॉलेज के मुख्य गेट से शुरू होकर तीसरे नंबर गेट तक पहुंचा।
यहां आयोजित सभा की अध्यक्षता SFI की आरबी कॉलेज इकाई के अध्यक्ष कुंदन कुमार ने की। सभा में वक्ताओं ने जमुई में 10वीं कक्षा की छात्रा और उसके साथी के साथ हुई कथित बदसलूकी को लेकर अपनी प्रतिक्रिया रखी।
प्रदर्शन के दौरान छात्र संगठनों ने छात्राओं के लिए स्कूल, कॉलेज और कोचिंग आने-जाने के दौरान सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराने की मांग की।
छात्र नेताओं ने सुरक्षा को लेकर क्या कहा?
SFI कॉलेज इकाई के अध्यक्ष कुंदन कुमार ने कहा कि महिलाओं और छात्राओं की सुरक्षा को लेकर प्रशासन को प्रभावी कदम उठाने चाहिए। उन्होंने जमुई मामले में दोषियों के खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई की मांग की।
उन्होंने कहा कि छात्राओं को पढ़ाई के लिए घर से निकलते समय सुरक्षित वातावरण मिलना जरूरी है। स्कूल, कॉलेज और कोचिंग संस्थानों के आसपास सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की जरूरत पर भी उन्होंने जोर दिया।
AISF के बेगूसराय जिला सचिव सत्यम भारद्वाज ने कानून-व्यवस्था से जुड़े सवाल उठाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। उनके अनुसार, जांच के बाद दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।
वहीं SFI कॉलेज इकाई के सचिव मोनू कुमार ने कहा कि छात्राओं की सुरक्षा को लेकर प्रशासन और सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने पीड़िता को न्याय दिलाने और छात्राओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग दोहराई।
जमुई में क्या हुआ था?
प्रदर्शन का कारण जमुई में 19 सितंबर को सामने आई एक घटना है। पुलिस और मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, कोचिंग से लौट रहे कक्षा 10 के एक छात्र और छात्रा को कुछ युवकों ने सड़क पर रोककर कथित तौर पर बदसलूकी और मारपीट की थी।
घटना से जुड़ा वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद मामला चर्चा में आया। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई शुरू की और मामले में FIR दर्ज कर जांच के लिए विशेष टीम गठित की।
रिपोर्टों के अनुसार, पुलिस ने मामले में कई आरोपितों को पकड़ा है। पुलिस कार्रवाई अभी जारी है और घटना से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
यहां यह स्पष्ट करना जरूरी है कि घटना में शामिल लोगों के खिलाफ आरोपों का अंतिम निर्धारण जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगा।
छात्र संगठनों की मुख्य मांगें क्या हैं?
प्रदर्शन के दौरान छात्र नेताओं ने कई मांगें सामने रखीं। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं—
- छात्राओं की सुरक्षा के लिए शिक्षण संस्थानों के आसपास बेहतर व्यवस्था।
- स्कूल, कॉलेज और कोचिंग जाने वाली छात्राओं के लिए सुरक्षित वातावरण।
- जमुई मामले की निष्पक्ष जांच।
- दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई।
- महिलाओं और नाबालिगों से जुड़े मामलों में त्वरित कार्रवाई।
- पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए प्रभावी कानूनी प्रक्रिया।
- ऐसे मामलों की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रशासनिक स्तर पर ठोस कदम।
छात्र नेताओं ने कहा कि छात्राओं की सुरक्षा केवल किसी एक घटना के बाद उठाया जाने वाला मुद्दा नहीं होना चाहिए, बल्कि इसे लगातार प्रशासनिक प्राथमिकता मिलनी चाहिए।
प्रदर्शन में कौन-कौन रहे मौजूद?
कार्यक्रम में SFI और AISF से जुड़े कई छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया। प्रदर्शन के दौरान ऋषिकेश कुमार, आलोक कुमार, राजकुमार, कन्हैया कुमार, शांतनु कुमार, राहुल कुमार, सिद्धार्थ, भास्कर, सचिन यादव, रोशन कुमार, रोहित कुमार, अमित यादव, दुर्गेश कुमार, सुमित कुमार, साकेत कुमार और निशांत कुमार सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
सभा के अंत में प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का पुतला दहन किया। यह कार्रवाई छात्र संगठनों के राजनीतिक विरोध के तौर पर की गई।
जमुई मामले पर कई जगह विरोध
जमुई की घटना को लेकर केवल दलसिंहसराय में ही प्रदर्शन नहीं हुआ है। अलग-अलग छात्र और सामाजिक संगठनों ने भी विरोध दर्ज कराया है और छात्राओं तथा महिलाओं की सुरक्षा को लेकर प्रशासन से कार्रवाई की मांग की है।
इस बीच जमुई पुलिस की जांच भी आगे बढ़ रही है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, पुलिस ने मामले में कई आरोपितों को गिरफ्तार किया है और अन्य संदिग्धों की तलाश जारी है।
फिलहाल दलसिंहसराय में हुए प्रदर्शन के जरिए SFI और AISF ने छात्राओं की सुरक्षा तथा जमुई मामले में कार्रवाई का मुद्दा उठाया है। आगे इन मांगों पर प्रशासन की ओर से क्या कदम उठाए जाते हैं, इस पर नजर रहेगी।
