भरतपुर से खगड़िया SP तक का सफर: कौन हैं IPS भानु प्रताप जिन पर पत्नी ने लगाए गंभीर आरोप?
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बिहार के खगड़िया जिले के पुलिस अधीक्षक (एसपी) इन दिनों अपनी निजी जिंदगी को लेकर सुर्खियों में हैं। सोशल मीडिया से लेकर हर न्यूज़ पोर्टल पर IPS भानु प्रताप की लव स्टोरी चर्चा का विषय बनी हुई है। यह कहानी किसी बॉलीवुड फिल्म या हाल ही में आई फिल्म '12th फेल' से कम नहीं है।
पत्नी पूजा के अनुसार, उनकी IPS भानु प्रताप की लव स्टोरी बेइंतहा प्यार, त्याग, कड़े संघर्ष और अब एक गहरे विवाद का एक दर्दनाक मिश्रण बन चुकी है। एक समय था जब दोनों ने समाज और परिवार की परवाह किए बिना एक-दूसरे का हाथ थामा था। लेकिन आज, सफलता के शिखर पर पहुंचने के बाद, यह रिश्ता टूटने की कगार पर खड़ा है।
इस पूरे मामले में आईपीएस की पत्नी पूजा ने अपने पति पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। मारपीट से लेकर मानसिक प्रताड़ना और बच्चे को दूर करने तक की बातें सामने आई हैं। आइए विस्तार से जानते हैं इस पूरी कहानी का हर एक पहलू।
एक नज़र में पूरी कहानी
पति: आईपीएस भानु प्रताप सिंह (वर्तमान एसपी, खगड़िया)
पत्नी: पूजा (कोलकाता की रहने वाली, ब्राह्मण परिवार)
पहली मुलाकात: साल 2015, कोलकाता के एक पारिवारिक समारोह में
शादी की तारीख: 16 जनवरी 2017 (परिवार के खिलाफ जाकर)
आईपीएस में चयन: साल 2020
विवाद का कारण: पति द्वारा प्रताड़ना, मारपीट और बेटी को दूर करने का आरोप
हर प्रेम कहानी की एक शुरुआत होती है। इस कहानी की शुरुआत साल 2015 में पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता से हुई। आईपीएस भानु प्रताप मूल रूप से उत्तर प्रदेश के एक जाट परिवार से ताल्लुक रखते हैं। उनके पिता भारतीय सेना में कार्यरत थे।
वहीं, पूजा कोलकाता के एक पारंपरिक ब्राह्मण परिवार से आती हैं। पूजा के मौसा जी भी फौज में थे और भानु उनके मौसा के दोस्त के बेटे हैं। इसी पहचान के चलते दोनों की पहली मुलाकात कोलकाता में आयोजित एक फैमिली फंक्शन में हुई थी।
पूजा बताती हैं कि पहली ही नजर में भानु उन्हें पसंद करने लगे थे। उस समारोह में दोनों के बीच परिचय हुआ और काफी लंबी बातचीत चली। इसी बातचीत के दौरान भानु ने अपने जीवन के सबसे बड़े सपने का जिक्र किया था।
उन्होंने पूजा को बताया कि वह सिविल सर्विस की तैयारी करना चाहते हैं और देश का एक होनहार आईपीएस अफसर बनना उनका एकमात्र लक्ष्य है। पूजा को भानु का यह जज्बा और ईमानदारी बेहद पसंद आई। समारोह खत्म होने के बाद भानु अपने घर लौट गए, लेकिन दिलों के तार जुड़ चुके थे।
जब बातचीत प्यार में बदल गई
फोन पर बातचीत का सिलसिला शुरू हो गया। दोनों घंटों एक-दूसरे से अपने सपनों और भविष्य के बारे में बात करते थे। भानु ने फोन पर ही कई बार पूजा से अपने प्यार का इजहार किया।
धीरे-धीरे यह दोस्ती एक गहरे प्यार में बदल गई। दोनों को यह एहसास भी नहीं हुआ कि कब उन्होंने एक साथ पूरी जिंदगी बिताने का फैसला कर लिया। लेकिन उनके प्यार की राह इतनी आसान नहीं थी।
भारत में आज भी अलग जाति और अलग क्षेत्र में शादी करना एक बड़ी चुनौती है। यूपी का जाट परिवार और कोलकाता का ब्राह्मण परिवार, दोनों के बीच संस्कृति और रहन-सहन का बहुत बड़ा अंतर था। जब दोनों ने अपने-अपने परिवारों को इस रिश्ते के बारे में बताया, तो कड़ा विरोध शुरू हो गया।
परिवार के खिलाफ जाकर प्यार के लिए उठाया बड़ा कदम
पूजा का परिवार इस रिश्ते के सख्त खिलाफ था। पूजा के बड़े भाई ने इस रिश्ते का सबसे ज्यादा विरोध किया। इसी बीच, पूजा के परिवार वालों ने उनके लिए एक डॉक्टर लड़के का रिश्ता तय कर दिया, जो बेंगलुरु से उन्हें देखने आने वाला था।
परिवार का दबाव पूजा पर बढ़ता जा रहा था। जब पूजा ने यह बात भानु को बताई, तो भानु थोड़े परेशान हुए। उस वक्त भानु सिर्फ एक सिविल सर्विस एस्पिरेंट थे। उनके पास कोई नौकरी नहीं थी और भविष्य अनिश्चित था।
