कौन हैं IPS भानुप्रताप सिंह? प्रेम विवाह से थाने तक पहुंचा विवाद

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बिहार के खगड़िया के IPS भानुप्रताप सिंह और उनकी पत्नी पूजा के बीच चल रहा पारिवारिक विवाद अब राजस्थान के भरतपुर तक पहुंच गया है। IPS भानुप्रताप सिंह की पत्नी पूजा ने मथुरा गेट थाने पहुंचकर पति और ससुराल पक्ष पर अपनी छह साल की बेटी को उनसे दूर करने का आरोप लगाया है। मामले को लेकर राजस्थान से बिहार तक चर्चा हो रही है। हालांकि, आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और पुलिस की ओर से कानूनी प्रक्रिया के अनुसार आगे कार्रवाई की बात कही गई है।

भरतपुर थाने तक कैसे पहुंचा मामला?

रिपोर्टों के मुताबिक, पूजा बिहार से राजस्थान के भरतपुर पहुंचीं। उनका आरोप है कि उन्हें जानकारी मिली थी कि उनके पति अपनी बेटी के साथ भरतपुर में हैं।

इसके बाद वह गीता कॉलोनी स्थित अपने ससुराल पहुंचीं। उनका कहना है कि काफी प्रयास के बावजूद घर का दरवाजा नहीं खोला गया। इसके बाद वह अपनी ननद के घर भी गईं, लेकिन वहां से भी उन्हें कथित तौर पर मदद नहीं मिली।

इसके बाद पूजा मथुरा गेट थाने पहुंचीं और पुलिस से शिकायत की। मामला पारिवारिक विवाद से जुड़ा होने के कारण पुलिस ने तत्काल किसी निष्कर्ष पर पहुंचने के बजाय कानूनी प्रक्रिया के तहत आगे बढ़ने की बात कही।

कौन हैं IPS भानुप्रताप सिंह?

भानुप्रताप सिंह बिहार कैडर के IPS अधिकारी हैं और फिलहाल खगड़िया के पुलिस अधीक्षक हैं। खगड़िया जिला प्रशासन की आधिकारिक वेबसाइट भी उन्हें Superintendent of Police के पद पर दर्ज करती है।

जून 2026 में बिहार सरकार ने 27 IPS अधिकारियों के बड़े प्रशासनिक फेरबदल में भानुप्रताप सिंह को पटना सिटी एसपी (पश्चिम) से खगड़िया का एसपी बनाया था। उन्होंने खगड़िया में पदभार संभालने के बाद कानून-व्यवस्था और अपराध नियंत्रण को लेकर कई स्तरों पर कार्रवाई की।

उनका पुलिस करियर भी लगातार चर्चा में रहा है। प्रशिक्षण के बाद उन्हें मुजफ्फरपुर में टाउन एएसपी की जिम्मेदारी मिली थी। बाद में वह दानापुर में भी एएसपी रहे और जून 2025 में उन्हें पटना सिटी एसपी (पश्चिम) की जिम्मेदारी दी गई।


UPSC में सफलता से जुड़ी क्या जानकारी है?

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार भानुप्रताप सिंह मूल रूप से उत्तर प्रदेश से हैं और उन्होंने हिंदी साहित्य की पढ़ाई की है। उनके बारे में प्रकाशित प्रोफाइल रिपोर्टों में यूपी पीसीएस और यूपीएससी परीक्षा में सफलता का उल्लेख मिलता है।

एक जरूरी तथ्य यह है कि कुछ रिपोर्टों में उन्हें 2020 बैच का बताया गया है, लेकिन उपलब्ध आधिकारिक/विश्वसनीय सेवा रिकॉर्ड आधारित रिपोर्टों में उनका बैच 2021 बताया गया है। जून 2025 के बिहार कैडर फेरबदल की रिपोर्टों में भी उन्हें 2021 बैच का IPS अधिकारी बताया गया था।

इसलिए उनके बैच को लेकर प्रकाशित अलग-अलग दावों के बजाय 2021 बैच की जानकारी अधिक पुष्ट दिखाई देती है।

2015 में हुई थी प्रेम शादी की बात

पूजा के अनुसार, दोनों की मुलाकात वर्ष 2015 में एक कार्यक्रम के दौरान हुई थी। इसके बाद दोनों ने परिवार की इच्छा के खिलाफ जाकर प्रेम विवाह किया।

पूजा का कहना है कि शादी के शुरुआती वर्षों में दोनों ने संघर्ष के दौर का सामना किया। उन्होंने भरतपुर के एक निजी स्कूल में शिक्षिका के तौर पर काम किया और परिवार को सहयोग दिया।

इसी दौरान भानुप्रताप सिंह ने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी जारी रखी और बाद में भारतीय पुलिस सेवा में चयनित हुए। रिपोर्टों में यह भी बताया गया है कि शादी के बाद दोनों के रिश्ते में बदलाव आया और अब मामला बेटी की देखभाल तथा पारिवारिक विवाद तक पहुंच गया है।

पत्नी पूजा ने क्या आरोप लगाए?

पूजा ने अपने पति और ससुराल पक्ष पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका मुख्य दावा है कि उनकी छह साल की बेटी को उनसे दूर रखा जा रहा है और उन्हें बच्ची से मिलने में परेशानी हो रही है।

इससे पहले भी पूजा की ओर से मानसिक प्रताड़ना और बेटी से अलग किए जाने जैसे आरोप सामने आए हैं। कुछ मीडिया रिपोर्टों में उनके द्वारा पटना स्थित IPS मेस में कमरे में बंद किए जाने सहित अन्य गंभीर दावे भी प्रकाशित हुए हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

ऐसे मामलों में किसी एक पक्ष के आरोपों को अंतिम सत्य मानना उचित नहीं है। विवाद में दूसरे पक्ष का जवाब और जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकती है।

पुलिस ने IPS अधिकारी से भी की बात

भरतपुर के मथुरा गेट थाने में शिकायत पहुंचने के बाद पुलिस ने भानुप्रताप सिंह से फोन पर बातचीत की। रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करने के बजाय कानूनी प्रक्रिया और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर आगे बढ़ने की बात कही।

फिलहाल इस पूरे मामले का केंद्र परिवार के बीच चल रहा विवाद और छह साल की बच्ची को लेकर सामने आई कस्टडी की चिंता है।

अब आगे क्या होगा?

मामले में आगे की दिशा पुलिस की जांच और दोनों पक्षों के सामने आने वाले बयानों पर निर्भर करेगी। यदि कोई औपचारिक शिकायत या कानूनी कार्रवाई आगे बढ़ती है तो संबंधित एजेंसियां तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर निर्णय लेंगी।

भानुप्रताप सिंह फिलहाल खगड़िया के एसपी के पद पर कार्यरत हैं और जिला प्रशासन की आधिकारिक वेबसाइट पर भी उनका नाम इसी पद के साथ दर्ज है।

इस पूरे विवाद ने इसलिए भी ज्यादा ध्यान खींचा है क्योंकि इसमें एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी का निजी पारिवारिक मामला सार्वजनिक चर्चा में आया है। हालांकि, मामले के अंतिम निष्कर्ष से पहले सभी आरोपों को केवल आरोप के रूप में देखना ही उचित होगा।

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