जमुई एनकाउंटर पर भड़के तेजस्वी यादव, बोले- 7-8 को फांसी हो

📌 पटना और बिहार के सभी ज़िलों की ताज़ा ख़बरें सीधे अपने मोबाइल पर पाएं!

👉 WhatsApp से जुड़ें


 बिहार के जमुई में नाबालिग छात्रा से कथित बदसलूकी के मामले में मुख्य आरोपी नंदन यादव के पुलिस मुठभेड़ में घायल होने के बाद सियासत गरमा गई है। जमुई एनकाउंटर को लेकर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने बिहार सरकार और कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि घटना में शामिल आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए और अपराधियों की पहचान धर्म या जाति के आधार पर नहीं होनी चाहिए। तेजस्वी यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में जमुई की घटना को शर्मनाक बताया। उन्होंने वायरल वीडियो का जिक्र करते हुए कहा कि ऐसी घटना से बिहार की छवि प्रभावित होती है।

तेजस्वी बोले- 7-8 आरोपियों को फांसी की सजा मिलनी चाहिए

तेजस्वी यादव ने कहा कि इस मामले में शामिल सभी आरोपियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। उनके मुताबिक अपराध की गंभीरता को देखते हुए दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए। रिपोर्टों के अनुसार, तेजस्वी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में करीब 7-8 आरोपियों को फांसी की सजा देने की बात कही। उन्होंने यह भी कहा कि आरोपी किसी भी जाति या धर्म से संबंधित हो, अपराध के मामले में यह आधार नहीं होना चाहिए। तेजस्वी ने कहा कि कार्रवाई ऐसी होनी चाहिए जिससे भविष्य में कोई व्यक्ति इस तरह की घटना को अंजाम देने से पहले कानून का डर महसूस करे। उनका बयान ऐसे समय आया है, जब नंदन यादव के पुलिस मुठभेड़ में घायल होने की खबर सामने आई है।

बिहार में महिला सुरक्षा पर सरकार से पूछा सवाल

तेजस्वी यादव ने इस मामले को केवल जमुई तक सीमित नहीं रखा। उन्होंने बिहार में महिलाओं और लड़कियों की सुरक्षा को लेकर सरकार से सवाल किए। उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में अलग-अलग घटनाओं से जुड़ी अखबार की कतरनें दिखाईं और दावा किया कि राज्य के विभिन्न हिस्सों से अपराध, हत्या और लड़कियों से बदसलूकी की खबरें लगातार सामने आ रही हैं। तेजस्वी ने सरकार से पूछा कि इन घटनाओं में पुलिस ने क्या कार्रवाई की और कार्रवाई का परिणाम क्या रहा। उन्होंने कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। यह आरोप विपक्ष की ओर से सरकार पर लगाया गया राजनीतिक दावा है। दूसरी ओर, पुलिस इस विशेष जमुई मामले में आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी की कार्रवाई कर रही है।

वायरल वीडियो के बाद सामने आया जमुई का मामला

जमुई की घटना का मामला सोशल मीडिया पर वीडियो सामने आने के बाद चर्चा में आया। रिपोर्टों के मुताबिक घटना 19 सितंबर को हुई थी और इसमें 10वीं कक्षा में पढ़ने वाली नाबालिग छात्रा तथा उसके साथी के साथ कथित बदसलूकी की गई थी। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने आरोपियों की पहचान शुरू की। मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष जांच टीम गठित की गई और आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया गया। पुलिस की ओर से सामने आई जानकारी के अनुसार, जांच के दौरान कई आरोपियों को पकड़ा गया। मुख्य आरोपी नंदन यादव तक पहुंचने के लिए पुलिस ने तकनीकी और अन्य साक्ष्यों का इस्तेमाल किया।

नंदन यादव पुलिस मुठभेड़ में कैसे घायल हुआ?

पुलिस के मुताबिक नंदन यादव को पकड़ने के बाद जांच के सिलसिले में घटनास्थल से जुड़े इलाके में ले जाया गया था। इसी दौरान उसके भागने और पुलिस पर हमला करने की कोशिश की बात सामने आई। पुलिस के अनुसार जवाबी कार्रवाई में नंदन यादव के पैर में गोली लगी। इसके बाद उसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया और उसकी गिरफ्तारी की गई। इस घटनाक्रम की पुष्टि पुलिस अधिकारियों की ओर से किए जाने की रिपोर्ट है। मामले में दूसरे आरोपी हरेराम यादव के घायल होने की भी रिपोर्ट सामने आई है। पुलिस अब पूरे मामले में अन्य आरोपियों की भूमिका और घटनाक्रम से जुड़े सबूतों की जांच कर रही है।

जीतन राम मांझी ने भी तेजस्वी पर साधा निशाना

नंदन यादव के पुलिस मुठभेड़ में घायल होने के बाद इस मामले पर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई। केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए तेजस्वी यादव पर तंज कसा। मांझी के बयान में तेजस्वी के राजनीतिक संदर्भ को लेकर टिप्पणी की गई और कहा गया कि सरकार की कार्रवाई पर उन्हें प्रतिक्रिया देनी चाहिए। इस बयान के बाद जमुई मामला राजनीतिक बहस का भी हिस्सा बन गया। हालांकि, जमुई मामले में पुलिस की जांच अभी जारी है। इसलिए आरोपियों की भूमिका और अंतिम कानूनी स्थिति का निर्धारण जांच तथा अदालत की प्रक्रिया के बाद ही होगा।

अब आगे क्या होगा?

जमुई मामले में पुलिस की जांच का अगला फोकस बाकी आरोपियों की पहचान, उनकी भूमिका और उपलब्ध डिजिटल साक्ष्यों को जोड़ने पर है। पुलिस वीडियो तथा अन्य साक्ष्यों के आधार पर घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ रही है। वहीं, तेजस्वी यादव के बयान के बाद महिला सुरक्षा और बिहार की कानून-व्यवस्था का मुद्दा एक बार फिर राजनीतिक चर्चा में है। सरकार और विपक्ष के बयानों के बीच इस मामले में जांच की प्रगति और अदालत की कार्रवाई पर नजर रहेगी।

🛍️ ऑनलाइन शॉपिंग करें
Amazon, Flipkart, Myntra और AJIO पर खरीदारी करें
यहाँ से खरीदारी करने पे एक्स्ट्रा डिस्काउंट मिल सकता है।
Next Post Previous Post
"ताज़ा ख़बरें पाएं"
1