भानु ने पूजा से कहा, "अगर तुम किसी और से शादी कर लोगी, तो मैं तुम्हारे बिना कैसे रह पाऊंगा? हम शादी जरूर करेंगे। अगर तुम्हारे घरवाले नहीं मान रहे हैं, तो तुम ट्रेन पकड़कर मेरे पास आ जाओ।" प्यार में डूबी पूजा के लिए यह एक बहुत बड़ा फैसला था।
हावड़ा-जोधपुर एक्सप्रेस और एक नया सफर
पूजा ने अपने परिवार, अपनी सुख-सुविधाओं और अपने सपनों को पीछे छोड़ने का मन बना लिया। उन्होंने घरवालों से झूठ बोला कि वह एक दोस्त की पार्टी में जा रही हैं।
इसके बाद पूजा ने हावड़ा-जोधपुर एक्सप्रेस पकड़ी और सीधे राजस्थान के भरतपुर पहुंच गईं, जहां भानु रहकर पढ़ाई कर रहे थे। भरतपुर पहुंचकर पूजा ने अपनी मां को फोन किया और पूरी सच्चाई बताई।
उस वक्त भानु ने भी पूजा की मां से फोन पर बात की और उन्हें भरोसा दिलाया। भानु ने कहा था, "आप पूजा की चिंता मत कीजिए, मैं उसे कभी दुख नहीं दूंगा और उसका साथ कभी नहीं छोडूंगा।"
आखिरकार 16 जनवरी 2017 को दोनों ने शादी कर ली। इस शादी में पूजा की तरफ से सिर्फ उनकी मां और मौसी का परिवार शामिल हुआ था।
संघर्ष के दिन: पत्नी ने घर चलाने के लिए की नौकरी
शादी के बाद असली संघर्ष की शुरुआत हुई। भानु और पूजा भरतपुर में ही एक किराए का कमरा लेकर रहने लगे। भानु की बहन की शादी भी भरतपुर में हुई थी।
भानु को सिर्फ अपनी पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित करना था। ऐसे में घर खर्च चलाने की पूरी जिम्मेदारी पूजा ने अपने कंधों पर ले ली। पूजा ने भरतपुर के ही सेंट पीटर्स स्कूल में पढ़ाना शुरू कर दिया।
उस समय पूजा को महज 17 हजार रुपये महीने की तनख्वाह मिलती थी। इसी छोटी सी रकम में दोनों अपना घर चलाते थे, भानु की पढ़ाई का खर्च निकालते थे और अपनी जरूरतें पूरी करते थे। पूजा बताती हैं कि वह कभी 100-150 रुपये वाले साधारण वॉलेट से अपना गुजारा कर लिया करती थीं।
"मैं अपना गहना बेच दूंगी, तुम बस पढ़ाई करो"
पूजा की दिनचर्या बेहद कठिन थी। वह सुबह 4 बजे उठकर घर का सारा काम करती थीं। भानु के लिए खाना बनाती थीं और फिर स्कूल पढ़ाने जाती थीं। स्कूल से लौटकर फिर से खाना बनाना, कपड़े धोना और घर संभालना उनकी रूटीन में शामिल था।
उन्होंने ये सब इसलिए किया ताकि भानु का समय बर्बाद न हो और वह पूरी लगन से पढ़ाई कर सकें। दोनों हमेशा साथ रहते थे। यहां तक कि पूजा के कहने पर भानु उनके साथ जिम भी जाने लगे थे ताकि एक आईपीएस अफसर जैसी पर्सनैलिटी बन सके।
बाद में बेहतर तैयारी के लिए भानु दिल्ली के मुखर्जी नगर चले गए। मुखर्जी नगर का खर्च उठाना आसान नहीं था। भानु कई बार निराश हो जाते थे। जब इंटरव्यू में उनका चयन नहीं हुआ, तो उन्होंने पूजा से अपनी हताशा जाहिर की।
उस वक्त एक मजबूत पत्नी की तरह पूजा ने कहा था, "आप इंटरव्यू देने जाइए, अगर पैसों की जरूरत पड़ी तो मैं अपनी शादी के गहने बेच दूंगी। आप आईपीएस बन जाएंगे तो हम फिर से गहने बनवा लेंगे।"
मुखर्जी नगर में चोरी हुआ फोन और फिर मिली सफलता
दिल्ली के मुखर्जी नगर में भानु के साथ एक हादसा भी हुआ। वहां पहुंचते ही उनका मोबाइल फोन चोरी हो गया। पूजा को जब यह खबर मिली तो वह बेहद डर गई थीं।
भानु किसी तरह 6 अन्य लड़कों के साथ एक छोटे से कमरे में रहकर तैयारी करते रहे। पूजा उनके दोस्तों को फोन करके भानु का हालचाल लेती थीं।
और फिर वह दिन आ ही गया जिसका दोनों को बेसब्री से इंतजार था। साल 2020 में भानु का मैसेज आया कि उनका चयन आईपीएस के लिए हो गया है। यह खबर सुनते ही दोनों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। दोनों खुशी से रो पड़े थे।
भानु हमेशा यह मानते थे और खुले तौर पर कहते भी थे कि वह आज जो भी हैं, सिर्फ पूजा की वजह से हैं। 2019 के एक मॉक इंटरव्यू में भी भानु ने कहा था कि अपनी शादी के दिन को वह जिंदगी का सबसे खूबसूरत पल मानते हैं।
आखिर IPS भानु प्रताप की लव स्टोरी में क्यों आई दरार?
