CEIR पोर्टल पर चोरी हुआ मोबाइल ब्लॉक करने के लिए पुलिस का कौन सा कागज चाहिए?

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नमस्कार दोस्तों! आज के समय में मोबाइल सिर्फ बात करने का साधन नहीं, बल्कि हमारी पूरी दुनिया है। इसमें हमारा बैंक, हमारे प्राइवेट फोटो और तमाम जरूरी डाक्यूमेंट्स होते हैं। सोचिए, अगर आप पटना के किसी व्यस्त इलाके में हों या फिर बिहार के किसी भी जिले के किसी बाजार में, और अचानक आपका कीमती मोबाइल चोरी हो जाए! ऐसे में सबसे बड़ा डर फोन के जाने का नहीं, बल्कि उसके गलत इस्तेमाल का होता है।

भारत सरकार के दूरसंचार विभाग ने इस समस्या से निपटने के लिए CEIR (Central Equipment Identity Register) नाम का एक बेहतरीन पोर्टल बनाया है। इस पोर्टल की मदद से आप अपने चोरी हुए फोन को हमेशा के लिए ब्लॉक कर सकते हैं, ताकि चोर उसमें कोई भी सिम डाले, फोन काम ही न करे।

लेकिन, जब लोग अपना फोन ब्लॉक करने के लिए CEIR पोर्टल पर जाते हैं, तो वहां एक फॉर्म भरना होता है। उस फॉर्म में 'Police Complaint' (पुलिस शिकायत) अपलोड करने का एक ऑप्शन आता है। यहीं पर आकर आम आदमी अटक जाता है कि आखिर पुलिस स्टेशन से ऐसा कौन सा कागज लाना होगा जो इस पोर्टल पर मान्य हो? क्या दरोगा जी से लिखवा कर लाना होगा? क्या FIR जरूरी है?

आज एक स्थानीय पत्रकार के नाते, ग्राउंड लेवल की सच्ची जानकारी के साथ मैं आपका यह सारा कन्फ्यूजन दूर करूंगा। चलिए, एकदम आसान भाषा में समझते हैं कि CEIR पोर्टल के लिए आपको पुलिस का कौन सा कागज चाहिए और उसे कैसे हासिल करें।

CEIR पोर्टल पर मोबाइल ब्लॉक करने के लिए कौन सा कागज (Document) लगता है?

सीधे शब्दों में कहूं तो, CEIR पोर्टल को सिर्फ एक पक्का सबूत चाहिए कि आपका फोन वाकई में चोरी हुआ है या गुम हो गया है और आपने इसकी सूचना पुलिस को दे दी है। इसके लिए आप पुलिस स्टेशन से मिलने वाले इन 3 में से कोई भी एक कागज (Document) पोर्टल पर अपलोड कर सकते हैं:

1. पुलिस की ई-एफआईआर (e-FIR) या नॉर्मल FIR की कॉपी

सबसे बढ़िया और पक्का कागज होता है पुलिस की FIR (First Information Report)। अगर फोन चोरी हुआ है, तो आप ऑनलाइन बिहार पुलिस के पोर्टल पर जाकर e-FIR दर्ज कर सकते हैं। वहां से जो पीडीएफ (PDF) फाइल डाउनलोड होती है, जिसमें शिकायत नंबर (Complaint Number) लिखा होता है, वह CEIR पोर्टल पर 100% मान्य है। अगर आप थाने जाकर FIR दर्ज कराते हैं, तो थाने से मिलने वाली FIR की कॉपी (जिस पर मुहर लगी हो) भी इस्तेमाल की जा सकती है।

2. सनहा (Sanha) / गुमशुदगी की रिपोर्ट

बिहार के थानों में एक आम बात है कि अगर फोन गुम हो जाता है (चोरी नहीं, बल्कि गिर गया हो), तो पुलिस तुरंत FIR दर्ज करने के बजाय 'सनहा' (Station Diary Entry) दर्ज करती है। सनहा का मतलब है कि पुलिस ने अपनी डायरी में लिख लिया है कि आपका फोन इस तारीख और इस जगह पर गुम हो गया है। दरोगा जी या थानेदार आपको एक कागज पर उस सनहा का नंबर (Sanha Number) लिखकर और थाने की मुहर (Stamp) मार कर देते हैं।

ध्यान दें: CEIR पोर्टल पर फोन ब्लॉक करने के लिए यह 'सनहा' का कागज भी पूरी तरह से वैलिड है।

3. थाने की रिसीविंग (Receiving) वाली सादी एप्लीकेशन

कई बार थाने में बहुत भीड़ होती है या पुलिस वाले कहते हैं कि "एक सादे कागज पर आवेदन लिखकर दे दो।" ऐसे में आप एक सादे सफेद कागज पर थानाध्यक्ष (SHO) के नाम एक एप्लीकेशन लिखते हैं। उस एप्लीकेशन की एक फोटोकॉपी करा लें। पुलिस स्टेशन में जब आप वह एप्लीकेशन जमा करेंगे, तो मुंशी या ड्यूटी ऑफिसर आपकी फोटोकॉपी (दूसरी कॉपी) पर थाने की गोल मुहर मार कर, तारीख लिखकर और अपना साइन करके आपको वापस दे देगा। इसे 'रिसीविंग' कहते हैं। आप इस मुहर लगी हुई रिसीविंग की फोटो खींचकर भी CEIR पोर्टल पर अपलोड कर सकते हैं।

पुलिस कंप्लेंट कॉपी में क्या-क्या लिखा होना एकदम जरूरी है?