सफलता मिलने के बाद जिंदगी ने एक अलग ही मोड़ ले लिया। साल 2020 में ही दोनों के घर एक बेटी का जन्म हुआ। पूजा ने अपनी बेटी की परवरिश के लिए अपनी नौकरी भी छोड़ दी थी।
भानु ट्रेनिंग के लिए शिमला चले गए और पूजा बेटी को लेकर कोलकाता अपनी मां के पास आ गईं। करीब 1 साल 7 महीने बाद दोनों की दोबारा मुलाकात हुई। सब कुछ सामान्य लग रहा था, लेकिन अंदर ही अंदर रिश्ते में खटास आनी शुरू हो गई थी।
आज, खगड़िया एसपी के पद पर तैनात भानु प्रताप और पूजा का रिश्ता गंभीर विवादों में घिर चुका है। पूजा का आरोप है कि उनके पति अब उनके साथ बुरा बर्ताव कर रहे हैं।
बेटी से दूरी और मानसिक प्रताड़ना का आरोप
पूजा ने मीडिया को दिए इंटरव्यू में बताया कि उनके साथ मारपीट की गई और उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया। सबसे बड़ा दर्द जो पूजा बयान करती हैं, वह है अपनी 6 साल की बेटी से दूरी।
पूजा का आरोप है कि भानु ने उनकी बेटी को उनसे दूर कर दिया है। इसके अलावा, पूजा ने दावा किया है कि पटना स्थित आईपीएस मेस में उन्हें एक कमरे में बाहर से ताला लगाकर बंद कर दिया गया था।
तनाव के बाद उठाया खौफनाक कदम
इस पारिवारिक कलह और बेटी से अलग होने के गम ने पूजा को मानसिक रूप से तोड़ दिया। अत्यधिक तनाव में आकर उन्होंने एक बड़ा कदम उठा लिया।
करीब छह दिन पहले, हताशा में आकर पूजा ने फिनाइल पी लिया। उनकी हालत बिगड़ने पर उन्हें तुरंत पटना के आईजीआईएमएस (IGIMS) अस्पताल में भर्ती कराया गया। फिलहाल उनकी हालत में सुधार है, लेकिन उनके दिल का दर्द कम नहीं हुआ है।
अस्पताल से लौटने के बाद भी जब पूजा अपनी बेटी से मिलने गईं, तो बेटी उनके पास नहीं आई। पूजा के मुताबिक, उनकी बेटी ने कहा कि "पापा कहते हैं कि मम्मी तुम्हें जहर देकर मार देगी।" यह सुनकर एक मां का दिल पूरी तरह से टूट गया।
1 करोड़ का ऑफर और पूजा की मांग
पूजा का दावा है कि भानु के परिवार वालों ने उन्हें इस रिश्ते से बाहर निकलने के लिए 1 करोड़ रुपये का ऑफर दिया है। लेकिन पूजा का कहना है कि उन्हें पैसे नहीं चाहिए।
पूजा सवाल करती हैं, "मैं उन्हें क्यों छोड़ूं? मेरी उनसे शादी हुई है। मुझे बस इस बात की चिंता है कि मेरी बेटी बिना मां के कैसे रहेगी।" पूजा के परिवार (खासकर उनके भाई) ने आज भी उनसे रिश्ता तोड़ा हुआ है। उनके भाई आज भी उनसे बात नहीं करते।
इन तमाम दुखों और प्रताड़ना के बावजूद, पूजा अपने पति के खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई (FIR) नहीं चाहती हैं। उनकी बस एक ही मांग है- वह अपने पति और अपनी बेटी के साथ एक सामान्य पारिवारिक जीवन जीना चाहती हैं।
पूजा आज भी कहती हैं, "मुझे यकीन है कि मेरा पति ईमानदार है। मैं उसकी बहुत इज्जत करती हूं, बस मुझे समझ नहीं आ रहा कि वह ऐसा क्यों कर रहे हैं।"
क्या कभी 12th फेल जैसी प्रेरणादायक लगने वाली यह लव स्टोरी अपना सुखद अंत देख पाएगी? यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा। फिलहाल, बिहार के प्रशासनिक और पुलिस महकमे में यह पारिवारिक विवाद चर्चा का केंद्र बना हुआ है।
Source: दैनिक भास्कर रिपोर्ट (Exclusive Interview)