चाहे आप FIR अपलोड करें, सनहा अपलोड करें या मुहर लगा हुआ सादा आवेदन, उस कागज में 4 चीजें साफ-साफ लिखी होनी चाहिए। अगर ये चीजें नहीं होंगी, तो CEIR पोर्टल आपकी रिक्वेस्ट रिजेक्ट कर देगा:

  1. शिकायतकर्ता का नाम: जिसके नाम से फोन का बिल है या जो फोन चला रहा था, उसका पूरा नाम।

  2. IMEI नंबर: यह सबसे जरूरी है। आपके चोरी हुए मोबाइल का 15 अंकों का IMEI (दोनों सिम स्लॉट का) उस पुलिस शिकायत में जरूर लिखा होना चाहिए।

  3. घटना की जगह और समय: फोन पटना में चोरी हुआ, मुजफ्फरपुर में, या किसी और जिले में? किस तारीख और कितने बजे? यह साफ लिखा होना चाहिए।

  4. थाने की मुहर और साइन: अगर शिकायत ऑफलाइन है, तो थाने की मुहर (Stamp) और अधिकारी का हस्ताक्षर जरूर होना चाहिए। बिना मुहर का सादा कागज CEIR पोर्टल नहीं मानेगा। अगर e-FIR है, तो उसमें डिजिटल सिग्नेचर होता है, अलग से मुहर की जरूरत नहीं।

थाना जाने में दिक्कत हो, तो क्या करें? (सबसे आसान तरीका)

हम जानते हैं कि आम आदमी थाना जाने से बचता है। अगर आपको थाने का चक्कर नहीं काटना है, तो बिहार पुलिस ने ऑनलाइन सुविधा दे रखी है।

  • आप सीधे CCTNS बिहार (सिटिजन पोर्टल) पर जाइए।

  • वहां अपना अकाउंट बनाइए और 'Lost Property' या 'e-FIR' सेक्शन में जाकर अपने फोन चोरी की रिपोर्ट दर्ज कर दीजिए।

  • वहां से आपको तुरंत एक Acknowledgment Receipt (पावती) पीडीएफ में मिल जाएगी।

  • बस, इसी पीडीएफ को सीधा CEIR पोर्टल पर पुलिस शिकायत के रूप में अपलोड कर दीजिए। थाना जाने का झंझट ही खत्म!

Step-by-Step Guide: CEIR पोर्टल पर पुलिस का कागज कैसे अपलोड करें?

जब आपके पास थाने की मुहर लगी रिसीविंग या ऑनलाइन FIR की पीडीएफ आ जाए, तो उसके बाद आपको ये स्टेप्स फॉलो करने हैं:

स्टेप 1: सबसे पहले भारत सरकार की वेबसाइट www.ceir.gov.in पर जाएं।

स्टेप 2: होमपेज पर लाल रंग का बटन दिखेगा "Block Stolen/Lost Mobile", उस पर क्लिक करें।

स्टेप 3: अब एक फॉर्म खुलेगा। इसमें पहले अपने डिवाइस की जानकारी (मोबाइल नंबर, IMEI नंबर, ब्रांड, मॉडल) भरें। अगर आपके पास मोबाइल का बिल है, तो उसे अपलोड कर दें।

स्टेप 4: इसके बाद 'Lost Information' वाला सेक्शन आएगा। इसमें जगह, तारीख, राज्य (Bihar) और अपने जिले का नाम चुनें।

स्टेप 5 (सबसे अहम): यहीं पर आपको 'Police Complaint Number' डालना है (FIR नंबर या सनहा नंबर)। उसके ठीक बगल में 'Upload Police Complaint' का ऑप्शन होगा। वहां अपने पुलिस वाले कागज की फोटो (JPEG) या PDF अपलोड कर दें। (फाइल साइज का ध्यान रखें, वह पोर्टल की लिमिट के अंदर होना चाहिए)।

स्टेप 6: अपनी पर्सनल डिटेल्स (नाम, पता, आधार कार्ड) भरें और ओटीपी (OTP) डालकर फॉर्म सबमिट कर दें।

जैसे ही आप सबमिट करेंगे, आपको एक Request ID मिल जाएगी। कुछ ही घंटों या दिनों में जांच के बाद आपका फोन ब्लॉक कर दिया जाएगा।

क्विक इन्फो टेबल: CEIR पर मान्य पुलिस डॉक्युमेंट्स

यहाँ एक छोटी सी टेबल है ताकि आप एक नजर में समझ सकें कि क्या चलेगा और क्या नहीं:

डॉक्युमेंट का प्रकारक्या CEIR पोर्टल पर मान्य है?जरूरी शर्त
ऑनलाइन ई-एफआईआर (e-FIR)हाँ, पूरी तरह मान्य है।ऑनलाइन डिजिटल पावती होनी चाहिए।
नॉर्मल FIR (थाने वाली)हाँ, पूरी तरह मान्य है।थाने की मुहर और साइन होना चाहिए।
पुलिस सनहा (Sanha)हाँ, मान्य है।सनहा नंबर और थाने की मुहर जरूरी है।
थाने की रिसीविंग वाला आवेदनहाँ, मान्य है।सादे कागज पर थाने की गोल मुहर और रिसीविंग डेट हो।
बिना मुहर का सादा कागजबिल्कुल नहीं (रिजेक्ट हो जाएगा)।पुलिस की पुष्टि के बिना मान्य नहीं।
नोटरी या वकील का एफिडेविटनहीं।सिर्फ पुलिस की शिकायत ही मानी जाती है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

1. क्या पुलिस शिकायत (FIR) के बिना CEIR पर फोन ब्लॉक हो सकता है?

नहीं। CEIR पोर्टल सरकारी है और यह किसी के भी कहने पर फोन ब्लॉक नहीं कर सकता। कल को कोई किसी दुश्मनी में दूसरे का फोन ब्लॉक करवा दे, इसलिए पोर्टल को पुलिस की मुहर या FIR कॉपी चाहिए ही चाहिए, ताकि यह साबित हो कि शिकायत सच्ची है।

2. मेरा फोन किसी दूसरे जिले में चोरी हुआ है, क्या मैं अपने जिले के थाने से कागज बनवा सकता हूँ?

नियम के मुताबिक, घटना जिस थाना क्षेत्र में हुई है, वहीं शिकायत दर्ज होनी चाहिए। लेकिन अगर आप वापस अपने शहर आ गए हैं, तो आप ऑनलाइन बिहार पुलिस पोर्टल पर जाकर e-FIR दर्ज कर सकते हैं, या अपने नजदीकी थाने में 'जीरो एफआईआर (Zero FIR)' दर्ज करवा कर उसकी कॉपी CEIR पर लगा सकते हैं।

3. पुलिस कंप्लेंट अपलोड करते समय फाइल का साइज क्या होना चाहिए?

आमतौर पर CEIR पोर्टल पर पुलिस कंप्लेंट अपलोड करने के लिए फाइल (PDF या Image) का साइज 500 KB के अंदर होना चाहिए। अगर फोटो का साइज बड़ा है, तो उसे ऑनलाइन कंप्रेस (छोटा) कर लें।

4. मैंने एप्लीकेशन दी थी, लेकिन पुलिस ने FIR दर्ज नहीं की, सिर्फ मुहर मार कर दे दी, क्या वो काम करेगी?

जी हाँ, बिल्कुल काम करेगी। बिहार में फोन गुम होने पर अक्सर पुलिस FIR की जगह सिर्फ आपके आवेदन पर मुहर मार कर रिसीविंग (सनहा) दे देती है। CEIR पोर्टल के लिए थाने की मुहर लगा हुआ वह कागज भी पर्याप्त है।

5. फोन वापस मिल जाने पर पुलिस का कौन सा कागज लगेगा?

अगर आपका फोन वापस मिल जाता है, तो उसे पोर्टल पर जाकर "Unblock" करना होता है। इसके लिए आपको कोई नया पुलिस का कागज नहीं चाहिए। बस अपनी वही पुरानी Request ID और मोबाइल नंबर डालना होगा जो आपने ब्लॉक करते समय इस्तेमाल किया था।

चलते-चलते

भाइयों, फोन चोरी होने पर घबराना नहीं है। बस यह समझना है कि हमारा सिस्टम कैसे काम करता है। चाहे आप बिहार के किसी भी कोने में हों, आपको बस इतना याद रखना है कि CEIR पोर्टल पर फोन ब्लॉक करवाने के लिए थाने की मुहर लगा हुआ कोई भी शिकायत पत्र (एफआईआर, सनहा, या रिसीविंग) पूरी तरह से काम करेगा। सबसे अच्छा और आसान तरीका यही है कि आप ऑनलाइन e-FIR कर लें, ताकि आपको पुलिस स्टेशन के चक्कर ही न लगाने पड़ें।

अपने फोन का IMEI नंबर हमेशा कहीं सुरक्षित डायरी में लिखकर रखें। यह जानकारी आपके बहुत काम की है। इसे सिर्फ अपने तक न रखें, बल्कि अपने दोस्तों, परिवार के व्हाट्सएप ग्रुप और फेसबुक पर भी जरूर शेयर करें ताकि अगर किसी के साथ ऐसी घटना हो, तो वह बिना भटके सही कदम उठा सके और चोरों के मंसूबों पर पानी फेर सके। सुरक्षित रहिए, जागरूक रहिए!

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